नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी बोले — 'कांटों का ताज है यह पद, पर पूरी ताकत से निभाऊंगा'
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को केंद्र सरकार ने नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया, उन्होंने डॉ. सुमन बेरी की जगह ली।
- लाहिड़ी ने इस पद को 'कांटों का ताज' बताया और कहा कि वे इसे पूरी ताकत से निभाएंगे।
- पीएम नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत मुलाकात कर और एक्स (X) पर पोस्ट कर बधाई दी।
- डॉ. लाहिड़ी भारत के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और विश्व बैंक, IMF, एशियाई विकास बैंक में काम का अनुभव रखते हैं।
- नीति आयोग के पुनर्गठन में 5 नए पूर्णकालिक सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं।
- यह नियुक्ति 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल। केंद्र सरकार ने प्रख्यात अर्थशास्त्री, भारत के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार और पश्चिम बंगाल से बीजेपी विधायक डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने डॉ. सुमन बेरी की जगह यह पद संभाला है। नियुक्ति के तुरंत बाद राष्ट्र प्रेस से एक्सक्लूसिव बातचीत में लाहिड़ी ने कहा कि यह जिम्मेदारी उतनी ही गौरवशाली है जितनी चुनौतीपूर्ण।
नई भूमिका पर लाहिड़ी का पहला बयान
डॉ. लाहिड़ी ने अपनी नई जिम्मेदारी को 'कांटों का ताज' बताया। उन्होंने कहा, "जो लोग इस पद को केवल सम्मान की दृष्टि से देखते हैं, वे इसकी असली कठिनाइयों से अनजान हैं। इसमें भारी दबाव और जवाबदेही होती है।" उन्होंने स्वीकार किया कि वे इस नई भूमिका को लेकर एक साथ उत्साहित भी हैं और थोड़े नर्वस भी।
लाहिड़ी ने कहा, "बहुत कुछ करना है — लक्ष्य स्पष्ट है: विकास, विकास और विकास। लेकिन असली सवाल यह है कि पहले क्या किया जाए, बाद में क्या और कैसे किया जाए। प्राथमिकताओं का निर्धारण ही नीति निर्माण की सबसे बड़ी कसौटी है।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस दायित्व को पूरी मेहनत और समर्पण के साथ निभाएंगे।
पीएम मोदी ने दी बधाई, नीति आयोग का पुनर्गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर डॉ. लाहिड़ी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नीति आयोग का पुनर्गठन किया गया है और लाहिड़ी जैसे अनुभवी विशेषज्ञ का इस पद पर आना देश के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।
पीएम मोदी ने नीति आयोग के अन्य नए पूर्णकालिक सदस्यों — राजीव गौबा, प्रो. केवी राजू, प्रो. गोवर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास — को भी बधाई दी। प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर डॉ. लाहिड़ी को शुभकामनाएं भी दीं।
पीएम ने कहा कि नीति आयोग विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और दीर्घकालिक नीति-निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. लाहिड़ी का अनुभव देश के आर्थिक सुधारों को नई गति देगा और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में मदद करेगा।
डॉ. लाहिड़ी का समृद्ध अनुभव और पृष्ठभूमि
डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखते हैं। वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ काम करने का व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी उनकी विशेषज्ञता को और गहरा बनाता है। कोलकाता की प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लाहिड़ी अपने शैक्षणिक और नीतिगत योगदान के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं।
नीति आयोग के लिए क्या मायने रखती है यह नियुक्ति
गौरतलब है कि नीति आयोग की स्थापना जनवरी 2015 में योजना आयोग की जगह की गई थी। तब से यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत समन्वय का केंद्र बनी हुई है। डॉ. लाहिड़ी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. लाहिड़ी का व्यापक अनुभव — खासकर राजकोषीय नीति, वित्तीय क्षेत्र सुधार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के साथ कार्य अनुभव — नीति आयोग को एक नई दिशा और ऊर्जा दे सकता है। उनकी पश्चिम बंगाल से विधायक के रूप में पृष्ठभूमि उन्हें राज्यों की जमीनी चुनौतियों को समझने में भी मददगार होगी।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि डॉ. लाहिड़ी नीति आयोग की कार्यशैली में क्या नए बदलाव लाते हैं और आने वाले महीनों में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हैं।