13 जुलाई 2026
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बीड में नाबालिग से घर में ही यौन शोषण, चचेरे भाई और दादा गिरफ्तार; पीड़िता शेल्टर होम में

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बीड में नाबालिग से घर में ही यौन शोषण, चचेरे भाई और दादा गिरफ्तार; पीड़िता शेल्टर होम में

सारांश

महाराष्ट्र के बीड में एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ उसके चचेरे भाई और सगे दादा ने घर में ही यौन शोषण किया। धमकी से चुप रखी गई पीड़िता ने डॉक्टर के सामने आपबीती सुनाई, तब मामला सामने आया। इसी सप्ताह झारखंड के जमशेदपुर में भी एक सरकारी कर्मी पर 15 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के बीड में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ चचेरे भाई और सगे दादा द्वारा यौन शोषण का मामला दर्ज।
नेकनूर पुलिस, बीड ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया; पीड़िता को शेल्टर होम भेजा गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर लंबे समय तक चुप रखा।
पीड़िता ने डॉक्टर के सामने आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
इसी सप्ताह झारखंड के जमशेदपुर में भी एक सरकारी कर्मी मुन्ना तामसी पर 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप; जाँच जारी।

महाराष्ट्र के बीड जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ उसके अपने ही घर में यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में पीड़िता का चचेरा भाई और सगा दादा शामिल हैं, जिन्हें बीड के नेकनूर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को फिलहाल शेल्टर होम भेज दिया गया है।

मामले का खुलासा कैसे हुआ

पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, चचेरे भाई ने खेत में बकरियाँ चराने के दौरान उसके साथ बार-बार जबरदस्ती की। इसके अलावा, घर में अकेले रहने के दौरान सगे दादा ने भी उसका शोषण किया। दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर लंबे समय तक चुप रहने पर मजबूर किया।

अधिकारियों के अनुसार, जब शारीरिक तकलीफ असहनीय हो गई, तब पीड़िता ने डॉक्टर के सामने अपनी आपबीती बयाँ की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस की कार्रवाई

नेकनूर पुलिस, बीड ने शिकायत दर्ज होते ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पीड़िता नाबालिग होने के कारण उसे तत्काल शेल्टर होम में सुरक्षित स्थान दिया गया है। जाँच जारी है।

झारखंड में भी मिलती-जुलती घटना

इसी सप्ताह बुधवार को झारखंड के जमशेदपुर में भी एक समान मामला सामने आया। परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह में एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप गम्हरिया के स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया विभाग) में कार्यरत सरकारी कर्मी मुन्ना तामसी पर लगा है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पड़ोस में रहने वाली बच्ची को बहला-फुसलाकर रात में अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। देर रात डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह घर पहुँची और सुबह अपनी बड़ी बहन को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

आम जनता और बाल सुरक्षा पर असर

बीड और जमशेदपुर — दोनों मामले यह रेखांकित करते हैं कि नाबालिगों के विरुद्ध यौन हिंसा अक्सर परिचित या पारिवारिक दायरे में ही होती है। पॉक्सो अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई का प्रावधान है, फिर भी पीड़ित बच्चियाँ धमकी और सामाजिक दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बाल संरक्षण तंत्र को स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने की आवश्यकता है।

आगे की जाँच

बीड मामले में नेकनूर पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जमशेदपुर मामले में भी स्थानीय पुलिस ने आरोपी सरकारी कर्मी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जाँच आरंभ की है। दोनों पीड़िताओं की पहचान कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परिचित और पारिवारिक घेरे से ही आता है — यह तथ्य राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आँकड़े भी बार-बार रेखांकित करते हैं। पॉक्सो कानून के एक दशक से अधिक अस्तित्व के बावजूद, धमकी और सामाजिक दबाव के कारण पीड़िताएँ तब तक चुप रहती हैं जब तक शारीरिक पीड़ा असहनीय न हो जाए — यह कानून की सीमा नहीं, बल्कि जमीनी जागरूकता और रिपोर्टिंग तंत्र की विफलता है। सरकारी कर्मी द्वारा अपराध का जमशेदपुर मामला यह भी संकेत देता है कि पद और विश्वसनीयता का दुरुपयोग इन मामलों को और जटिल बनाता है। जब तक स्कूल, आँगनवाड़ी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाल संरक्षण की पहली पंक्ति नहीं बनते, ऐसे मामले देर से सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीड नाबालिग यौन शोषण मामले में क्या हुआ?
महाराष्ट्र के बीड जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ उसके चचेरे भाई और सगे दादा ने घर में ही यौन शोषण किया। आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर चुप रखा, और मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने डॉक्टर के सामने आपबीती सुनाई।
बीड मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
नेकनूर पुलिस, बीड ने शिकायत दर्ज होते ही दोनों आरोपियों — चचेरे भाई और सगे दादा — को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता नाबालिग होने के कारण उसे शेल्टर होम भेजा गया है और जाँच जारी है।
झारखंड के जमशेदपुर में क्या मामला सामने आया?
जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह में गम्हरिया के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सरकारी कर्मी मुन्ना तामसी पर 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है। आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर रात में अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता इतने समय तक चुप क्यों रही?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह लंबे समय तक डर और मानसिक प्रताड़ना में चुप रही। शारीरिक तकलीफ असहनीय होने पर डॉक्टर के सामने उसने आपबीती बयाँ की।
ऐसे मामलों में पॉक्सो कानून के तहत क्या प्रावधान हैं?
पॉक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों में त्वरित जाँच और विशेष अदालत में सुनवाई का प्रावधान है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और पुनर्वास के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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