क्या बेतिया के जिला मत्स्य पदाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया?

सारांश
Key Takeaways
- बेतिया के जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन कुमार को रंगे हाथ पकड़ा गया।
- विजिलेंस टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई की।
- मामला एक महत्वपूर्ण अनुदान योजना से जुड़ा है।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
- आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।
बेतिया, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पश्चिमी चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया के मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस टीम ने उन्हें कार्यालय में रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा।
जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन कुमार को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। यह गिरफ्तारी एक बड़ी अनुदान योजना में रिश्वतखोरी के मामले में हुई है।
जानकारी के अनुसार, जिले में 25 लाख रुपए की मत्स्य योजना लागू की गई थी, जिसमें मुराद अनवर नाम के एक व्यक्ति को 10 लाख रुपए का अनुदान दिया जाना था। लेकिन इस अनुदान को दिलवाने के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी ने 10 प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी। मुराद अनवर ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद टीम ने पीयूष रंजन कुमार को पकड़ने की योजना बनाई।
विजिलेंस की टीम ने मुराद अनवर के साथ जाल बिछाया और सोमवार को जब मुराद एक लाख रुपए रिश्वत लेकर जिला मत्स्य कार्यालय पहुंचे, तो पीयूष रंजन कुमार ने रिश्वत स्वीकार कर ली। इसी बीच, विजिलेंस की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि पीयूष रंजन कुमार अनुदान के कुल 10 लाख रुपए में से 10 प्रतिशत यानी एक लाख रुपए रिश्वत के रूप में मांग रहे थे। रिश्वत देने वाले मुराद अनवर ने भी विजिलेंस को पूरी जानकारी दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।
जिला मत्स्य पदाधिकारी के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
आगे की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी है।