नीति आयोग पुनर्गठित: PM मोदी ने लाहिड़ी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया, बोले — नीति-निर्माण का अहम स्तंभ

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नीति आयोग पुनर्गठित: PM मोदी ने लाहिड़ी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया, बोले — नीति-निर्माण का अहम स्तंभ

सारांश

PM मोदी ने नीति आयोग का पुनर्गठन करते हुए अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष और 5 नए पूर्णकालिक सदस्यों को नियुक्त किया। मोदी ने कहा — नीति आयोग नीति-निर्माण का अहम स्तंभ बन चुका है और विकसित भारत के लक्ष्य में यह संस्था निर्णायक भूमिका निभाएगी।

Key Takeaways

  • नीति आयोग का पुनर्गठन 25 अप्रैल 2025 को किया गया, जिसमें नए उपाध्यक्ष और 5 पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त हुए।
  • डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष बनाया गया, जो भारत के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं।
  • नए पूर्णकालिक सदस्यों में राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास शामिल हैं।
  • पीएम मोदी ने कहा कि नीति आयोग सहकारी संघवाद, सुधार और 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
  • लाहिड़ी का अनुभव विश्व बैंक, IMF, एशियाई विकास बैंक और बंधन बैंक तक फैला हुआ है।
  • यह पुनर्गठन 'विकसित भारत 2047' के दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया गया है।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2025प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह संस्था भारत की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनकर उभरी है। उन्होंने डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर बधाई दी और पाँच नए पूर्णकालिक सदस्यों के नामों की भी जानकारी दी।

नीति आयोग पुनर्गठन: कौन बने नए सदस्य?

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है। उन्होंने राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को पूर्णकालिक सदस्य बनने पर बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने इन सभी नवनियुक्त सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे प्रभावी और परिणामोन्मुखी कार्यकाल पूरा करेंगे तथा देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया को और अधिक गतिशील बनाएंगे।

नीति आयोग की भूमिका और महत्व

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि नीति आयोग सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, आर्थिक एवं सामाजिक सुधारों को गति देने और 'ईज ऑफ लिविंग' यानी जीवन की सुगमता सुनिश्चित करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह संस्था अलग-अलग क्षेत्रों में नवाचार और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य कर रही है। नीति आयोग को योजना आयोग की जगह जनवरी 2015 में गठित किया गया था और तब से यह राज्यों के साथ मिलकर नीतियाँ बनाने का केंद्र बना हुआ है।

अशोक कुमार लाहिड़ी: कौन हैं नए उपाध्यक्ष?

डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखते हैं। वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। इसके अलावा वे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं।

उन्हें विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भी काम करने का अनुभव है। कोलकाता के प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लाहिड़ी वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालुरघाट सीट का प्रतिनिधित्व भी करते हैं।

पीएम मोदी ने लाहिड़ी से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और कहा कि उनका व्यापक अनुभव भारत में आर्थिक सुधारों को और मजबूती देगा तथा 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगा।

ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि नीति आयोग का यह पुनर्गठन ऐसे समय में हुआ है जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इससे पहले सुमन बेरी नीति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर थे। लाहिड़ी की नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि राजकोषीय नीति, कृषि सुधार और सामाजिक क्षेत्र में नए विचारों को बल मिलेगा।

नीति आयोग के नए ढाँचे के साथ अब यह देखना होगा कि केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत समन्वय किस दिशा में जाता है। आने वाले महीनों में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इन नए सदस्यों की भूमिका अहम होगी।

Point of View

जिसे आलोचक अक्सर 'दाँत-नाखून विहीन' संस्था बताते हैं, नए नेतृत्व में वास्तविक नीतिगत बदलाव ला पाएगा या यह पुनर्गठन केवल प्रतीकात्मक रहेगा? जमीनी असर तब दिखेगा जब गवर्निंग काउंसिल की अगली बैठक में राज्यों के साथ ठोस एजेंडा सामने आए।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

नीति आयोग का पुनर्गठन क्यों किया गया?
सरकार ने नीति आयोग को नई नीतिगत चुनौतियों और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुनर्गठित किया है। नए सदस्यों की नियुक्ति से अर्थव्यवस्था, विज्ञान और सार्वजनिक नीति में विशेषज्ञता को बल मिलेगा।
अशोक कुमार लाहिड़ी नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष कौन हैं?
डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक व IMF जैसे संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे पश्चिम बंगाल की बालुरघाट सीट से विधायक भी हैं।
नीति आयोग में नए पूर्णकालिक सदस्य कौन-कौन हैं?
राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को नीति आयोग का नया पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है। पीएम मोदी ने सभी को बधाई दी।
नीति आयोग की स्थापना कब हुई थी?
नीति आयोग की स्थापना जनवरी 2015 में हुई थी, जब इसने पुराने योजना आयोग की जगह ली। इसका उद्देश्य सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना और राज्यों के साथ मिलकर नीतियाँ बनाना है।
नीति आयोग पुनर्गठन का आम जनता पर क्या असर होगा?
नीति आयोग के नए सदस्य आर्थिक सुधार, कृषि नीति और सामाजिक कल्याण योजनाओं को नई दिशा देंगे, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन स्तर पर पड़ेगा। 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
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