सबरीमाला के ऊपर 'लो फ्लाइट': एडीजीपी रिपोर्ट में तटरक्षक हेलीकॉप्टर पर गंभीर आरोप

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सबरीमाला के ऊपर 'लो फ्लाइट': एडीजीपी रिपोर्ट में तटरक्षक हेलीकॉप्टर पर गंभीर आरोप

सारांश

सबरीमाला मंदिर के ऊपर तटरक्षक हेलीकॉप्टर की मात्र 5 मीटर ऊंचाई पर अनाधिकृत उड़ान को एडीजीपी रिपोर्ट में गंभीर अपराध बताया गया। पायलट पर FIR दर्ज, केरल HC करेगा निगरानी।

Key Takeaways

  • एडीजीपी एस. श्रीजीत की रिपोर्ट में भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर की सबरीमाला के ऊपर उड़ान को गंभीर अपराध बताया गया।
  • हेलीकॉप्टर सबरीमाला सन्निधानम मंदिर से मात्र 5 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा था।
  • पम्पा पुलिस ने पायलट पर केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118 के तहत FIR दर्ज की — सजा 3 साल जेल और ₹10,000 जुर्माना
  • रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि हेलीकॉप्टर में सवार लोगों ने मंदिर की तस्वीरें खींची
  • सबरीमाला विशेष आयुक्त यह रिपोर्ट केरल उच्च न्यायालय को सौंपेंगे।
  • पथानामथिट्टा एसपी को विस्तृत जांच और वायु यातायात नियंत्रक से स्पष्टीकरण लेने का दायित्व सौंपा गया।

पथानामथिट्टा, 25 अप्रैल। केरल के पवित्र सबरीमाला सन्निधानम मंदिर के ठीक ऊपर भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर द्वारा बिना अनुमति के अत्यंत कम ऊंचाई पर उड़ान भरने का मामला अब गंभीर कानूनी और प्रशासनिक संकट का रूप ले चुका है। एडीजीपी एस. श्रीजीत की जांच रिपोर्ट में इस उड़ान को एक गंभीर अपराध और खतरनाक कृत्य करार दिया गया है।

एडीजीपी रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

एडीजीपी एस. श्रीजीत ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि तटरक्षक बल का हेलीकॉप्टर सबरीमाला सन्निधानम के ऊपर मात्र 5 मीटर की ऊंचाई तक उतर आया था, जो किसी भी दृष्टि से अस्वीकार्य और खतरनाक है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हेलीकॉप्टर एक ध्वज स्तंभ और मंदिर परिसर की इमारतों के ऊपर से अत्यंत जोखिमपूर्ण तरीके से गुजरा।

रिपोर्ट में तटरक्षक बल के कोच्चि कार्यालय की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया गया है कि खराब मौसम और बादलों के कारण हेलीकॉप्टर भटक गया था। एडीजीपी ने स्पष्ट किया कि यह बहाना न केवल असंतोषजनक है, बल्कि यह उड़ान एक उच्च सुरक्षा वाले धार्मिक क्षेत्र में बिना किसी पूर्व अनुमति के की गई थी।

रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई है कि हेलीकॉप्टर में सवार लोगों ने मंदिर परिसर की तस्वीरें खींची, जो सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मामला है।

कानूनी कार्रवाई और FIR

पम्पा पुलिस ने इस मामले में केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118 के अंतर्गत पायलट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना और 3 वर्ष तक की कारावास की सजा का प्रावधान है। यह मामला सन्निधानम में तैनात सुरक्षा प्रभारी पुलिस अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

पायलट पर आरोप है कि उसने एक उच्च सुरक्षा संवेदनशील क्षेत्र में अनाधिकृत और खतरनाक तरीके से हेलीकॉप्टर उड़ाकर जन सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला।

न्यायिक निगरानी और आगे की जांच

एडीजीपी ने अपनी रिपोर्ट सबरीमाला विशेष आयुक्त को सौंप दी है। विशेष आयुक्त इस रिपोर्ट को केरल उच्च न्यायालय को प्रेषित करेंगे, जो इस मामले की सीधी निगरानी कर रहा है। इसके अतिरिक्त, इस प्रकरण में वायु यातायात नियंत्रक (ATC) से भी स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।

पथानामथिट्टा एसपी को इस पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच का दायित्व सौंपा गया है। यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि न्यायिक दायरे में भी आ चुका है।

सुरक्षा और धार्मिक संवेदनशीलता का प्रश्न

सबरीमाला मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी एक अत्यंत संवेदनशील स्थल है। यहां प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और मंडल-मकरविलक्कू सीजन में लाखों की भीड़ एकत्र होती है। ऐसे में मंदिर के ऊपर अनाधिकृत उड़ान न केवल सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाती है।

गौरतलब है कि सबरीमाला पहले से ही कई विवादों का केंद्र रहा है — महिला प्रवेश विवाद से लेकर भीड़ प्रबंधन तक। इस नई घटना ने मंदिर की हवाई सुरक्षा नीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तीर्थस्थलों के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन की स्पष्ट और कड़ी नीति होनी चाहिए।

तटरक्षक बल की स्थिति

भारतीय तटरक्षक बल के कोच्चि कार्यालय ने अब तक यही कहा है कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त माना है। अब यह देखना होगा कि तटरक्षक बल का केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या वह राज्य पुलिस की जांच में सहयोग करता है।

आने वाले दिनों में केरल उच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई, ATC का स्पष्टीकरण और पथानामथिट्टा एसपी की विस्तृत जांच रिपोर्ट इस प्रकरण की दिशा तय करेगी। यह मामला देश के तीर्थस्थलों पर हवाई सुरक्षा नीति को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत को रेखांकित करता है।

Point of View

तो निजी या अज्ञात विमानों से खतरे की कल्पना की जा सकती है। विडंबना यह है कि तटरक्षक बल — जो समुद्री सीमाओं की रक्षा करता है — खुद एक धार्मिक स्थल की सुरक्षा का उल्लंघन करते पकड़ा गया। यह मामला केवल FIR तक सीमित नहीं रहना चाहिए — इसे तीर्थस्थलों पर नो-फ्लाई ज़ोन नीति की व्यापक समीक्षा का अवसर बनाना चाहिए।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

सबरीमाला हेलीकॉप्टर मामले में क्या हुआ?
भारतीय तटरक्षक बल का हेलीकॉप्टर बिना अनुमति के सबरीमाला सन्निधानम मंदिर के मात्र 5 मीटर ऊपर से गुजरा। एडीजीपी एस. श्रीजीत की रिपोर्ट में इसे गंभीर अपराध बताया गया है और पायलट पर FIR दर्ज हुई है।
सबरीमाला हेलीकॉप्टर पायलट पर कौन सी धारा में केस दर्ज हुआ?
पम्पा पुलिस ने केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118 के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा में 3 साल तक की कैद और ₹10,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है।
तटरक्षक बल ने सबरीमाला के ऊपर उड़ान का क्या कारण बताया?
तटरक्षक बल के कोच्चि कार्यालय ने कहा कि बादलयुक्त मौसम के कारण हेलीकॉप्टर मार्ग से भटक गया और कम ऊंचाई पर उड़ रहा था। हालांकि, एडीजीपी रिपोर्ट ने इस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक करार दिया है।
सबरीमाला हेलीकॉप्टर मामले में आगे क्या होगा?
विशेष आयुक्त यह रिपोर्ट केरल उच्च न्यायालय को सौंपेंगे। पथानामथिट्टा एसपी विस्तृत जांच करेंगे और वायु यातायात नियंत्रक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
क्या सबरीमाला नो-फ्लाई ज़ोन है?
सबरीमाला एक उच्च सुरक्षा संवेदनशील क्षेत्र है जहां बिना अनुमति के उड़ान प्रतिबंधित है। इस मामले ने तीर्थस्थलों पर नो-फ्लाई ज़ोन नीति को और कड़ा बनाने की मांग को बल दिया है।
Nation Press