23 सितंबर 2026
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त्योहारी सीज़न से पहले PSF बफर स्टॉक से प्याज लेकर कांडा एक्सप्रेस कोलकाता पहुँचेगी

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त्योहारी सीज़न से पहले PSF बफर स्टॉक से प्याज लेकर कांडा एक्सप्रेस कोलकाता पहुँचेगी

सारांश

त्योहारी सीज़न से ठीक पहले सरकार ने प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कांडा एक्सप्रेस को कोलकाता रवाना किया है। PSF बफर स्टॉक से अब तक 100 से अधिक शहरों में आपूर्ति हो चुकी है और पश्चिम बंगाल में 1,400 मीट्रिक टन प्याज ₹35/किलो पर बेचा जा चुका है।

मुख्य बातें

कांडा एक्सप्रेस PSF बफर स्टॉक से प्याज लेकर गुरुवार, 23 सितंबर 2026 को कोलकाता पहुँचने वाली है।
पश्चिम बंगाल में NAFED और NCCF की मोबाइल वैन के माध्यम से अब तक लगभग 1,400 मीट्रिक टन प्याज ₹35 प्रति किलो पर वितरित।
कोलकाता में 25 से अधिक खुदरा बिक्री केंद्र सक्रिय; कोले मार्केट , मेचुआ मंडी , श्याम बाज़ार सहित प्रमुख स्थानों पर उपलब्धता।
बफर स्टॉक निपटान 24 अगस्त 2026 से शुरू; देशभर के 100 से अधिक शहरों में आपूर्ति पहुँची।
17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में खुदरा प्याज कीमतें स्थिर या कम; दिल्ली , UP , राजस्थान , पंजाब सहित कई राज्यों में गिरावट।
सरकार 'सुफल बंगला' नेटवर्क के ज़रिये वितरण और विस्तार की संभावना तलाश रही है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 23 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के बफर स्टॉक से प्याज लेकर कांडा एक्सप्रेस गुरुवार को कोलकाता पहुँचने वाली है। यह कदम पश्चिम बंगाल में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और त्योहारी मौसम से पहले मौसमी मूल्य दबाव को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

कांडा एक्सप्रेस की भूमिका और आपूर्ति रणनीति

मंत्रालय के अनुसार, कांडा एक्सप्रेस रेल और सड़क परिवहन के हाइब्रिड नेटवर्क के माध्यम से PSF बफर स्टॉक से प्याज की सुनियोजित आपूर्ति की चल रही रणनीति का अभिन्न अंग है। इस ट्रेन के आगमन से अतिरिक्त मात्रा में प्याज की आवाजाही अधिक कुशलता से होगी, जिससे बाज़ार में उपलब्धता मजबूत होगी।

बयान में यह भी कहा गया कि कोलकाता और आसपास के ज़िलों में, विशेषकर त्योहारी सीज़न से पहले, प्याज की आपूर्ति और सुदृढ़ होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 24 अगस्त 2026 से NAFED और NCCF के माध्यम से बफर स्टॉक का लक्षित निपटान शुरू हो चुका है।

अब तक का वितरण: आँकड़े और स्थान

पश्चिम बंगाल में NAFED और NCCF की मोबाइल वैन के माध्यम से अब तक लगभग 1,400 मीट्रिक टन प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से वितरित किया जा चुका है। कोलकाता में वर्तमान में 25 से अधिक खुदरा बिक्री केंद्र सक्रिय हैं, जिनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाज़ार प्रमुख हैं।

इसके अतिरिक्त, सरकार 'सुफल बंगला' नेटवर्क के माध्यम से बफर स्टॉक प्याज की खुदरा बिक्री की संभावना भी तलाश रही है, जिससे इस पहल का दायरा और व्यापक होगा तथा उपभोक्ताओं को अतिरिक्त पहुँच मिलेगी।

राष्ट्रव्यापी असर: 100 से अधिक शहरों में पहुँची आपूर्ति

बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति अब तक देशभर के 100 से अधिक शहरों में की जा चुकी है। बाज़ार में उपलब्धता में सुधार के संकेत के रूप में, 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में खुदरा प्याज की कीमतें स्थिर रही हैं या उनमें गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले सप्ताह जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्याज की कीमतों में गिरावट आई उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार शामिल हैं।

आम जनता पर असर

यह हस्तक्षेप ऐसे समय में आया है जब त्योहारी मौसम — दुर्गा पूजा, दीवाली और अन्य उत्सवों — की माँग से प्याज की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका थी। ₹35 प्रति किलो की सब्सिडाइज़्ड दर आम उपभोक्ता के लिए राहत का ज़रिया बनी है, विशेषकर कम और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए।

बाज़ार आधारित आपूर्ति और सरकारी हस्तक्षेप के इस समन्वय से कीमतों में स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद है। आने वाले हफ्तों में 'सुफल बंगला' नेटवर्क के जुड़ने से वितरण तंत्र और मज़बूत होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समय की दृष्टि से सही है — लेकिन यह उस ढाँचागत समस्या का स्थायी समाधान नहीं है जिसके कारण हर साल प्याज की कीमतें राजनीतिक मुद्दा बन जाती हैं। ₹35 प्रति किलो की सब्सिडाइज़्ड दर आम उपभोक्ता को तत्काल राहत तो देती है, परंतु भंडारण क्षमता, किसान की आय और मध्यस्थों की भूमिका जैसे मूल प्रश्न अनुत्तरित रहते हैं। 'सुफल बंगला' जैसे सरकारी खुदरा नेटवर्क का विस्तार एक सकारात्मक कदम है, पर इसकी सफलता आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता पर निर्भर करेगी — जो पिछले वर्षों में अक्सर चुनौतीपूर्ण रही है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांडा एक्सप्रेस क्या है और यह कोलकाता क्यों भेजी जा रही है?
कांडा एक्सप्रेस PSF बफर स्टॉक से प्याज ले जाने वाली विशेष ट्रेन है, जिसे पश्चिम बंगाल में त्योहारी मौसम से पहले प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भेजा जा रहा है। यह रेल-सड़क हाइब्रिड नेटवर्क के ज़रिये बड़ी मात्रा में प्याज कुशलतापूर्वक पहुँचाने की सरकारी रणनीति का हिस्सा है।
PSF बफर स्टॉक से प्याज कितने में मिल रहा है?
PSF बफर स्टॉक से प्याज ₹35 प्रति किलो की दर पर वितरित किया जा रहा है। NAFED और NCCF की मोबाइल वैन और कोलकाता के 25 से अधिक खुदरा केंद्रों के ज़रिये आम उपभोक्ताओं को यह सब्सिडाइज़्ड मूल्य पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
कोलकाता में बफर स्टॉक प्याज कहाँ-कहाँ मिलेगा?
कोलकाता में वर्तमान में 25 से अधिक स्थानों पर बफर स्टॉक प्याज की खुदरा बिक्री हो रही है, जिनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाज़ार प्रमुख हैं। इसके अलावा 'सुफल बंगला' नेटवर्क के ज़रिये भी बिक्री की संभावना तलाशी जा रही है।
देशभर में प्याज की कीमतों पर बफर स्टॉक का क्या असर हुआ है?
बफर स्टॉक हस्तक्षेप के बाद 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खुदरा प्याज की कीमतें स्थिर हुई हैं या उनमें गिरावट आई है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार उन राज्यों में शामिल हैं जहाँ पिछले सप्ताह कीमतें नीचे आई हैं।
सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज वितरण कब शुरू किया?
NAFED और NCCF के माध्यम से PSF बफर स्टॉक का लक्षित निपटान 24 अगस्त 2026 से शुरू हुआ। अब तक देशभर के 100 से अधिक शहरों में प्याज की आपूर्ति की जा चुकी है और बाज़ार की ज़रूरतों के अनुसार आपूर्ति धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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