चीनी MSP बढ़ोतरी और प्याज की सीधी खरीद पर अमित शाह का आश्वासन: CM फडणवीस
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 27 मई को नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य के गन्ना और प्याज किसानों की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित नीतिगत हस्तक्षेप का आश्वासन दिया है। फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) में वृद्धि, इथेनॉल कोटा विस्तार, सहकारी ऋण पुनर्गठन और किसानों से सीधी प्याज खरीद पर ठोस निर्णय लेगी।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली में हुई बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के समक्ष महाराष्ट्र के कृषि एवं सहकारी क्षेत्र की चुनौतियाँ विस्तार से रखीं। फडणवीस के अनुसार, शाह ने राज्य के इस आकलन से पूरी सहमति जताई कि सहकारी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चीनी MSP में तत्काल वृद्धि आवश्यक है। केंद्र ने राज्य सरकार से औपचारिक नियामक मूल्य प्रस्ताव माँगा है, जिसका मसौदा तैयार है और शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही, केंद्र ने राज्य के इथेनॉल खरीद कोटे में उल्लेखनीय वृद्धि पर सहमति दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में अगले दो महीनों के भीतर औपचारिक नीतिगत निर्णय आने की उम्मीद है।
सहकारी ऋण और ब्याज सब्सिडी
संकटग्रस्त चीनी कारखानों के पुराने ऋणों के पुनर्गठन के लिए केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन के साथ मिलकर एक तंत्र विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है। फडणवीस ने बताया कि केंद्र ने नकदी संकट कम करने के लिए लंबित ब्याज सब्सिडी निधि को तत्काल जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की सहकारी चीनी मिलें वर्षों से ऋण के बोझ तले दबी हैं, जिससे किसानों को समय पर भुगतान मिलने में बाधा आती रही है।
प्याज किसानों को राहत
प्याज बाज़ारों में लगातार बनी अस्थिरता को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने नाफेड (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा संचालित खरीद कार्यों में संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की। किसानों से सीधी खरीद की व्यवस्था बनाए जाने से बिचौलियों की भूमिका कम होने और किसानों को उचित मूल्य मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब नासिक और सोलापुर सहित महाराष्ट्र के प्रमुख प्याज उत्पादक ज़िलों में किसान मूल्य अस्थिरता से परेशान हैं। आलोचकों का कहना है कि सरकारी खरीद एजेंसियों की धीमी प्रतिक्रिया अक्सर किसानों को नुकसान पहुँचाती है।
आम जनता और किसानों पर असर
चीनी MSP में बढ़ोतरी से गन्ना किसानों को बेहतर आय मिलने की संभावना है, जबकि इथेनॉल कोटे के विस्तार से चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति सुधरेगी। दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि MSP वृद्धि से चीनी की खुदरा कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार औपचारिक मूल्य प्रस्ताव केंद्र को शीघ्र सौंपेगी। इथेनॉल नीति पर निर्णय दो महीनों में अपेक्षित है। सहकारी ऋण पुनर्गठन तंत्र पर केंद्र-राज्य समन्वय जारी रहेगा। महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र की इन नीतिगत पहलों के क्रियान्वयन पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं।