मुंगेर में 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, पड़ोस के 15 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुंगेर जिले के शामपुर थाना क्षेत्र के एक गाँव में रविवार की देर शाम एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। आरोप पड़ोस के एक 15 वर्षीय नाबालिग पर लगाया गया है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पीड़िता की माँ की शिकायत पर शामपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
घटना का विवरण
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि शामपुर थाने को शाम 3 से 4 बजे के बीच सूचना मिली। बच्ची की माँ किसी काम से घर से बाहर गई थीं और घर में बच्ची अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस का नाबालिग घर में घुस आया और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब माँ वापस लौटीं। घर में माँ को देखते ही बच्ची रो पड़ी और उसने सारी बात बताई। इसके बाद माँ तुरंत थाने पहुँचीं और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही हवेली खड़गपुर एसडीपीओ अनिल कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार मौके पर पहुँचे और पीड़िता से पूछताछ की। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए। आरोपित नाबालिग को हिरासत में लिया जा चुका है और पुलिस की ओर से विधिवत कार्रवाई जारी है।
गोरखपुर में भी इसी प्रकार की घटना
गौरतलब है कि इसी प्रकार की एक दूसरी घटना बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र से सामने आई। वहाँ एक 9 महीने की बच्ची घर से लापता हो गई थी। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 2 बजे बच्ची अपने बिस्तर पर सो रही थी, लेकिन देर रात परिवार की नींद खुलने पर वह गायब मिली।
शनिवार सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने बच्ची को घर से करीब 500 मीटर दूर एक टिनशेड में बेहोशी की हालत में पाया। बच्ची के कपड़े अस्त-व्यस्त थे और हालत गंभीर बताई गई। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो रिश्ते में बच्ची का मामा बताया जाता है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किया और बताया कि वह शराब के नशे में था।
आम जनता पर असर
इन दोनों घटनाओं ने संबंधित इलाकों में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है। बाल सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल एक बार फिर सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित न्यायिक कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता दोनों अनिवार्य हैं।
क्या होगा आगे
मुंगेर मामले में नाबालिग आरोपित के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षित है। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में जाँच तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएँगे।