भिंड में 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, शव जलाया; प्रेमी समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भिंड जिले की मऊ पुलिस द्वारा दर्ज गुमशुदगी की शिकायत ने एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और शव को जलाकर सबूत मिटाने की भयावह घटना का पर्दाफाश किया। 1 जून 2026 को ग्वालियर के नवग्रह मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी से पीड़िता का आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामू गुर्जर सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
मामले का घटनाक्रम
28 मई 2026 को नाबालिग लड़की के घर न लौटने पर उसके परिवार ने भिंड स्थित मऊ पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने स्थानीय निवासी रामू गुर्जर को संदिग्ध बताया, जिसका कथित तौर पर लड़की के साथ संबंध था। शिकायत के आधार पर ग्वालियर और मऊ पुलिस की संयुक्त टीमों ने सोमवार को रामू को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रामू ने शुरू में जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिकॉर्ड सामने रखे जाने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 28 मई को वह अपने साथी अरुण के साथ लड़की को मोटरसाइकिल पर ग्वालियर ले गया था।
अपराध का विवरण
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नाबालिग को जनकगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी पर एक सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध किया और घर लौटने की कोशिश की, तो दोनों ने उसके साथ मारपीट की।
जांच में यह भी सामने आया कि रामू गुर्जर ने कथित तौर पर पीड़िता को अरुण को ₹50,000 में बेचने का प्रयास किया था। पुलिस के अनुसार, जब पीड़िता ने इस सौदेबाजी को भांप लिया और शोर मचाने की कोशिश की, तो दोनों आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, 29 मई को रामू और अरुण तीसरे आरोपी गौरव कुशवाह के साथ सबूत नष्ट करने के इरादे से वापस लौटे। तीनों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और फरार हो गए। सीएसपी (लश्कर) किरण अहिरवार ने बताया कि रामू की निशानदेही पर जनकगंज पुलिस टीम पहाड़ी पर पहुंची, जहाँ से 1 जून को पीड़िता का आंशिक रूप से जला हुआ और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
तीनों आरोपियों — रामू गुर्जर, अरुण और गौरव कुशवाह — को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीएसपी किरण अहिरवार ने पुष्टि की कि जले हुए अवशेष 1 जून 2026 को बरामद किए गए। मामले में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किए जा रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य प्रदेश में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर चिंता लगातार बढ़ रही है।