जेवर में नाबालिग गोपाल हत्याकांड: तीन आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में दो घायल, बुलडोजर कार्रवाई शुरू
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 27 मई 2026 को जेवर क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग गोपाल की हत्या के मामले में तीन आरोपियों — नरेश, उमेश कुमार और मोहित — को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान थाना जेवर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आरोपी घायल हो गए। प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
22 मई 2026 को गोपाल के परिजनों ने थाना जेवर में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार, 21 मई को गोपाल घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। उसी रात पुलिस को ग्राम रोही स्थित एक खाली मकान से नाबालिग का शव बरामद हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की।
हत्या की वजह: अपमान का बदला
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतक गोपाल पहले साथ बैठकर हुक्का पिया करते थे। कुछ समय पूर्व गोपाल की दादी ने आरोपियों के घर जाकर उन्हें फटकार लगाई थी और कहा था कि वे नाबालिग की संगत खराब कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इसी बात से नाराज आरोपी अपने कथित अपमान का बदला लेना चाहते थे।
पुलिस के मुताबिक, 21 मई को गोपाल दोबारा आरोपियों के संपर्क में आया। आरोपियों ने उसे बुलाकर हुक्के में अधिक मात्रा में तंबाकू डालकर पिलाया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी
27 मई को थाना जेवर पुलिस साबौता अंडरपास के नीचे चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस के रुकने का इशारा करने पर वे भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में नरेश और उमेश घायल हो गए, जबकि तीसरे आरोपी मोहित को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सोशल मीडिया दावे
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं तथा सिर पर चोट का एक निशान मिला है। सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे अन्य आरोपों को पुलिस ने असत्य बताया है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होने की संभावना है।