बीड में नाबालिग से घर में ही यौन शोषण, चचेरे भाई और दादा गिरफ्तार; पीड़िता शेल्टर होम में
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के बीड जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ उसके अपने ही घर में यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में पीड़िता का चचेरा भाई और सगा दादा शामिल हैं, जिन्हें बीड के नेकनूर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को फिलहाल शेल्टर होम भेज दिया गया है।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, चचेरे भाई ने खेत में बकरियाँ चराने के दौरान उसके साथ बार-बार जबरदस्ती की। इसके अलावा, घर में अकेले रहने के दौरान सगे दादा ने भी उसका शोषण किया। दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर लंबे समय तक चुप रहने पर मजबूर किया।
अधिकारियों के अनुसार, जब शारीरिक तकलीफ असहनीय हो गई, तब पीड़िता ने डॉक्टर के सामने अपनी आपबीती बयाँ की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की कार्रवाई
नेकनूर पुलिस, बीड ने शिकायत दर्ज होते ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पीड़िता नाबालिग होने के कारण उसे तत्काल शेल्टर होम में सुरक्षित स्थान दिया गया है। जाँच जारी है।
झारखंड में भी मिलती-जुलती घटना
इसी सप्ताह बुधवार को झारखंड के जमशेदपुर में भी एक समान मामला सामने आया। परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह में एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप गम्हरिया के स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया विभाग) में कार्यरत सरकारी कर्मी मुन्ना तामसी पर लगा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पड़ोस में रहने वाली बच्ची को बहला-फुसलाकर रात में अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। देर रात डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह घर पहुँची और सुबह अपनी बड़ी बहन को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
आम जनता और बाल सुरक्षा पर असर
बीड और जमशेदपुर — दोनों मामले यह रेखांकित करते हैं कि नाबालिगों के विरुद्ध यौन हिंसा अक्सर परिचित या पारिवारिक दायरे में ही होती है। पॉक्सो अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई का प्रावधान है, फिर भी पीड़ित बच्चियाँ धमकी और सामाजिक दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बाल संरक्षण तंत्र को स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने की आवश्यकता है।
आगे की जाँच
बीड मामले में नेकनूर पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जमशेदपुर मामले में भी स्थानीय पुलिस ने आरोपी सरकारी कर्मी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जाँच आरंभ की है। दोनों पीड़िताओं की पहचान कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखी गई है।