कमजोर वर्गों के लिए बचपन से सरकारी सहायता: डॉ. जितेंद्र सिंह का बड़ा बयान

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कमजोर वर्गों के लिए बचपन से सरकारी सहायता: डॉ. जितेंद्र सिंह का बड़ा बयान

सारांश

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में कहा कि सरकार ने SC/ST और वंचित वर्गों के लिए बचपन से मार्गदर्शन देने की समग्र व्यवस्था बनाई है। जन धन, मुद्रा और विश्वकर्मा योजनाओं के जरिए उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

Key Takeaways

  • डॉ. जितेंद्र सिंह ने 25 अप्रैल को जम्मू विश्वविद्यालय में SC/ST वर्गों के लिए सरकार की 'समग्र व्यवस्था' का उल्लेख किया।
  • डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स के जम्मू-कश्मीर चैप्टर का शुभारंभ इस कार्यक्रम में हुआ।
  • मंत्री ने वंचित वर्गों को सरकारी नौकरी से आगे बढ़कर उद्यमिता अपनाने की अपील की।
  • जन धन योजना, मुद्रा योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना को SC/ST सशक्तिकरण के मुख्य साधन बताया गया।
  • साधारण पृष्ठभूमि के युवाओं का सिविल सेवा में बढ़ता प्रदर्शन सामाजिक बदलाव का प्रमाण बताया गया।
  • सरकार इन योजनाओं का दायरा और विस्तृत करने की योजना बना रही है — आगामी घोषणाओं पर नजर रहेगी।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य वंचित वर्गों के लिए एक ऐसी 'समग्र व्यवस्था' खड़ी की है, जो बचपन से ही इन वर्गों को दिशा और संसाधन उपलब्ध कराती है। उनका यह बयान जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सामने आया।

कार्यक्रम का मंच और मंत्री का संदेश

डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स के जम्मू-कश्मीर चैप्टर के शुभारंभ अवसर पर बोलते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वंचित समुदायों को अब केवल सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा में नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्यमिता और निवेश के क्षेत्र में प्रवेश करना समय की मांग है।

मंत्री ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित सरकारी योजनाओं का भरपूर उपयोग करें और स्वरोजगार की राह अपनाएं।

सरकार की प्रमुख योजनाएं और उनका प्रभाव

डॉ. सिंह ने तीन प्रमुख योजनाओं का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री जन धन योजना के माध्यम से देश के करोड़ों वंचित नागरिकों को पहली बार औपचारिक बैंकिंग तंत्र से जोड़ा गया है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना किसी बड़ी औपचारिकता के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपना व्यवसाय स्थापित कर पा रहे हैं। वहीं पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक दस्तकारों और शिल्पकारों को उनके कौशल के साथ स्थायी आजीविका दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

आर्थिक सशक्तिकरण के बदलते आंकड़े

मंत्री ने बताया कि इन योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखने लगे हैं। दलित और पिछड़े वर्गों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है और इन समुदायों में आत्मनिर्भरता की भावना भी प्रबल हुई है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा अब सिविल सेवा जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जो सामाजिक बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

विश्लेषण: नीति की जमीनी हकीकत

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से वहां के SC/ST समुदायों को पहली बार कई केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है। इससे पहले इन समुदायों को कई योजनाओं से वंचित रखा जाता था। डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसे मंचों का उदय इस बात का संकेत है कि वंचित वर्ग अब व्यापार और वाणिज्य में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं।

आलोचकों का कहना है कि योजनाओं की घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत दिए गए ऋणों में एनपीए (NPA) दर चिंताजनक रही है, जो यह संकेत देती है कि केवल वित्तीय पहुंच पर्याप्त नहीं — कौशल विकास और बाजार संपर्क भी उतना ही जरूरी है।

आगे देखें तो डॉ. जितेंद्र सिंह ने संकेत दिया है कि सरकार इन योजनाओं का दायरा और विस्तृत करने की योजना बना रही है। आने वाले महीनों में नई पहलों और बजटीय आवंटन की घोषणाएं संभव हैं, जिन पर सभी की नजर रहेगी।

Point of View

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 'व्यापक व्यवस्था' की जमीनी हकीकत क्या है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद SC/ST समुदायों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हुआ — यह सकारात्मक बदलाव है। लेकिन मुद्रा योजना के एनपीए आंकड़े और कौशल विकास की धीमी रफ्तार यह बताती है कि केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं। वंचित वर्गों को उद्यमिता की ओर धकेलने से पहले उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और मेंटरशिप का ठोस ढांचा देना होगा — वरना यह सशक्तिकरण कागजों पर ही सिमट जाएगा।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

डॉ. जितेंद्र सिंह ने SC/ST वर्गों के लिए क्या कहा?
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने SC, ST और वंचित वर्गों के लिए बचपन से ही मार्गदर्शन और सहायता देने की एक समग्र व्यवस्था तैयार की है। उन्होंने इन वर्गों से उद्यमिता अपनाने की अपील की।
यह बयान कहां और किस अवसर पर दिया गया?
यह बयान जम्मू विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स के जम्मू-कश्मीर चैप्टर के शुभारंभ कार्यक्रम में दिया गया। यह कार्यक्रम 25 अप्रैल को आयोजित हुआ।
कमजोर वर्गों के लिए सरकार की कौन-कौन सी प्रमुख योजनाएं हैं?
सरकार की प्रमुख योजनाओं में प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना शामिल हैं। ये योजनाएं क्रमशः बैंकिंग पहुंच, छोटे व्यवसाय ऋण और पारंपरिक कौशल विकास पर केंद्रित हैं।
क्या जम्मू-कश्मीर के SC/ST समुदायों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है?
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर के SC/ST समुदायों को पहली बार कई केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है। इससे पहले ये समुदाय कई योजनाओं से वंचित थे।
डॉ. जितेंद्र सिंह कौन हैं और उनका मंत्रालय क्या है?
डॉ. जितेंद्र सिंह केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री हैं। वे जम्मू-कश्मीर के उधमपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।
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