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चंद्रपुर में 'ग्रह दोष' के नाम पर 27 वर्षीय महिला से दुष्कर्म, फर्जी 'महाराज' समेत तीन गिरफ्तार

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चंद्रपुर में 'ग्रह दोष' के नाम पर 27 वर्षीय महिला से दुष्कर्म, फर्जी 'महाराज' समेत तीन गिरफ्तार

सारांश

चंद्रपुर में एक फर्जी 'महाराज' ने 'ग्रह दोष' ठीक करने का झाँसा देकर 27 वर्षीय विवाहित महिला के साथ कथित दुष्कर्म किया। पूजा के बहाने पति को घर से बाहर भेजकर यह अपराध किया गया। भिसी पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।

मुख्य बातें

चंद्रपुर जिले की चिमूर तहसील में 30 अगस्त को एक 27 वर्षीय विवाहित महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना घटी।
मुख्य आरोपी शुभम लतारी खंगार (26) ने खुद को जगन्नाथ महाराज भद्राभेष मंदिर से जुड़ा बताकर परिवार का विश्वास जीता।
आरोपी ने 'ग्रह दोष' ठीक करने की आड़ में पति को घर से बाहर भेजकर अपराध को अंजाम दिया।
भिसी पुलिस ने 1 सितंबर को शुभम खंगार , सचिन मोडक और तेजस वाकाटे — तीनों को गिरफ्तार किया।
तीनों पर बीएनएस धारा 64(1), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज; जाँच थाना प्रभारी मंगेश भोगले कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में अंधविश्वास का शिकार बनाकर एक 27 वर्षीय विवाहित महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। भिसी पुलिस ने 1 सितंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शुभम लतारी खंगार (26) समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना चिमूर तहसील के भिसी थाना क्षेत्र में 30 अगस्त को घटित हुई।

कैसे रचा गया षड्यंत्र

पीड़िता के पति लंबे समय से बार-बार बीमार पड़ रहे थे। परिवार को बताया गया कि यह पीड़ा 'ग्रह दोष' के कारण है। इसी बहाने परिवार ने शुभम लतारी खंगार से संपर्क किया, जिसने खुद को जगन्नाथ महाराज भद्राभेष मंदिर से जुड़ा धार्मिक व्यक्ति बताया था।

30 अगस्त को शुभम अपने दो साथियों — सचिन मोडक और तेजस वाकाटे — के साथ पीड़िता के घर पूजा करने पहुँचा। पुलिस के अनुसार, पूजा के दौरान शुभम ने पीड़िता के पति को पूजन सामग्री लाने का बहाना देकर घर से बाहर भेज दिया और घर में अकेली महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़िता की शिकायत दर्ज होते ही भिसी पुलिस ने बिना देरी किए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। चंद्रपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटाकड़े ने इसकी पुष्टि की।

तीनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जाँच भिसी पुलिस थाना प्रभारी मंगेश भोगले के नेतृत्व में की जा रही है।

अंधविश्वास का शोषण: बड़ा सवाल

यह घटना महाराष्ट्र में धार्मिक आस्था और अंधविश्वास के नाम पर होने वाले शोषण की गंभीर तस्वीर सामने रखती है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) जैसी संस्थाएँ लंबे समय से ऐसे मामलों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चला रही हैं, फिर भी 'तांत्रिक' और 'महाराज' बनकर ठगी और उत्पीड़न की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अंधविश्वास-विरोधी कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ज़ोर दे रही है। आलोचकों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जागरूकता की कमी ऐसे अपराधियों को अवसर देती है।

आगे क्या होगा

तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और मंदिर से उनके वास्तविक संबंध की भी जाँच की जा रही है। न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मामला विचाराधीन होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताते हैं कि राज्य का अंधश्रद्धा-विरोधी कानून ज़मीन पर पर्याप्त रूप से लागू नहीं हो रहा। चिंताजनक यह है कि अपराधी धार्मिक आस्था को हथियार बनाते हैं और पीड़ित परिवार सामाजिक लज्जा के कारण शिकायत दर्ज कराने में हिचकते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली ज़रूरत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान और फर्जी धार्मिक व्यक्तियों के विरुद्ध निवारक निगरानी तंत्र की है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रपुर में 'ग्रह दोष' के नाम पर दुष्कर्म का मामला क्या है?
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक व्यक्ति ने खुद को धार्मिक महाराज बताकर 27 वर्षीय विवाहित महिला के पति के 'ग्रह दोष' ठीक करने का झाँसा दिया और 30 अगस्त को पूजा के दौरान महिला के साथ कथित दुष्कर्म किया। भिसी पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और उनके नाम क्या हैं?
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — मुख्य आरोपी शुभम लतारी खंगार (26), और उसके दो साथी सचिन मोडक व तेजस वाकाटे। तीनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
तीनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जाँच भिसी पुलिस थाना प्रभारी मंगेश भोगले कर रहे हैं।
आरोपी ने खुद को किस मंदिर से जुड़ा बताया था?
मुख्य आरोपी शुभम लतारी खंगार ने खुद को जगन्नाथ महाराज भद्राभेष मंदिर से जुड़ा महाराज बताकर पीड़िता के परिवार का विश्वास हासिल किया था। पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जाँच कर रही है।
क्या महाराष्ट्र में अंधविश्वास के नाम पर अपराध रोकने के लिए कोई कानून है?
हाँ, महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा निर्मूलन और जादू-टोना विरोधी कानून लागू है, जो अंधविश्वास के नाम पर शोषण को दंडनीय अपराध मानता है। हालाँकि, ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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