राजस्थान निकाय चुनाव 2026: भाजपा ने 6 नगर निगमों में मेयर पद जीते, कांग्रेस सिर्फ बीकानेर बचाने में सफल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के निकाय चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 7 में से 6 नगर निगमों में मेयर पद पर कब्जा किया है। 21 सितंबर 2026 तक 301 निकायों के नतीजे घोषित हो चुके हैं, जिनमें भाजपा ने 197 मेयर और अध्यक्ष पद जीते हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) 94 पदों तक सिमट गई है। कांग्रेस एकमात्र बीकानेर नगर निगम में मेयर पद बचाने में सफल रही।
मुख्य परिणाम एक नज़र में
निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 पद जीते, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP), सीपीएम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने एक-एक पद हासिल किया। यह नतीजे राजस्थान में भाजपा सरकार की स्थानीय शासन पर मज़बूत पकड़ को दर्शाते हैं।
गौरतलब है कि भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम समेत 32 निकायों में चुनाव पहले ही निर्विरोध तय हो चुके थे, जो एक और संकेत है कि विपक्ष कई सीटों पर उम्मीदवार उतारने में भी पिछड़ा।
अजमेर और पाली में कांग्रेस को बड़ा झटका
अजमेर में भाजपा की अनामिका शर्मा ने 43 वोट हासिल कर मेयर पद जीता। उल्लेखनीय है कि यहाँ नगर निगम चुनाव में भाजपा के 32 पार्षद जीते थे।
पाली में स्थिति और भी चौंकाने वाली रही — यहाँ कांग्रेस के 29 पार्षद और भाजपा के केवल 21 पार्षद जीते थे, फिर भी मेयर चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नमिता बुबाकिया ने 33 वोट पाकर जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार सुमित्रा जैन को केवल 3 वोट ही मिले, जो पार्षद संख्या और मेयर वोट के बीच बड़े अंतर की ओर इशारा करता है।
उदयपुर, अलवर और बीकानेर के नतीजे
उदयपुर में भाजपा के पारस सिंघवी और अलवर में सुमनलता अग्रवाल ने मेयर पद पर जीत हासिल की। अलवर में सुमनलता को 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले।
बीकानेर में कांग्रेस उम्मीदवार अनिल कल्ला मेयर चुने गए। अनिल कल्ला पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे हैं — इस जीत को कांग्रेस के लिए राजस्थान में एकमात्र राहत माना जा रहा है।
अटरू में शिक्षा मंत्री के भाई की हार
बारां जिले की अटरू नगरपालिका में एक उल्लेखनीय नतीजा सामने आया। यहाँ कांग्रेस उम्मीदवार निशा नैनवाल ने अध्यक्ष पद के चुनाव में राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर को 3 वोटों के अंतर से पराजित किया — यह नतीजा इन चुनावों का सबसे चर्चित उलटफेर रहा।
आगे क्या होगा
जयपुर सहित तीन नगर निगमों के मेयर पद और एक नगरपालिका के लिए चुनाव 25 सितंबर 2026 को होने हैं। इन बचे हुए चुनावों के बाद ही राजस्थान के शहरी निकायों की अंतिम राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट होगी। जयपुर जैसे बड़े नगर निगम का नतीजा दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है।