13 जुलाई 2026
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जेवर में नाबालिग गोपाल हत्याकांड: तीन आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में दो घायल, बुलडोजर कार्रवाई शुरू

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जेवर में नाबालिग गोपाल हत्याकांड: तीन आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में दो घायल, बुलडोजर कार्रवाई शुरू

सारांश

जेवर में 15 वर्षीय गोपाल की हत्या का खुलासा हो गया — दादी की फटकार से नाराज तीन युवकों ने हुक्के में जहरीला तंबाकू पिलाकर जान ली। पुलिस मुठभेड़ के बाद तीनों गिरफ्तार, घरों पर बुलडोजर चला, विसरा जांच जारी।

मुख्य बातें

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने 27 मई 2026 को जेवर हत्याकांड में नरेश, उमेश कुमार और मोहित को गिरफ्तार किया।
मुठभेड़ में नरेश और उमेश घायल हुए; मोहित को कॉम्बिंग अभियान में पकड़ा गया।
पीड़ित 15 वर्षीय गोपाल का शव 22 मई की रात ग्राम रोही के खाली मकान से बरामद हुआ था।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि गोपाल की दादी द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद उन्होंने हत्या की योजना बनाई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट का निशान; मौत के सटीक कारण के लिए विसरा जांच प्रयोगशाला में भेजी गई।
प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 27 मई 2026 को जेवर क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग गोपाल की हत्या के मामले में तीन आरोपियों — नरेश, उमेश कुमार और मोहित — को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान थाना जेवर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आरोपी घायल हो गए। प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

22 मई 2026 को गोपाल के परिजनों ने थाना जेवर में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार, 21 मई को गोपाल घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। उसी रात पुलिस को ग्राम रोही स्थित एक खाली मकान से नाबालिग का शव बरामद हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की।

हत्या की वजह: अपमान का बदला

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतक गोपाल पहले साथ बैठकर हुक्का पिया करते थे। कुछ समय पूर्व गोपाल की दादी ने आरोपियों के घर जाकर उन्हें फटकार लगाई थी और कहा था कि वे नाबालिग की संगत खराब कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इसी बात से नाराज आरोपी अपने कथित अपमान का बदला लेना चाहते थे।

पुलिस के मुताबिक, 21 मई को गोपाल दोबारा आरोपियों के संपर्क में आया। आरोपियों ने उसे बुलाकर हुक्के में अधिक मात्रा में तंबाकू डालकर पिलाया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी

27 मई को थाना जेवर पुलिस साबौता अंडरपास के नीचे चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस के रुकने का इशारा करने पर वे भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में नरेश और उमेश घायल हो गए, जबकि तीसरे आरोपी मोहित को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सोशल मीडिया दावे

पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं तथा सिर पर चोट का एक निशान मिला है। सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे अन्य आरोपों को पुलिस ने असत्य बताया है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।

आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पड़ोसी विवाद का हिंसक अंजाम, और उत्तर प्रदेश में बुलडोजर न्याय की बढ़ती प्रवृत्ति जो अदालती फैसले से पहले ही क्रियान्वित हो जाती है। विसरा रिपोर्ट का इंतजार किए बिना सोशल मीडिया पर उठे आरोपों को पुलिस ने खारिज किया है — यह पारदर्शिता की दिशा में सही कदम है, लेकिन स्वतंत्र जांच की जरूरत बनी रहती है। बुलडोजर कार्रवाई की कानूनी वैधता पर सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों के मद्देनजर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेवर नाबालिग गोपाल हत्याकांड क्या है?
यह ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में 15 वर्षीय गोपाल की हत्या का मामला है, जिसमें तीन आरोपियों — नरेश, उमेश कुमार और मोहित — ने कथित तौर पर हुक्के में अधिक मात्रा में तंबाकू पिलाकर उसकी जान ली। 21 मई 2026 को घटना हुई और 22 मई को शव बरामद हुआ।
आरोपियों ने गोपाल की हत्या क्यों की?
पुलिस के अनुसार, गोपाल की दादी ने कुछ समय पहले आरोपियों को फटकार लगाई थी कि वे नाबालिग की संगत खराब कर रहे हैं। इसी अपमान का बदला लेने के लिए आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
मुठभेड़ में क्या हुआ और तीनों को कैसे पकड़ा गया?
27 मई को साबौता अंडरपास पर चेकिंग के दौरान तीनों संदिग्ध बाइक पर आए और पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में नरेश और उमेश घायल हुए, जबकि मोहित को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम में मृतक के सभी अंग सुरक्षित पाए गए और सिर पर एक चोट का निशान मिला है। मौत के सटीक कारण के लिए विसरा जांच प्रयोगशाला में भेजी गई है; सोशल मीडिया पर लगाए गए अन्य आरोपों को पुलिस ने असत्य बताया है।
आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों हुई?
गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। यह उत्तर प्रदेश में आपराधिक मामलों में अपनाई जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है, हालांकि इसकी कानूनी वैधता अदालतों में विचाराधीन रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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