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भिंड में 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, प्रेमी समेत तीन गिरफ्तार

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भिंड में 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, प्रेमी समेत तीन गिरफ्तार

सारांश

भिंड में 28 मई को लापता हुई 15 वर्षीय नाबालिग की सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का खुलासा हुआ। आरोपियों ने ₹50,000 में बेचने की कोशिश की, विरोध पर गला घोंटकर हत्या की और शव जलाया। प्रेमी रामू गुर्जर समेत तीन गिरफ्तार।

मुख्य बातें

28 मई 2026 को भिंड की 15 वर्षीय नाबालिग के लापता होने पर परिवार ने मऊ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी रामू गुर्जर और अरुण ने पीड़िता को ग्वालियर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया और गला घोंटकर हत्या की।
रामू गुर्जर ने कथित तौर पर पीड़िता को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था।
29 मई को तीनों आरोपियों — रामू, अरुण और गौरव कुशवाह — ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई।
1 जून 2026 को नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी से आंशिक रूप से जला और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार; आगे की जांच जनकगंज पुलिस कर रही है।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में 28 मई 2026 को लापता हुई 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का पुलिस ने 1 जून 2026 को पर्दाफाश किया। ग्वालियर के नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी पर पीड़िता का आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामू गुर्जर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्य घटनाक्रम

28 मई को नाबालिग के घर न लौटने पर परिजनों ने भिंड के मऊ पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने स्थानीय निवासी रामू गुर्जर को संदिग्ध बताया, जिसका कथित तौर पर पीड़िता के साथ संबंध था। शिकायत के आधार पर ग्वालियर और मऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को रामू को हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रामू ने शुरुआत में जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिकॉर्ड सामने आने के बाद उसने अपराध कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि 28 मई को वह अपने साथी अरुण के साथ नाबालिग को मोटरसाइकिल पर ग्वालियर ले गया था।

अपराध का तरीका

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नाबालिग को जनकगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी पर एक सुनसान स्थान पर ले गए और वहाँ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध किया और घर लौटने की कोशिश की, तो दोनों ने उसके साथ मारपीट की।

जांच में सामने आया कि रामू गुर्जर ने कथित तौर पर पीड़िता को अरुण को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था। पुलिस के अनुसार, जब पीड़िता ने यह सौदेबाजी देखी और शोर मचाने की कोशिश की, तो दोनों आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।

सबूत मिटाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, 29 मई को रामू, अरुण और तीसरे आरोपी गौरव कुशवाह ने सबूत नष्ट करने के इरादे से घटनास्थल पर वापसी की। तीनों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और फरार हो गए। सीएसपी (लश्कर) किरण अहिरवार ने बताया कि रामू की दी गई सूचना पर जनकगंज पुलिस टीम पहाड़ी पर पहुँची और 1 जून को आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव बरामद किया।

पुलिस की कार्रवाई

अहिरवार ने पुष्टि की कि जले हुए अवशेष 1 जून 2026 को बरामद किए गए। तीनों आरोपियों — रामू गुर्जर, अरुण और गौरव कुशवाह — को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और मानव तस्करी के प्रयास से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस दौरान सबूत नष्ट करने का मौका मिलना, जांच तंत्र की तत्परता पर सवाल खड़े करता है। मध्य प्रदेश में नाबालिगों से जुड़े अपराधों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, फिर भी त्वरित प्रतिक्रिया और निगरानी तंत्र अभी भी कमज़ोर दिखता है। ₹50,000 में बेचने के कथित प्रयास ने इसे दुष्कर्म-हत्या के साथ मानव तस्करी के दायरे में भी ला खड़ा किया है, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिंड नाबालिग हत्याकांड में क्या हुआ?
28 मई 2026 को भिंड की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हो गई। आरोपी रामू गुर्जर और अरुण उसे ग्वालियर ले गए, जहाँ सामूहिक दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई। 1 जून को नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी से जला हुआ शव बरामद हुआ।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है — मुख्य आरोपी रामू गुर्जर (पीड़िता का कथित प्रेमी), अरुण, और गौरव कुशवाह। गौरव पर सबूत नष्ट करने में सहयोग का आरोप है।
आरोपियों ने सबूत कैसे मिटाने की कोशिश की?
पुलिस के अनुसार 29 मई को तीनों आरोपी घटनास्थल पर वापस आए और शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद वे फरार हो गए। बावजूद इसके पुलिस ने 1 जून को आंशिक रूप से जले और क्षत-विक्षत शव को बरामद कर लिया।
मानव तस्करी का पहलू इस मामले में क्यों जुड़ा?
जांच में सामने आया कि रामू गुर्जर ने कथित तौर पर पीड़िता को अरुण को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था। जब पीड़िता ने इस सौदेबाजी का विरोध किया, तो दोनों ने उसकी हत्या कर दी। इससे मामले में मानव तस्करी की धाराएँ भी जुड़ गई हैं।
पुलिस को आरोपी का कबूलनामा कैसे मिला?
पुलिस के अनुसार रामू गुर्जर ने शुरुआत में जांचकर्ताओं को गुमराह किया। जब उसे कॉल रिकॉर्ड दिखाए गए, तो उसने अपराध कबूल कर लिया और घटनास्थल की जानकारी दी, जिसके आधार पर शव बरामद हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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