गेहूं खरीदी: शिवराज सिंह चौहान का बड़ा निर्देश — किसान हित सर्वोपरि, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

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गेहूं खरीदी: शिवराज सिंह चौहान का बड़ा निर्देश — किसान हित सर्वोपरि, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

सारांश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में विदिशा संसदीय क्षेत्र के चार जिलों की गेहूं खरीदी समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा — किसान भगवान हैं, उनकी उपज हर हाल में खरीदी जाएगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

Key Takeaways

  • केंद्रीय कृषि मंतत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 अप्रैल को रायसेन में गेहूं खरीदी की समीक्षा बैठक की।
  • विदिशा संसदीय क्षेत्र के चार जिलों — विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ — में उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा हुई।
  • मंत्री ने स्लॉट बुकिंग, बारदाना उपलब्धता और सर्वर समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
  • खरीदी केवल वास्तविक किसानों से होगी — किसी भी अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस।
  • जरूरत पड़ने पर खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी और नियमित फील्ड निरीक्षण होगा।
  • मंत्री ने कहा — "किसान भगवान हैं" और वे 24 घंटे एक फोन कॉल पर उपलब्ध हैं।

भोपाल/रायसेन, 25 अप्रैल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रायसेन में विदिशा संसदीय क्षेत्र के चारों जिलों में गेहूं एवं चना उपार्जन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा हर हाल में सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में जनप्रतिनिधि और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में क्या हुआ?

केंद्रीय मंत्री चौहान ने बैठक में खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता, समयबद्धता और किसानों की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सरल और सुचारू बनाया जाए तथा खरीदी केंद्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि कुल खरीदी लक्ष्य, स्लॉट बुकिंग की स्थिति, खरीदे गए अनाज की मात्रा और केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। सर्वर की तकनीकी समस्याओं और बैंक भुगतान में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने के भी निर्देश दिए गए।

किसानों के प्रति मंत्री का स्पष्ट संकल्प

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हमारे लिए किसान भगवान हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि गेहूं खरीदी करके सरकार किसान पर कोई उपकार नहीं कर रही, बल्कि देश उन किसानों का ऋणी है जिन्होंने भारत को गेहूं उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कहीं भटकना न पड़े — यह सुनिश्चित करना हर अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। साथ ही किसानों को यह भरोसा दिलाया जाए कि उनकी उपज हर हाल में खरीदी जाएगी।

अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि खरीदी केवल वास्तविक किसानों से ही की जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने टीम भावना से युद्धस्तर पर कार्य करते हुए किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

यदि आवश्यकता हो तो खरीदी केंद्रों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए — यह भी उनके निर्देशों में शामिल था। उन्होंने कहा कि "किसी भी समस्या पर मैं खुद 24 घंटे उपलब्ध हूं — एक फोन कॉल पर।"

गहन संदर्भ: क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है और रबी सीजन 2024-25 में राज्य में रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में उपार्जन व्यवस्था की चुस्ती सीधे तौर पर लाखों किसानों की आय से जुड़ी है।

यह भी उल्लेखनीय है कि शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अब केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में वे अपने ही संसदीय क्षेत्र की खरीदी व्यवस्था की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं — यह राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण संकेत है। विदिशा उनका गृह क्षेत्र है और यहां की कृषि व्यवस्था उनकी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रही है।

आलोचकों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग सिस्टम और सर्वर की समस्याएं हर साल उठती हैं और इनका स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। यह बैठक इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जमीनी अमल ही असली परीक्षा होगी।

आगे क्या?

केंद्रीय मंत्री चौहान ने नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर सतत निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। आने वाले सप्ताहों में विदिशा संसदीय क्षेत्र के चारों जिलों — विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ — में खरीदी की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। यदि लक्ष्य से पीछे रहा तो और केंद्र खोले जाने की संभावना है।

Point of View

बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है — अपने गृह क्षेत्र विदिशा में वे केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी पकड़ और सक्रियता दिखाना चाहते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि स्लॉट बुकिंग और सर्वर की समस्याएं जो हर रबी सीजन में दोहराई जाती हैं, उनका स्थायी समाधान कब होगा? जब तक तकनीकी ढांचे में बुनियादी सुधार नहीं होता, मंत्री स्तर की बैठकें अस्थायी राहत से ज्यादा कुछ नहीं। किसान हित की राजनीति और किसान हित की नीति — इन दोनों के बीच की खाई पाटना ही असली चुनौती है।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

शिवराज सिंह चौहान ने गेहूं खरीदी बैठक में क्या निर्देश दिए?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्लॉट बुकिंग सुधारने, बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सर्वर समस्याएं तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज हर हाल में खरीदी जाएगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
विदिशा संसदीय क्षेत्र में गेहूं खरीदी किन जिलों में हो रही है?
विदिशा संसदीय क्षेत्र में विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ — इन चार जिलों में गेहूं एवं चना उपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। इन्हीं जिलों की खरीदी स्थिति की समीक्षा शनिवार को रायसेन में हुई।
गेहूं खरीदी में किसानों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
केंद्रीय मंत्री के निर्देशानुसार खरीदी केंद्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, सुचारू स्लॉट बुकिंग, बैंक भुगतान में तेजी और जरूरत पड़ने पर नए खरीदी केंद्र खोले जाएंगे। किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
क्या गेहूं खरीदी में अनियमितता पर कार्रवाई होगी?
हां, शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीदी केवल वास्तविक किसानों से ही की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग के भी आदेश दिए।
मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन 2025 की क्या स्थिति है?
रबी सीजन 2024-25 में मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की संभावना है और सरकार उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी व किसान हितैषी बनाने पर जोर दे रही है। केंद्रीय मंत्री स्वयं जिला स्तर पर समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।
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