1 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांका में बीडीओ अमित प्रताप सिंह ₹75,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, रिश्तेदार बच्चन कुमार भी पकड़ाए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांका में बीडीओ अमित प्रताप सिंह ₹75,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, रिश्तेदार बच्चन कुमार भी पकड़ाए

सारांश

बिहार के बांका में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने फुल्लीडूमर के बीडीओ अमित प्रताप सिंह को ₹75,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। पंचायत समिति की 26 योजनाओं पर पाँच प्रतिशत कमीशन माँगने का आरोप है। एक दिन पहले खुद शिकायत करने वाले बीडीओ की अगले ही दिन गिरफ्तारी ने इलाके में हलचल मचा दी है।

मुख्य बातें

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 1 सितंबर 2026 को फुल्लीडूमर प्रखंड के बीडीओ अमित प्रताप सिंह को ₹75,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
रिश्तेदार बच्चन कुमार भी गिरफ्तार; उनकी जेब से ₹75,000 बरामद।
आरोप है कि 26 पंचायत समिति योजनाओं (कुल ₹70–75 लाख ) की स्वीकृति के लिए 5% यानी करीब ₹3 लाख की माँग की गई थी।
शिकायतकर्ता गौतम प्रकाश (प्रखंड प्रमुख) की निगरानी ब्यूरो में दर्ज शिकायत के बाद जाल बिछाया गया।
मामला निगरानी थाना कांड संख्या 102 के तहत दर्ज; विशेष अदालत में पेशी की प्रक्रिया शुरू।
एक दिन पहले बीडीओ की शिकायत पर पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल की गिरफ्तारी के ठीक अगले दिन बीडीओ खुद गिरफ्तार।

बिहार के बांका जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 1 सितंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए फुल्लीडूमर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमित प्रताप सिंह को ₹75,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उनके रिश्तेदार बच्चन कुमार को भी उसी वक्त हिरासत में लिया गया, जिनकी जेब से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई।

शिकायत और जाल बिछाने की कार्रवाई

फुल्लीडूमर प्रखंड प्रमुख और पंचायत समिति सदस्य गौतम प्रकाश ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पंचायत समिति की विकास योजनाओं के अनुमोदन और राशि निकासी के लिए बीडीओ द्वारा पाँच प्रतिशत कमीशन की माँग की जा रही है। ब्यूरो ने पहले मामले का स्वतंत्र सत्यापन कराया और रिश्वत माँगे जाने की पुष्टि होने के बाद जाल बिछाने की योजना तैयार की।

मुख्य घटनाक्रम

निगरानी विभाग की रणनीति के तहत गौतम प्रकाश मंगलवार को ₹75,000 लेकर बांका शहर के नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ के आवास पर पहुँचे। निगरानी उपाधीक्षक के अनुसार, अमित प्रताप सिंह ने रकम स्वीकार की, जिसके बाद उनके रिश्तेदार बच्चन कुमार ने कथित तौर पर वह राशि अपने पास रख ली। इस पर निगरानी टीम ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार कर लिया और बच्चन कुमार की जेब से ₹75,000 बरामद किए गए।

योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप

अधिकारियों के अनुसार, 33 पंचायत समिति योजनाओं में से 7 योजनाओं का क्रियान्वयन हो चुका था, जबकि शेष 26 योजनाओं की कुल राशि करीब ₹70 से 75 लाख बताई जाती है। आरोप है कि इन योजनाओं की स्वीकृति के बदले बीडीओ ने पाँच प्रतिशत की दर से करीब ₹3 लाख की माँग की थी।

तलाशी और कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने बीडीओ के आवास की तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी पूरी होने के बाद बरामदगी और अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। निगरानी विभाग ने इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 102 दर्ज किया है और बीडीओ अमित प्रताप सिंह को निगरानी की विशेष अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एक दिन पहले का विवाद और इलाके में चर्चा

यह गिरफ्तारी इसलिए और चर्चित हो गई है क्योंकि सोमवार को ही फुल्लीडूमर प्रखंड कार्यालय में एक प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर बीडीओ अमित प्रताप सिंह और पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल के बीच विवाद हुआ था। बीडीओ की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व मुखिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके ठीक अगले दिन खुद बीडीओ की रिश्वत लेते गिरफ्तारी से इलाके में चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है। आगे की जाँच जारी है और तलाशी के नतीजे सामने आने पर मामले में नए खुलासे संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही अगले ही दिन रिश्वत लेते पकड़ा गया — यह महज़ संयोग नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का पैटर्न है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 33 में से 7 योजनाओं में पहले ही हुई 'पाँच प्रतिशत' वसूली की भी जाँच होगी। जब तक पकड़े गए अधिकारियों के विरुद्ध त्वरित और दृष्टांत-स्थापक सज़ा नहीं होती, ऐसी गिरफ्तारियाँ प्रतिरोधक कम और सुर्खियाँ अधिक बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांका में बीडीओ अमित प्रताप सिंह को क्यों गिरफ्तार किया गया?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें 1 सितंबर 2026 को ₹75,000 की रिश्वत स्वीकार करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि वे फुल्लीडूमर प्रखंड की पंचायत समिति योजनाओं के अनुमोदन के बदले पाँच प्रतिशत कमीशन माँग रहे थे।
रिश्तेदार बच्चन कुमार की गिरफ्तारी क्यों हुई?
बच्चन कुमार को रिश्वत की रकम अपने पास रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। निगरानी टीम ने उनकी जेब से ₹75,000 बरामद किए।
इस मामले में कितनी रिश्वत माँगी जा रही थी?
आरोप है कि 26 लंबित पंचायत समिति योजनाओं की कुल राशि ₹70 से 75 लाख पर पाँच प्रतिशत की दर से करीब ₹3 लाख की माँग की गई थी। फिलहाल ₹75,000 की पहली किस्त पर ट्रैप कार्रवाई की गई।
शिकायत किसने और कैसे दर्ज कराई?
फुल्लीडूमर प्रखंड प्रमुख और पंचायत समिति सदस्य गौतम प्रकाश ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। ब्यूरो ने पहले स्वतंत्र सत्यापन कराया और पुष्टि होने के बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की।
बीडीओ के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी?
निगरानी विभाग ने निगरानी थाना कांड संख्या 102 दर्ज किया है और बीडीओ अमित प्रताप सिंह को विशेष निगरानी अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीडीओ के आवास की तलाशी जारी है और तलाशी पूरी होने के बाद अतिरिक्त बरामदगी की जानकारी दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले