विक्रमजीत साहनी का भगवंत मान को करारा जवाब — 'पंजाबियों से गद्दारी नहीं, दस गुना सेवा करेंगे'
सारांश
Key Takeaways
- राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने AAP छोड़कर BJP जॉइन की और CM भगवंत मान के गद्दारी के आरोपों को नकारा।
- केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने पंजाब में स्किल डेवलपमेंट का संपूर्ण खर्च केंद्र द्वारा वहन करने का आश्वासन दिया।
- कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पंजाब से संबंधित प्रस्ताव मांगे।
- साहनी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में जनता के फैसले का हवाला देते हुए AAP सरकार को अप्रत्यक्ष चेतावनी दी।
- साहनी ने पंजाब में किसी भी युवा को बेरोजगार न रहने देने का संकल्प दोहराया।
- AAP ने 2022 में 117 में से 92 सीटें जीती थीं, लेकिन अब पार्टी में आंतरिक असंतोष के संकेत मिल रहे हैं।
चंडीगढ़, 26 अप्रैल 2025। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गद्दारी वाले आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साहनी ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने न पंजाब से और न पंजाबियों से कोई विश्वासघात किया है, बल्कि आने वाले समय में वे पहले से दस गुना अधिक सेवा करेंगे।
भगवंत मान के आरोपों पर साहनी का पलटवार
राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा, "गंभीरता से मंथन के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि पंजाब और उसकी पहचान की रक्षा के लिए भाजपा ही एकमात्र सशक्त विकल्प है।" उन्होंने मुख्यमंत्री मान पर सीधा हमला करने से परहेज किया और कहा कि भगवंत मान पंजाब की जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं, इसलिए वे उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे।
साहनी ने कहा, "जनता बहुत समझदार है। 2027 के विधानसभा चुनाव में वह अपना फैसला खुद सुनाएगी।" यह बयान AAP सरकार के लिए एक स्पष्ट राजनीतिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
रोजगार और किसानों पर केंद्र से मिला आश्वासन
विक्रमजीत साहनी ने दावा किया कि केंद्रीय कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि पंजाब में युवाओं की बेरोजगारी खत्म करने के लिए स्किल डेवलपमेंट पर होने वाला संपूर्ण खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। साहनी ने कहा, "पंजाब में किसी भी युवा को बेरोजगार नहीं रहने देंगे।"
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के मुद्दों पर उनसे विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। इसी प्रकार केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी पंजाब के व्यापारिक हितों से जुड़े प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। साहनी ने कहा कि इन मंत्रालयों को आंकड़े और प्रस्ताव देना अनिवार्य होगा, लेकिन अभी तक पंजाब सरकार की ओर से कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही।
AAP से BJP — राजनीतिक पाला बदल का असल मतलब
विक्रमजीत साहनी का AAP छोड़कर BJP में शामिल होना पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। साहनी पंजाबी समुदाय में एक जाना-माना चेहरा हैं और उनके इस कदम को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP की रणनीतिक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था। लेकिन बीते तीन वर्षों में पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। साहनी का पाला बदलना इसी असंतोष का एक सार्वजनिक प्रकटीकरण है।
पंजाब की जनता पर संभावित प्रभाव
साहनी के बयानों में युवा बेरोजगारी और किसान संकट — दोनों मुद्दे केंद्र में हैं, जो पंजाब के सबसे संवेदनशील सामाजिक-आर्थिक प्रश्न हैं। पंजाब में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है और किसान आंदोलन का असर अभी भी राजनीतिक परिदृश्य पर बना हुआ है।
यदि केंद्र सरकार वास्तव में स्किल डेवलपमेंट और कृषि सुधारों पर ठोस कदम उठाती है, तो यह BJP के लिए 2027 से पहले पंजाब में जमीन तैयार करने का सबसे बड़ा अवसर होगा। CM भगवंत मान के लिए यह स्थिति एक राजनीतिक चुनौती बनती जा रही है, क्योंकि विपक्ष अब केंद्रीय मंत्रालयों की मदद से सीधे जनता तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
आने वाले हफ्तों में देखना होगा कि AAP सरकार केंद्र के इन प्रस्तावों पर क्या रुख अपनाती है और साहनी के दावे जमीन पर कितने साकार होते हैं। 2027 के चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति और तेज होने के आसार हैं।