मऊ सड़क हादसा: गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर स्कॉर्पियो-ट्रेलर भिड़ंत में 5 की मौत
सारांश
Key Takeaways
- 25 अप्रैल की देर रात मऊ के दोहरीघाट क्षेत्र में गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा हुआ।
- चालक को नींद की झपकी आने से स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर ट्रेलर से भिड़ी, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई।
- सभी मृतक गोरखपुर जिले के निवासी थे और रांची में बेटी की शादी से लौट रहे थे।
- ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और राहत दल ने मलबे से शवों को बाहर निकाला।
- घोसी के क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि की; सभी शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजे गए।
- हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया और कानूनी कार्रवाई जारी है।
मऊ, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पांच जिंदगियां लील लीं। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कुसुम्हा बशारतपुर के समीप गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले डिवाइडर से टकराई और फिर विपरीत लेन से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़ी, जिससे गाड़ी में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरखपुर जिले के रहने वाले ये पांचों लोग झारखंड के रांची में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होकर वापस घर लौट रहे थे। शनिवार रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच जैसे ही उनकी स्कॉर्पियो कुसुम्हा बशारतपुर के पास पहुंची, चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई।
नींद में वाहन पर नियंत्रण खो देने के कारण स्कॉर्पियो पहले डिवाइडर से जा टकराई और उछलकर दूसरी लेन में आ गई, जहां सामने से आ रहे ट्रेलर से उसकी सीधी और जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी यात्री वाहन के मलबे में बुरी तरह फंस गए।
बचाव अभियान और राहत कार्य
घोसी के क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि देर रात दुर्घटना की सूचना मिलते ही दोहरीघाट पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर रवाना की गई। मौके पर पहुंचने पर स्थिति अत्यंत गंभीर पाई गई। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और राहत दल की सहायता से बचाव अभियान आरंभ किया।
वाहन की बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत के कारण उसे काटकर खोलने में लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक सभी पांचों को बाहर निकाला जा सका, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। सभी पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना
पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर छा गई। प्रशासन ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल करा दिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतें होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात्रिकालीन यात्रा के दौरान चालकों की नींद और थकान सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में से एक है।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर इससे पहले भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जो इस मार्ग पर स्पीड गवर्नर, रम्बल स्ट्रिप्स और रात्रिकालीन गश्त की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग तेज होती जा रही है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। परिजन न्याय और उचित मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।