28 अगस्त 2026
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दिल्ली-एनसीआर में ₹35 किलो मिलेगा प्याज, केंद्र ने 840 टन बफर स्टॉक से की आपूर्ति शुरू

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दिल्ली-एनसीआर में ₹35 किलो मिलेगा प्याज, केंद्र ने 840 टन बफर स्टॉक से की आपूर्ति शुरू

सारांश

दिल्ली के बाज़ारों में ₹60-70 किलो बिक रहे प्याज पर केंद्र ने लगाम कसी — नासिक से 'कांदा एक्सप्रेस' के ज़रिए 450 टन प्याज दिल्ली पहुँचा और नेफेड-एनसीसीएफ की मोबाइल वैन से ₹35 किलो पर बिक्री शुरू। 840 टन के बफर स्टॉक से त्योहारी मौसम में राहत देने की तैयारी।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में ₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेचना शुरू किया; बाज़ार में कीमत ₹60-70 प्रति किलो है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कृषि भवन से नेफेड और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई; पहले दिन 400 किलो बिका।
नासिक से पहली 'कांदा एक्सप्रेस' के ज़रिए 450 टन प्याज आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुँचा।
मूल्य स्थिरीकरण कोष के बफर स्टॉक से कुल 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का निर्णय।
फिलहाल 13 बिक्री केंद्र सक्रिय; जल्द ही संख्या बढ़ाकर करीब 40 की जाएगी।

केंद्र सरकार ने 28 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर में प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाते हुए सरकारी एजेंसियों के माध्यम से ₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज की बिक्री शुरू की। राजधानी के खुले बाज़ारों में प्याज ₹60 से ₹70 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि त्योहारी मौसम में माँग और बढ़ने की आशंका है।

मुख्य घटनाक्रम

उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने कृषि भवन परिसर, नई दिल्ली में नेफेड और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले दिन कृषि भवन परिसर में ₹35 प्रति किलो की दर से करीब 400 किलो प्याज की बिक्री हुई।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 13 स्थानों पर रियायती प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के अनुसार आने वाले दिनों में इन बिक्री केंद्रों की संख्या बढ़ाकर करीब 40 की जाएगी।

कांदा एक्सप्रेस से नासिक से दिल्ली पहुँचा प्याज

दिल्ली में आपूर्ति बढ़ाने के लिए नासिक से पहली 'कांदा एक्सप्रेस' नई दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुँची। लासलगांव के स्टेशन प्रबंधक प्रितेश दुबे ने बताया कि इस ट्रेन के ज़रिए करीब 450 टन प्याज दिल्ली भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ट्रेन को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुँचाने का प्रयास किया गया, ताकि राजधानी के उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत बनाए गए बफर स्टॉक में से कुल 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में और भी 'कांदा एक्सप्रेस' दिल्ली पहुँचने की उम्मीद है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सचिव निधि खरे ने स्पष्ट किया कि देश में प्याज का उत्पादन और उपलब्धता पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान माँग बढ़ने से कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है और इसे नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने बाज़ार में आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ कई अन्य कदम भी उठाए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न के चलते खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पहले से दबाव है। गौरतलब है कि प्याज की कीमतों में उछाल भारत में राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा रहा है और पिछले वर्षों में भी सरकार को इसी तरह के हस्तक्षेप करने पड़े हैं।

आम जनता पर असर

रियायती दर पर प्याज की बिक्री और बफर स्टॉक से अतिरिक्त आपूर्ति से दिल्ली-एनसीआर के आम उपभोक्ताओं को त्योहारी मौसम में महँगे प्याज से राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इस कदम से खुले बाज़ार में भी कीमतों को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

क्या होगा आगे

बिक्री केंद्रों की संख्या 13 से बढ़ाकर 40 करने की योजना है और नासिक से और रेक दिल्ली भेजी जाएँगी। सरकार के अनुसार बाज़ार में आपूर्ति बढ़ने के साथ कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार मोबाइल वैन व रेक की घोषणाएँ होती हैं। असली सवाल यह है कि 840 टन की यह आपूर्ति करोड़ों की आबादी वाले दिल्ली-एनसीआर में खुले बाज़ार की कीमतों को कितने दिन थाम सकती है। जब तक उत्पादन क्षेत्रों में भंडारण अवसंरचना और किसान-से-उपभोक्ता आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त नहीं किया जाता, ये उपाय दीर्घकालिक समाधान नहीं, बल्कि मौसमी मरहम ही साबित होंगे।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली-एनसीआर में ₹35 किलो प्याज कहाँ मिलेगा?
नेफेड और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन के ज़रिए दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल 13 स्थानों पर ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में इन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर करीब 40 की जाएगी।
केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतें नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष के बफर स्टॉक से 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का निर्णय लिया है। इसके अलावा नासिक से 'कांदा एक्सप्रेस' के ज़रिए 450 टन प्याज पहले ही दिल्ली पहुँच चुका है और नेफेड-एनसीसीएफ की मोबाइल वैन रियायती दर पर बिक्री कर रही हैं।
कांदा एक्सप्रेस क्या है और यह कहाँ से आई?
'कांदा एक्सप्रेस' नासिक (महाराष्ट्र) से चलाई गई विशेष मालगाड़ी है, जो बड़ी मात्रा में प्याज दिल्ली पहुँचाने के लिए चलाई गई। पहली कांदा एक्सप्रेस नई दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुँची और इसमें करीब 450 टन प्याज था।
दिल्ली में प्याज की कीमतें इतनी क्यों बढ़ीं?
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार देश में प्याज का उत्पादन और उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन त्योहारी सीज़न में माँग बढ़ने से कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है। इसी कारण दिल्ली के बाज़ारों में प्याज ₹60 से ₹70 प्रति किलो तक पहुँच गया।
क्या रियायती प्याज बिक्री से खुले बाज़ार की कीमतें कम होंगी?
सरकार का कहना है कि रियायती दर पर बिक्री और बफर स्टॉक से अतिरिक्त आपूर्ति से दिल्ली-एनसीआर में कीमतें नियंत्रित होंगी। हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि 840 टन की यह आपूर्ति अल्पकालिक राहत दे सकती है; दीर्घकालिक स्थिरता के लिए आपूर्ति श्रृंखला सुधार ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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