नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष डॉ. अशोक लाहिड़ी ने PM मोदी से की पहली मुलाकात
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. अशोक लाहिड़ी को 25 अप्रैल 2025 को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
- उन्होंने शनिवार को PM नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की।
- डॉ. लाहिड़ी ने डॉ. सुमन बेरी का स्थान लिया है और वे पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक भी हैं।
- पश्चिम बंगाल के वैज्ञानिक डॉ. गोबर्धन दास को नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया।
- डॉ. लाहिड़ी के पास चार दशकों से अधिक का अनुभव है — CEA, ADB, World Bank और IMF में कार्य कर चुके हैं।
- डॉ. गोबर्धन दास तपेदिक (TB) शोध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आणविक विज्ञान के प्रोफेसर हैं।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. अशोक लाहिड़ी ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। यह भेंट उनकी नीति आयोग के वाइस-चेयरमैन पद पर औपचारिक नियुक्ति के ठीक एक दिन बाद हुई। पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक और著名 अर्थशास्त्री डॉ. लाहिड़ी अब देश की नीति-निर्माण की सर्वोच्च संस्था का नेतृत्व करेंगे।
PM मोदी से मुलाकात और सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
मुलाकात के बाद डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने लिखा, "आज मेरी मुलाकात माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई।" यह संक्षिप्त संदेश इस मुलाकात के औपचारिक और शिष्टाचार स्वरूप को दर्शाता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को केंद्र सरकार ने डॉ. लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने डॉ. सुमन बेरी का स्थान लिया है, जो इस पद पर कार्यरत थे।
बंगाल से दो प्रतिभाओं को नीति आयोग में स्थान
डॉ. लाहिड़ी की नियुक्ति के साथ ही पश्चिम बंगाल के ही著名 वैज्ञानिक डॉ. गोबर्धन दास को नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। एक ही राज्य से दो विशिष्ट विद्वानों को भारत की नीति-निर्माण की शीर्ष संस्था में स्थान मिलना बंगाल की बौद्धिक विरासत का प्रमाण माना जा रहा है।
यह नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए नीति आयोग की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। PM मोदी के विजन को जमीन पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी अब डॉ. लाहिड़ी के कंधों पर होगी।
डॉ. अशोक लाहिड़ी: चार दशकों का अनुभव
डॉ. अशोक लाहिड़ी भारत के सर्वाधिक अनुभवी अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं। उनका करियर चार दशकों से भी अधिक लंबा है। वे भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रह चुके हैं और वित्त आयोग के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने एशियाई विकास बैंक (ADB), विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसी संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। कोलकाता निवासी डॉ. लाहिड़ी दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।
डॉ. गोबर्धन दास: आणविक विज्ञान के विशेषज्ञ
नीति आयोग के नए सदस्य डॉ. गोबर्धन दास आणविक विज्ञान के著名 प्रोफेसर हैं। तीन दशकों के वैज्ञानिक करियर में उन्होंने प्रतिरक्षा विज्ञान (Immunology), संक्रामक रोगों और कोशिका जीव विज्ञान में विशेषज्ञता अर्जित की है।
विशेष रूप से तपेदिक (Tuberculosis) के रोगजनन पर उनके शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। भारत 2025 तक टीबी मुक्त करने के लक्ष्य के मद्देनजर उनकी नीति आयोग में उपस्थिति अत्यंत प्रासंगिक मानी जा रही है।
नीति आयोग की नई टीम और विकसित भारत का रोडमैप
नीति आयोग की पुनर्गठित टीम के साथ PM मोदी की सरकार विकसित भारत @2047 के एजेंडे को नई ऊर्जा देने की तैयारी में है। अर्थशास्त्र और विज्ञान — दोनों क्षेत्रों से विशेषज्ञों को एक साथ लाना इस बात का संकेत है कि सरकार नीति-निर्माण में बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना चाहती है।
आने वाले हफ्तों में डॉ. लाहिड़ी की अध्यक्षता में नीति आयोग की पहली बैठक और नए कार्यक्रमों की रूपरेखा तय होने की संभावना है, जिस पर देश की निगाहें टिकी रहेंगी।