बंगाल चुनाव दूसरा चरण: बिना बाड़ वाली सीमा पर BSF हाई अलर्ट, 2,348 कंपनियां तैनात

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बंगाल चुनाव दूसरा चरण: बिना बाड़ वाली सीमा पर BSF हाई अलर्ट, 2,348 कंपनियां तैनात

सारांश

बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले BSF हाई अलर्ट पर है। बांग्लादेश से लगती बिना बाड़ वाली सीमाओं पर विशेष जांच, सुंदरबन में तटीय गश्त बढ़ी। 29 अप्रैल को 142 सीटों पर 2,348 केंद्रीय बल कंपनियां तैनात रहेंगी।

Key Takeaways

  • 29 अप्रैल 2026 को बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा।
  • BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बांग्लादेश से लगती बिना बाड़ वाली सीमाओं पर विशेष जांच चल रही है।
  • दूसरे चरण में कुल 2,348 केंद्रीय बल कंपनियां तैनात होंगी, जिनमें सर्वाधिक 507 उत्तर 24 परगना में।
  • सुंदरबन क्षेत्र में तटीय गश्त बढ़ाई गई है, जो दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों में फैला है।
  • दूसरे चरण में 95 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात होंगे, जो पहले चरण के 84 से 11 अधिक हैं।
  • पहले चरण में 16 जिलों के 152 सीटों पर 45,000 केंद्रों पर मतदान हुआ था।

कोलकाता, 25 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर राज्य के उन जिलों में बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्सों पर विशेष निगरानी और जांच तेज कर दी गई है, जहां 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नाका चेकिंग को पहले से कहीं अधिक सघन बनाया गया है।

सीमा पर विशेष निगरानी — क्यों और कहां?

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले बिना बाड़ वाली सीमाओं के निकट विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि BSF हाई अलर्ट पर है और इन इलाकों में नाका चेकिंग अत्यंत सघन रूप से की जा रही है।

CEO के कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, बांग्लादेश के साथ लंबी तटीय सीमा होने के कारण दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में फैले सुंदरबन क्षेत्र में तटीय गश्त को भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

दूसरे चरण में सुरक्षा का दायरा — पहले से अधिक कड़ा

CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि दूसरे चरण में मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों की संख्या, भौगोलिक विस्तार और मतदान केंद्रों की संख्या 23 अप्रैल को हुए पहले चरण की तुलना में कम है, इसलिए प्रति क्षेत्र सुरक्षा और निगरानी का घनत्व स्वाभाविक रूप से अधिक होगा।

पहले चरण में 16 जिलों के 152 विधानसभा क्षेत्रों के 45,000 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ था। वहीं दूसरे चरण में 6 जिलों और कोलकाता में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों के 40,000 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।

पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ाई गई है। दूसरे चरण में 95 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे, जबकि पहले चरण में यह संख्या 84 थी — यानी 11 अतिरिक्त पर्यवेक्षक

2,348 केंद्रीय बल कंपनियां — उत्तर 24 परगना में सर्वाधिक

दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवानों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस इकाइयों सहित कुल 2,348 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

जिलावार तैनाती में उत्तर 24 परगना सबसे आगे है, जहां 507 कंपनियां तैनात होंगी। इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 409 कंपनियां तैनात की जाएंगी — दोनों जिले बांग्लादेश से सटी सीमा के कारण विशेष रूप से संवेदनशील हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक निहितार्थ

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसका एक बड़ा हिस्सा अभी भी बाड़ रहित है। चुनावी मौसम में इन इलाकों से अवैध घुसपैठ, फर्जी मतदाताओं और नकदी की तस्करी की आशंकाएं हमेशा रहती हैं। ECI का यह कदम उन्हीं चिंताओं की प्रतिक्रिया है।

यह भी उल्लेखनीय है कि सुंदरबन जैसे दुर्गम और जलीय क्षेत्रों में पारंपरिक जमीनी गश्त कठिन होती है, इसलिए तटीय गश्त को प्राथमिकता देना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। 29 अप्रैल को मतदान के नतीजे और सुरक्षा व्यवस्था की सफलता यह तय करेगी कि आगामी चुनावों में इस मॉडल को देशभर में अपनाया जाए या नहीं।

Point of View

घुसपैठ और धन प्रवाह के आरोप हर चुनाव में उठते हैं। ECI का यह सक्रिय कदम सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा पर स्थायी बाड़ क्यों नहीं बन पाई — यह राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है या प्रशासनिक विफलता? सुंदरबन जैसे जलीय इलाकों में तटीय गश्त एक अस्थायी उपाय है, स्थायी समाधान नहीं। बंगाल चुनाव की निष्पक्षता पर देश की नजर है और इस बार का सुरक्षा मॉडल भविष्य के लिए एक परीक्षण भी है।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में मतदान कब होगा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को होगा। इसमें 6 जिलों और कोलकाता में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों के 40,000 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।
बांग्लादेश सीमा पर BSF को हाई अलर्ट क्यों किया गया है?
चुनाव से पहले अवैध घुसपैठ, फर्जी मतदाताओं और नकदी तस्करी की आशंका के चलते ECI के निर्देश पर BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बिना बाड़ वाली सीमाओं पर विशेष नाका चेकिंग चलाई जा रही है।
दूसरे चरण में कितनी केंद्रीय बल कंपनियां तैनात होंगी?
दूसरे चरण में CAPF, IRB और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस सहित कुल 2,348 केंद्रीय बल कंपनियां तैनात की जाएंगी। सबसे अधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना में और 409 कंपनियां दक्षिण 24 परगना में होंगी।
सुंदरबन में तटीय गश्त क्यों बढ़ाई गई है?
सुंदरबन क्षेत्र बांग्लादेश के साथ लंबी तटीय सीमा साझा करता है और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम है। चुनावी अवधि में यहां से अवैध गतिविधियों की आशंका के कारण तटीय गश्त बढ़ाई गई है।
पहले और दूसरे चरण की सुरक्षा व्यवस्था में क्या अंतर है?
पहले चरण में 84 पुलिस पर्यवेक्षक थे, दूसरे चरण में 95 हैं। दूसरे चरण में क्षेत्र और केंद्र कम होने से प्रति केंद्र सुरक्षा घनत्व अधिक होगा और निगरानी का दायरा पहले से कड़ा रहेगा।
Nation Press