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गाजियाबाद: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म, 13 वर्षीय आरोपी हिरासत में — ट्रॉनिका सिटी मामला

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गाजियाबाद: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म, 13 वर्षीय आरोपी हिरासत में — ट्रॉनिका सिटी मामला

सारांश

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में 5 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म किया गया। 13 वर्षीय आरोपी को हिरासत में लेकर बाल संरक्षण केंद्र भेजा गया है और POCSO सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

मुख्य बातें

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म की घटना 2 जुलाई को सामने आई।
आरोपी 13 वर्षीय सोनू (निवासी गाँव बदरपुर) ने कथित तौर पर बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया।
पीड़िता खून से लथपथ अवस्था में मिली; परिजनों की शिकायत पर ट्रॉनिका सिटी थाने में मुकदमा दर्ज।
पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल भेजा; आरोपी नाबालिग को बाल संरक्षण केंद्र में भेजा गया।
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने पुष्टि की कि जाँच और विधिवत कार्रवाई जारी है।

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में एक 5 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म की घटना सामने आई है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 2 जुलाई को संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संरक्षण केंद्र भेज दिया गया है।

घटनाक्रम: क्या हुआ उस शाम

बागपत जिले के खेकड़ा निवासी शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी बेटी बुधवार शाम लगभग 7 बजे अपने मामा के यहाँ गाँव बदरपुर गई हुई थी। इसी दौरान गाँव बदरपुर निवासी 13 वर्षीय आरोपी सोनू ने कथित तौर पर बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

परिजनों के अनुसार, बच्ची के लापता होने पर काफी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कुछ समय बाद जब पीड़िता खून से लथपथ अवस्था में मिली, तब उसने परिवार को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद परिजनों ने ट्रॉनिका सिटी थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पुलिस को इस मामले की जानकारी डायल-112 के माध्यम से प्राप्त हुई, जहाँ कॉलर ने अपनी भतीजी के साथ हुई घटना की सूचना दी। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि सूचना मिलते ही थाना ट्रॉनिका सिटी में संबंधित धाराओं के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल भेजा और आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संरक्षण केंद्र में भेज दिया। एसीपी गौतम ने पुष्टि की कि आगे की जाँच और विधिवत कार्रवाई जारी है।

कानूनी पहलू और बाल संरक्षण

चूँकि आरोपी 13 वर्षीय नाबालिग है, इसलिए मामला किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत भी संचालित होगा। पीड़िता की आयु को देखते हुए यह प्रकरण POCSO अधिनियम के अंतर्गत भी आता है, जिसमें कठोर दंड का प्रावधान है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बाल यौन उत्पीड़न के मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और निगरानी तंत्र को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार, मामले में विधिवत जाँच जारी है और साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट जाँच में अहम भूमिका निभाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ परिचित व्यक्ति द्वारा उत्पीड़न के मामले बार-बार सामने आते हैं। आरोपी का नाबालिग होना किशोर न्याय तंत्र की पर्याप्तता पर बहस को फिर से जीवित करता है — खासकर तब जब पीड़िता की उम्र महज 5 साल हो। POCSO के कठोर प्रावधानों के बावजूद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति यह संकेत देती है कि कानून से परे सामुदायिक जागरूकता और बाल सुरक्षा तंत्र में बड़े सुधार की दरकार है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद ट्रॉनिका सिटी दुष्कर्म मामला क्या है?
गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में 2 जुलाई को एक 5 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म किया गया। 13 वर्षीय आरोपी को हिरासत में लेकर बाल संरक्षण केंद्र भेजा गया है और POCSO सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
आरोपी कौन है और उसे क्या सजा हो सकती है?
आरोपी गाँव बदरपुर निवासी 13 वर्षीय नाबालिग सोनू है। चूँकि आरोपी नाबालिग है, मामला किशोर न्याय अधिनियम के साथ-साथ POCSO अधिनियम के तहत चलेगा। POCSO में पीड़िता की आयु 12 वर्ष से कम होने पर अत्यंत कठोर दंड का प्रावधान है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिलते ही ट्रॉनिका सिटी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल भेजा गया और आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संरक्षण केंद्र में भेज दिया गया है।
घटना कब और कहाँ हुई?
घटना बुधवार शाम लगभग 7 बजे गाँव बदरपुर, ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र, गाजियाबाद में हुई। पीड़िता बागपत जिले के खेकड़ा की निवासी है और अपने मामा के यहाँ आई हुई थी।
POCSO अधिनियम इस मामले में कैसे लागू होता है?
POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों में लागू होता है। पीड़िता की आयु 5 वर्ष होने के कारण यह अधिनियम की सबसे गंभीर श्रेणी में आता है, जिसमें न्यूनतम 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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