25 अगस्त 2026
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दिल्ली में प्याज-चीनी जमाखोरी पर सीएम रेखा गुप्ता सख्त, नैफेड से खरीद और कैंप की तैयारी

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दिल्ली में प्याज-चीनी जमाखोरी पर सीएम रेखा गुप्ता सख्त, नैफेड से खरीद और कैंप की तैयारी

सारांश

दिल्ली में प्याज और चीनी की कीमतें बढ़ने से पहले ही सीएम रेखा गुप्ता ने मोर्चा संभाल लिया है — नैफेड से सीधी खरीद, कैंप वितरण और जमाखोरों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी। सरकार का वादा: ढुलाई खर्च खुद उठाएगी, जनता पर बोझ नहीं पड़ने देगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 अगस्त 2026 को दिल्ली में प्याज और चीनी की कीमतों व उपलब्धता पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
फिलहाल राजधानी में प्याज या चीनी की कोई कमी नहीं ; लेकिन कीमतें बढ़ने पर नैफेड से खरीद और कैंप वितरण की योजना तैयार।
नैफेड से खरीदी गई प्याज उसी कीमत पर जनता को मिलेगी; परिवहन खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी।
चीनी की जमाखोरी पर केंद्र के मात्रा-नियमों के तहत कार्रवाई होगी; तय सीमा से अधिक भंडारण मिलने पर जिम्मेदारों पर सख्त कदम।
प्याज आपूर्ति की निगरानी और जमाखोरी रोकने के लिए विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्याज और चीनी की कीमतों और उपलब्धता पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें जमाखोरी रोकने और आम जनता को किफायती दरों पर जरूरी वस्तुएँ उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि फिलहाल राजधानी में प्याज या चीनी की कोई कमी नहीं है, लेकिन कीमतें और बढ़ने की स्थिति में सरकार तत्काल कदम उठाने को तैयार है।

बैठक में क्या हुए निर्णय

बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि नैफेड (NAFED) से प्याज खरीदने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। यह भी तय किया गया कि जो प्याज नैफेड से खरीदी जाएगी, उसे दिल्ली के निवासियों को उसी मूल्य पर बेचा जाएगा — परिवहन और अन्य संबंधित खर्च दिल्ली सरकार स्वयं वहन करेगी

इसके अतिरिक्त, राजधानी भर में विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाकर किफायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की योजना पर भी विचार किया गया। विभाग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

जमाखोरी पर सरकार की कड़ी नजर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्याज की जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विभाग को निर्देश दिया गया है कि दिल्ली को मिलने वाली प्याज की आपूर्ति की निगरानी हो, यह सुनिश्चित किया जाए कि माल सही तरीके से बाजार तक पहुँचे और जमाखोरी की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

चीनी के मामले में मंत्री सिरसा ने बताया कि केंद्र सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए मात्रा-संबंधी नियम पहले से तय कर रखे हैं। दिल्ली सरकार इन्हीं नियमों के तहत कार्रवाई करेगी — तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँगे।

केंद्र सरकार की भूमिका

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी उन राज्यों और क्षेत्रों में प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं जहाँ कमी देखी जा रही है। दिल्ली सरकार इस केंद्रीय तंत्र का उपयोग करते हुए नैफेड के माध्यम से प्याज की खरीद करेगी, ताकि बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखी जा सके।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और आम उपभोक्ता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

आम जनता पर असर

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य यह है कि बाजार में कीमतें बढ़ने पर भी दिल्ली के निवासियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। लोगों को प्याज वही कीमत पर मिलेगी जिस पर नैफेड उसे उपलब्ध कराएगा, और ढुलाई व अन्य खर्च सरकार उठाएगी।

विभाग को यह भी देखने के निर्देश दिए गए हैं कि चीनी को किस प्रकार किफायती दरों पर आम जनता तक पहुँचाया जा सके — इस पर एक अलग विस्तृत योजना माँगी गई है।

आगे क्या होगा

विभाग जल्द ही नैफेड से प्याज खरीद की प्रक्रिया शुरू करेगा और कैंप के माध्यम से वितरण की रूपरेखा तैयार करेगा। कीमतों पर निरंतर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि निवारक कदम है, जो राजनीतिक रूप से भी समझदारी है। लेकिन असली परीक्षा नैफेड से खरीद की रफ्तार और कैंप वितरण की जमीनी व्यवस्था होगी — पिछले वर्षों में ऐसी घोषणाएँ अक्सर क्रियान्वयन में पिछड़ी हैं। चीनी के मामले में केंद्र के मात्रा-नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य पर है, पर निगरानी तंत्र की विश्वसनीयता अभी अस्पष्ट है। जब तक विभाग की विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं होती, यह बैठक एक आश्वस्त करने वाला संकेत तो है, पर ठोस नीतिगत प्रतिबद्धता नहीं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में प्याज और चीनी की जमाखोरी पर क्या कार्रवाई होगी?
दिल्ली सरकार प्याज की आपूर्ति श्रृंखला पर निगरानी रखेगी और जमाखोरी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करेगी। चीनी के मामले में केंद्र सरकार के तय मात्रा-नियमों के तहत सीमा से अधिक भंडारण करने वालों के विरुद्ध कानूनी कदम उठाए जाएँगे।
क्या दिल्ली में अभी प्याज या चीनी की कमी है?
नहीं, 25 अगस्त 2026 को हुई समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल राजधानी में प्याज या चीनी की कोई कमी नहीं है। यह बैठक भविष्य में संभावित मूल्य वृद्धि को देखते हुए एहतियाती उपाय के रूप में बुलाई गई थी।
नैफेड से प्याज खरीदकर दिल्ली सरकार कैसे बेचेगी?
दिल्ली सरकार नैफेड से जिस कीमत पर प्याज खरीदेगी, उसी कीमत पर आम जनता को बेचेगी। परिवहन और अन्य संबंधित खर्च सरकार स्वयं वहन करेगी, ताकि उपभोक्ता पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।
दिल्ली में सस्ती दरों पर प्याज कहाँ मिलेगी?
सरकार राजधानी के विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाकर किफायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। विभाग को इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र के क्या नियम हैं?
केंद्र सरकार ने चीनी के भंडारण की अधिकतम मात्रा तय कर रखी है। दिल्ली सरकार इन्हीं नियमों के तहत कार्रवाई करेगी और तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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