नीति आयोग पुनर्गठित: PM मोदी ने लाहिड़ी को बताया 'विकसित भारत' का नया स्तंभ
सारांश
Key Takeaways
- अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया — वे देश के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं।
- राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास पाँच नए पूर्णकालिक सदस्य बने।
- PM मोदी ने 25 अप्रैल 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की।
- पीएम ने कहा — नीति आयोग 'विकसित भारत' के लक्ष्य और सहकारी संघवाद को मजबूत करने का केंद्रीय मंच है।
- लाहिड़ी के पास विश्व बैंक, IMF, एशियाई विकास बैंक और NIPFP में काम करने का व्यापक अनुभव है।
- नीति आयोग की स्थापना जनवरी 2015 में योजना आयोग के स्थान पर हुई थी — यह पुनर्गठन उसे नई दिशा देने की कोशिश है।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह संस्था देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनकर उभरी है। उन्होंने डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को नया उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर बधाई दी और पाँच नए पूर्णकालिक सदस्यों के नामों की भी पुष्टि की।
नीति आयोग पुनर्गठन: कौन बने नए सदस्य?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है। उन्होंने अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को पूर्णकालिक सदस्य बनने पर बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने सभी नवनियुक्त सदस्यों को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे एक प्रभावी और परिणामोन्मुखी कार्यकाल पूरा करें।
लाहिड़ी से PM की मुलाकात और 'विकसित भारत' का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. लाहिड़ी से व्यक्तिगत मुलाकात भी की और उन्हें उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति की बधाई दी। पीएम ने कहा कि अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में लाहिड़ी का व्यापक अनुभव भारत में आर्थिक सुधारों को और मजबूती देगा तथा 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि नए सदस्यों के प्रयास देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया को और अधिक गतिशील एवं प्रभावशाली बनाएंगे।
कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी?
अशोक कुमार लाहिड़ी वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालुरघाट सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। उनका अनुभव बेहद विस्तृत है — दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में उन्होंने काम किया है।
इसके अतिरिक्त, विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भी उनके काम का अनुभव है। कोलकाता के प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लाहिड़ी को शैक्षणिक और नीतिगत योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सम्मान प्राप्त है।
नीति आयोग की भूमिका और सहकारी संघवाद
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि नीति आयोग सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, नीतिगत सुधारों को आगे ले जाने और 'ईज ऑफ लिविंग' यानी जीवन की सुगमता सुनिश्चित करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। यह संस्था विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और दीर्घकालिक रणनीति बनाने के लिए एक सक्रिय मंच के रूप में कार्य कर रही है।
गौरतलब है कि नीति आयोग की स्थापना जनवरी 2015 में योजना आयोग को भंग करके की गई थी। तब से यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत समन्वय का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। नए पुनर्गठन के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विकसित भारत @2047 के रोडमैप में नीति आयोग की रणनीतिक प्राथमिकताएं किस दिशा में जाती हैं।