17 जुलाई 2026
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भिंड में 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, शव जलाया; प्रेमी समेत तीन गिरफ्तार

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भिंड में 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, शव जलाया; प्रेमी समेत तीन गिरफ्तार

सारांश

भिंड में 15 वर्षीय नाबालिग की गुमशुदगी की शिकायत ने सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और शव को जलाकर सबूत मिटाने की घटना उजागर की। ग्वालियर की पहाड़ी से शव बरामद; प्रेमी रामू गुर्जर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार। आरोपी ने पीड़िता को ₹50,000 में बेचने की कोशिश भी की थी।

मुख्य बातें

15 वर्षीय नाबालिग की 28 मई 2026 को गुमशुदगी की शिकायत मऊ पुलिस स्टेशन, भिंड में दर्ज कराई गई थी।
आरोपी रामू गुर्जर और अरुण ने पीड़िता को ग्वालियर के नवग्रह मंदिर के पास पहाड़ी पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया और गला घोंटकर हत्या की।
रामू ने कथित तौर पर पीड़िता को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था।
29 मई को तीसरे आरोपी गौरव कुशवाह के साथ मिलकर शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और सबूत मिटाए।
पीड़िता का आंशिक रूप से जला और क्षत-विक्षत शव 1 जून 2026 को पहाड़ी से बरामद किया गया।
तीनों आरोपी — रामू गुर्जर , अरुण और गौरव कुशवाह — पुलिस हिरासत में हैं।

भिंड जिले की मऊ पुलिस द्वारा दर्ज गुमशुदगी की शिकायत ने एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और शव को जलाकर सबूत मिटाने की भयावह घटना का पर्दाफाश किया। 1 जून 2026 को ग्वालियर के नवग्रह मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी से पीड़िता का आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामू गुर्जर सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

मामले का घटनाक्रम

28 मई 2026 को नाबालिग लड़की के घर न लौटने पर उसके परिवार ने भिंड स्थित मऊ पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने स्थानीय निवासी रामू गुर्जर को संदिग्ध बताया, जिसका कथित तौर पर लड़की के साथ संबंध था। शिकायत के आधार पर ग्वालियर और मऊ पुलिस की संयुक्त टीमों ने सोमवार को रामू को हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रामू ने शुरू में जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिकॉर्ड सामने रखे जाने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 28 मई को वह अपने साथी अरुण के साथ लड़की को मोटरसाइकिल पर ग्वालियर ले गया था।

अपराध का विवरण

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नाबालिग को जनकगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी पर एक सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध किया और घर लौटने की कोशिश की, तो दोनों ने उसके साथ मारपीट की।

जांच में यह भी सामने आया कि रामू गुर्जर ने कथित तौर पर पीड़िता को अरुण को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था। पुलिस के अनुसार, जब पीड़िता ने इस सौदेबाजी को भांप लिया और शोर मचाने की कोशिश की, तो दोनों आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।

सबूत मिटाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, 29 मई को रामू और अरुण तीसरे आरोपी गौरव कुशवाह के साथ सबूत नष्ट करने के इरादे से वापस लौटे। तीनों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और फरार हो गए। सीएसपी (लश्कर) किरण अहिरवार ने बताया कि रामू की निशानदेही पर जनकगंज पुलिस टीम पहाड़ी पर पहुंची, जहाँ से 1 जून को पीड़िता का आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया।

पुलिस की कार्रवाई

तीनों आरोपियों — रामू गुर्जर, अरुण और गौरव कुशवाह — को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीएसपी किरण अहिरवार ने पुष्टि की कि जले हुए अवशेष 1 जून 2026 को बरामद किए गए। मामले में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किए जा रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य प्रदेश में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर चिंता लगातार बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 में बेचने का कथित प्रयास इस अपराध की क्रूरता को और गहरा करता है और मानव तस्करी के कोण की जांच की माँग करता है। मध्य प्रदेश में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में यह पैटर्न — परिचित आरोपी, एकांत स्थान, सबूत नष्ट करने की कोशिश — बार-बार दोहराया जाता है, जो त्वरित जांच तंत्र और बेहतर निगरानी की जरूरत को रेखांकित करता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिंड नाबालिग हत्या मामले में क्या हुआ?
भिंड की एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ 28 मई 2026 को सामूहिक दुष्कर्म किया गया और गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शव को ग्वालियर के नवग्रह मंदिर के पास पहाड़ी पर पेट्रोल डालकर जलाया गया और 1 जून को बरामद किया गया।
इस मामले में कितने और किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है — मुख्य आरोपी रामू गुर्जर (पीड़िता का कथित प्रेमी), अरुण और गौरव कुशवाह। रामू ने कॉल रिकॉर्ड दिखाए जाने पर अपराध कबूल किया।
आरोपियों ने सबूत कैसे मिटाने की कोशिश की?
29 मई को रामू, अरुण और गौरव कुशवाह तीनों मिलकर घटनास्थल पर वापस लौटे और शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद तीनों फरार हो गए।
पीड़िता को बेचने का मामला क्या है?
जांच में सामने आया कि रामू गुर्जर ने कथित तौर पर पीड़िता को अरुण को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था। जब पीड़िता ने इस सौदेबाजी को भांपकर शोर मचाने की कोशिश की, तभी दोनों ने उसकी हत्या कर दी।
शव कहाँ और कब बरामद हुआ?
पीड़िता का आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव 1 जून 2026 को ग्वालियर के जनकगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नवग्रह मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी से बरामद किया गया। सीएसपी (लश्कर) किरण अहिरवार ने इसकी पुष्टि की।
राष्ट्र प्रेस
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