बुलंदशहर मुठभेड़: नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या का आरोपी मोनू ढेर, ₹50 हजार था इनाम; 2 पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 9 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में नाबालिग लड़की के दुष्कर्म और हत्या का आरोपी मोनू मारा गया। पुलिस ने उस पर ₹50 हजार का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान स्वात टीम के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार और कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार घायल हो गए।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित चेकिंग कर रही थी, तभी दो संदिग्धों को रुकने का संकेत दिया गया। रुकने के बजाय दोनों ने पुलिसकर्मियों पर कई राउंड गोलियाँ चलाईं। जवाबी कार्रवाई में मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
गुलावठी और सिकंदराबाद थाना प्रभारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोलियाँ लगीं। घायल मोनू को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मूल मामला और पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, मोनू काकोड़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के दुष्कर्म और हत्या के मामले में वांछित था। इस घटना के संबंध में 1 अगस्त को काकोड़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों की संख्या पर सार्वजनिक बहस जारी है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए आरोपी के खिलाफ बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, जीआरपी बरेली और जीआरपी अलीगढ़ समेत कई जिलों में पहले से ही अनेक आपराधिक मामले दर्ज थे। मौके से एक पिस्टल, दो मैगजीन, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की गई है।
आगे की कार्रवाई
फरार साथी की तलाश में पुलिस की कॉम्बिंग अभियान जारी है। घायल पुलिसकर्मियों का उपचार चल रहा है। मुठभेड़ की परिस्थितियों की जाँच विभागीय प्रक्रिया के तहत की जाएगी।