पिंक कियोस्क से महिला सशक्तिकरण: उत्तरकाशी में 9 कियोस्क का उद्घाटन, चारधाम यात्रियों को मिलेगा पहाड़ी स्वाद
सारांश
Key Takeaways
- जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने 25 अप्रैल को हीना पार्किंग, उत्तरकाशी में 9 पोर्टेबल पिंक कियोस्क का उद्घाटन किया।
- इन कियोस्क का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं करेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
- कियोस्क पर पहाड़ी नमक, बुरांश जूस, माल्टा, स्थानीय अचार, जैम और हस्तशिल्प उत्पाद उपलब्ध होंगे।
- मध्य प्रदेश से आए तीर्थयात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे यात्रा को सुविधाजनक बनाने वाला कदम बताया।
- यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' और आत्मनिर्भर भारत अभियान की भावना के अनुरूप है।
- कार्यक्रम में सीडीओ जयभारत सिंह, रमेशचंद्र आर्य, कपिल उपाध्याय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
चारधाम मार्ग पर पिंक कियोस्क: यात्रियों के लिए नई सुविधा
उत्तरकाशी, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चारधाम यात्रा मार्ग पर महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार, 25 अप्रैल को हीना पार्किंग क्षेत्र में 9 पोर्टेबल पिंक कियोस्क का विधिवत उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य देश-दुनिया से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है।
यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा के लिए है, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का सीधा मंच भी प्रदान करती है। प्रशासन ने इसे 'वोकल फॉर लोकल' अभियान की जमीनी कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया है।
यात्रियों को क्या मिलेगा इन कियोस्क पर
इन पिंक कियोस्क पर तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड की समृद्ध पहाड़ी संस्कृति की झलक मिलेगी। यहाँ उपलब्ध उत्पादों में पहाड़ी नमक, स्थानीय अचार, बुरांश और माल्टा का जूस, नींबू पानी, पहाड़ी फलों से बने जैम तथा विविध हस्तशिल्प उत्पाद शामिल हैं।
विश्राम के दौरान खरीदारी की यह सुविधा यात्रियों को बड़े बाजारों तक जाने की आवश्यकता से मुक्त करती है। मध्य प्रदेश से आए तीर्थयात्रियों ने उद्घाटन अवसर पर जिलाधिकारी से सीधा संवाद करते हुए इस व्यवस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
इन कियोस्क का संचालन पूरी तरह स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के हाथों में होगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि यह प्रयास महिलाओं के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब पहाड़ की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए दूरदराज के बड़े बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
प्रशासनिक दृष्टि: 'वोकल फॉर लोकल' को जमीन पर उतारना
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तरकाशी जनपद से होकर गुजरते हैं। इतनी बड़ी तीर्थयात्री आबादी को स्थानीय उत्पादों का सीधा खरीदार बनाना एक व्यावहारिक और दूरदर्शी रणनीति है।
यह पहल केंद्र सरकार के 'वोकल फॉर लोकल' और आत्मनिर्भर भारत अभियान की भावना के अनुरूप है। उत्तराखंड के अन्य जनपदों में भी इस मॉडल को अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
उद्घाटन कार्यक्रम में सीडीओ जयभारत सिंह, रमेशचंद्र आर्य, कपिल उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए एक प्रभावी कदम बताया।
आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा के चरम सीजन में इन कियोस्क की उपयोगिता और अधिक स्पष्ट होगी। प्रशासन की योजना है कि यात्रा मार्ग के अन्य प्रमुख विश्राम स्थलों पर भी इस तरह के कियोस्क स्थापित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार का लाभ मिल सके।