प्याज ₹35 प्रति किलो: केंद्र सरकार का बफर स्टॉक से बाज़ार हस्तक्षेप, दिल्ली से शुरू होगी बिक्री
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 26 अगस्त 2026 को प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सीधे बाज़ार में उतरने का फैसला किया है। नई दिल्ली में गुरुवार से उपभोक्ताओं को ₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि खुदरा बाज़ार में यह कीमत कई स्थानों पर ₹55 से ₹60 प्रति किलो तक पहुँच चुकी है। सरकार इसके लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष और 2026 के लिए बनाए गए 1.21 लाख टन के बफर स्टॉक का उपयोग कर रही है।
वितरण तंत्र और आपूर्ति व्यवस्था
रियायती दर पर प्याज की बिक्री नेफेड, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) और केंद्रीय भंडार के माध्यम से की जाएगी। एनसीसीएफ दिल्ली में केंद्रीय भंडार की 100 दुकानों के ज़रिए सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचेगा। इसके अतिरिक्त, योजना का विस्तार दिल्ली-एनसीआर के मदर डेयरी केंद्रों तक भी किए जाने की संभावना है।
एनसीसीएफ ने महाराष्ट्र के नासिक से 400 टन प्याज विशेष रेल सेवा 'कांदा एक्सप्रेस' के माध्यम से दिल्ली रवाना किया है, जिसके गुरुवार तक पहुँचने की उम्मीद है। वहीं नेफेड की ओर से नासिक से 800 टन प्याज लेकर पहली विशेष रेल रैक पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है।
बफर स्टॉक की स्थिति
एनसीसीएफ के पास वर्तमान में लगभग 62,000 टन प्याज का बफर स्टॉक उपलब्ध है। नेफेड के पास भी लगभग 55,000 टन से कम प्याज का भंडार मौजूद है। यह स्टॉक चरणबद्ध तरीके से विभिन्न शहरों में बाज़ार में उतारा जाएगा।
देशभर में विस्तार की योजना
उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आने वाले दिनों में इस योजना को कोलकाता, भुवनेश्वर, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, गुवाहाटी और रायपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी लागू किया जाएगा। दिल्ली के साथ-साथ चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी को भी विशेष मालगाड़ियों के ज़रिए प्याज की आपूर्ति की जाएगी।
कीमतों में उछाल की तस्वीर
यह कदम पिछले एक महीने में प्याज की कीमतों में आई तेज़ उछाल की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। 25 अगस्त 2026 को देशभर में प्याज का औसत खुदरा मूल्य ₹44.72 प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि 25 जुलाई 2026 को यह ₹34.80 प्रति किलो था — यानी एक माह में 28% से अधिक की वृद्धि। पिछले वर्ष अगस्त 2025 में औसत खुदरा मूल्य ₹28.67 प्रति किलो था, जिसके मुकाबले इस वर्ष कीमतें लगभग 56% बढ़ चुकी हैं।
थोक बाज़ार पर असर और आगे की राह
सरकार के हस्तक्षेप की घोषणा का असर थोक बाज़ारों में भी दिखने लगा है। महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव के प्रमुख प्याज बाज़ारों में थोक कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस कदम से मूल्य वृद्धि को लेकर बनी अटकलों पर भी असर पड़ा है, जो हाल के दिनों में कीमतों में तेज़ी की एक प्रमुख वजह थी। सरकार का मानना है कि बफर स्टॉक से चरणबद्ध आपूर्ति और विशेष परिवहन व्यवस्थाओं के ज़रिए बाज़ार में उपलब्धता बढ़ेगी और आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।