27 साल बाद खूनी बदला: गैंगस्टर के भतीजे ने 78 वर्षीय मुखबिर को 20 वार कर मौत के घाट उतारा, नागपुर से गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- शादिक जावर (29 वर्ष) ने 20 अप्रैल 2025 को मुंबई के नागपाड़ा में 78 वर्षीय इकबाल सेलिया की धारदार हथियार से 20 से अधिक वार कर हत्या की।
- हत्या की वजह 27 साल पुराना बदला था — 1999 में मारे गए गैंगस्टर शादिक कालिया (शादिक जावर के चाचा) का एनकाउंटर।
- आरोप है कि इकबाल सेलिया ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम को सूचना देकर शादिक कालिया के एनकाउंटर में भूमिका निभाई थी।
- हत्या के बाद आरोपी अंटोप हिल, विद्याविहार, कल्याण होते हुए नागपुर भाग गए, जहां से मुंबई क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार किया।
- शादिक जावर के साथी नौशाद मिथानी (22 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया; दोनों ने पूछताछ में जुर्म कबूल किया।
- शादिक कालिया छोटा शकील गैंग का सदस्य था और जावर उसके एनकाउंटर के समय महज दो साल का था।
मुंबई में 27 साल बाद खूनी बदले की वारदात
मुंबई, 25 अप्रैल: मुंबई के नागपाड़ा इलाके में 27 साल पुराने एनकाउंटर का खूनी बदला लेने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 1999 में मारे गए गैंगस्टर शादिक कालिया के भतीजे शादिक जावर (29 वर्ष) ने 78 वर्षीय इकबाल इब्राहिम सेलिया की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि सेलिया ने दशकों पहले पुलिस को सूचना देकर शादिक कालिया के एनकाउंटर में अहम भूमिका निभाई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी और उसके साथी को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या की पूरी कहानी — 20 से अधिक वार, अकेले बुजुर्ग पर हमला
20 अप्रैल की शाम को हमलावरों ने नागपाड़ा स्थित इकबाल सेलिया के घर में घुसकर उन पर धारदार हथियार से 20 से अधिक वार किए। उस वक्त घर में बुजुर्ग इकबाल बिल्कुल अकेले थे। जब परिवार के सदस्य घर लौटे, तो उन्हें खून से लथपथ शव मिला।
हत्या के बाद दोनों आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने उनके रूट का पता लगाया — आरोपी अंटोप हिल और विद्याविहार होते हुए कल्याण पहुंचे और वहां से नागपुर भाग गए।
गिरफ्तारी और पूछताछ में कबूलनामा
मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी विश्लेषण के आधार पर तेज कार्रवाई की। शादिक जावर (29 वर्ष) और उसके साथी नौशाद मिथानी (22 वर्ष) को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शादिक जावर जब महज दो साल का था, तब उसके चाचा शादिक कालिया को नवंबर 1999 में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने मार गिराया था। बड़े होने पर उसने बदला लेने की ठान ली।
शादिक कालिया कौन था — अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन
शादिक कालिया मूल रूप से कालाचौकी इलाके में फुटपाथ पर जूते बेचा करता था। 1990 के दशक में वह अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आया और छोटा शकील गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया। नवंबर 1999 में एक बड़े नेता की हत्या की साजिश के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और दया नायक की टीम ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि मुंबई के अंडरवर्ल्ड की जड़ें कितनी गहरी हैं। छोटा शकील गैंग से जुड़े मामले आज भी कभी-कभी सिर उठाते हैं, और यह हत्याकांड उसी श्रृंखला की एक खतरनाक कड़ी है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
मुंबई पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या इस हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश थी या किसी गैंग का हाथ है। दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए मुंबई लाया जा रहा है।
यह मामला इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि 27 साल बाद भी अंडरवर्ल्ड से जुड़े पुराने मामलों की परछाईं आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ सकती है। मुखबिरों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। पुलिस की आगामी चार्जशीट और न्यायालय में इस मामले की सुनवाई यह तय करेगी कि क्या वाकई इस हत्या के तार किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं।