संतकबीरनगर: नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार, भागने पर पुलिस ने पैर में मारी गोली
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में बेलहर कलां थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने 1 जुलाई 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। ऑपरेशन क्रैक डाउन अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में जब आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुख्य घटनाक्रम
27-28 जून 2026 की रात को आरोपियों ने किशोरी को बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के इरादे से दोनों ने किशोरी के शव को कब्रिस्तान के पास एक पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। 28 जून को पुलिस को सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना पाया गया — न कि आत्महत्या।
जांच और गिरफ्तारी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू और मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू उर्फ पिल्ले — दोनों बेलहर कलां निवासी — को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया। पूछताछ में दोनों ने दुष्कर्म और हत्या की बात स्वीकार की। जब पुलिस उन्हें मृतका का मोबाइल बरामद कराने ले जा रही थी, तभी दोनों भागने लगे। पुलिस ने आत्मरक्षा और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए फायरिंग की, जिसमें दोनों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कानूनी कार्रवाई
पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने और नाबालिग होने के कारण आरोपियों पर दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं। मृतका के परिजनों के बयान पर प्रारंभिक हत्या का मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका था।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने इस सफल कार्रवाई के लिए बेलहर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को ₹25,000 के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने का सुनियोजित प्रयास किया, जो साक्ष्य से छेड़छाड़ का स्पष्ट संकेत है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस आरोपियों के अस्पताल से ठीक होने के बाद विधिवत न्यायिक हिरासत में लेगी। मामले में अतिरिक्त धाराओं के जुड़ने से आरोपियों के विरुद्ध कानूनी शिकंजा और कड़ा होने की संभावना है। संतकबीरनगर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और किसी अन्य संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।