26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जमशेदपुर: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, स्वास्थ्य विभाग का कर्मी मुन्ना तामसी फरार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जमशेदपुर: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, स्वास्थ्य विभाग का कर्मी मुन्ना तामसी फरार

सारांश

जमशेदपुर के कीताडीह में एक सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारी पर 15 वर्षीय नाबालिग को बंधक बनाकर दुष्कर्म का गंभीर आरोप। आरोपी मुन्ना तामसी घटना के बाद से फरार है, पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर छापेमारी तेज की है।

मुख्य बातें

जमशेदपुर के कीताडीह में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म की घटना 27 मई को सामने आई।
आरोपी मुन्ना तामसी , गम्हरिया के स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया विभाग) में कार्यरत सरकारी कर्मचारी, घटना के बाद से फरार है।
पुलिस ने आरोपी की मोटरसाइकिल जब्त की; पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया।
स्थानीय पंचायत समिति सदस्य और परिजनों की शिकायत पर परसुडीह थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
जनप्रतिनिधियों ने स्पीडी ट्रायल और कड़ी सजा की माँग की है।

झारखंड के जमशेदपुर में परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह इलाके से एक गंभीर अपराध का मामला सामने आया है, जहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। आरोप गम्हरिया स्थित स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया विभाग) में कार्यरत सरकारी कर्मचारी मुन्ना तामसी पर लगाया गया है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मुन्ना तामसी ने पड़ोस में रहने वाली 15 साल की नाबालिग को सुनियोजित तरीके से बहला-फुसलाकर रात में अपने घर बुलाया। आरोप है कि इसके बाद उसने बच्ची को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। देर रात डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची, परंतु भय के कारण चुप रही।

अगली सुबह पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। स्थानीय पंचायत समिति सदस्य और परिजनों ने तत्काल परसुडीह थाना पुलिस को सूचित किया।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेज दिया गया है। आरोपी मुन्ना तामसी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है, लेकिन अब तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर है।

जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि एक अधेड़ उम्र के सरकारी कर्मचारी द्वारा ऐसी घटना समाज को शर्मसार करने वाली है। जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से माँग की है कि फरार आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर मामले का स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।

आगे क्या होगा

पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी की तलाश में कई संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में धाराओं का निर्धारण और आरोप-पत्र तैयार किया जाएगा। यह मामला झारखंड में नाबालिगों की सुरक्षा और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें पीड़ित बच्चे रात भर चुप रहने पर मजबूर हो जाते हैं। झारखंड में बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में दोषसिद्धि दर राष्ट्रीय औसत से कम रही है, और 'स्पीडी ट्रायल' की माँग हर बार उठती है, पर अमल कम होता है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार जवाबदेही सुनिश्चित होगी, या यह मामला भी आरोप-पत्र और तारीखों के बोझ तले दब जाएगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेदपुर नाबालिग दुष्कर्म मामले में आरोपी कौन है?
आरोपी की पहचान गम्हरिया के स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया विभाग) में कार्यरत सरकारी कर्मचारी मुन्ना तामसी के रूप में हुई है। वह घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना झारखंड के जमशेदपुर में परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह इलाके में हुई। मामला 27 मई को सामने आया, जब पीड़िता ने सुबह अपनी बड़ी बहन को आपबीती सुनाई।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है और पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है, लेकिन आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्या माँग की है?
स्थानीय मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों ने फरार आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की माँग की है। उन्होंने इस घटना को समाज को शर्मसार करने वाला बताते हुए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अपील की है।
पीड़िता की मदद के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
पुलिस के अनुसार पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा जा चुका है। परिजन और स्थानीय पंचायत समिति सदस्य उनके साथ हैं और मामले में त्वरित न्याय के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले