देवेंद्र फडणवीस की PM मोदी से मुलाकात, महाराष्ट्र विकास परियोजनाओं और प्याज किसानों पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 28 मई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दोनों नेताओं की तस्वीरें साझा करते हुए इस भेंट की पुष्टि की। बैठक में महाराष्ट्र की विकास परियोजनाओं की प्रगति के साथ-साथ प्याज उत्पादक किसानों और सहकारी चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुलाकात में क्या हुई चर्चा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक के बाद बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को महाराष्ट्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
फडणवीस ने एक्स पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में हमारे नेता और राष्ट्र के प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। महाराष्ट्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मैंने उन्हें महाराष्ट्र के कई कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति और वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।'
किसानों और चीनी उद्योग के मुद्दे भी एजेंडे पर
आधिकारिक बयान में केवल विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस दौरे में केंद्रीय मंत्रियों से महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों और सहकारी चीनी उद्योग की समस्याओं पर भी बातचीत की। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के नासिक और अहमदनगर जैसे जिलों में प्याज किसान कीमतों को लेकर लंबे समय से केंद्र से राहत की माँग कर रहे हैं।
सावरकर जयंती पर श्रद्धांजलि
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि सावरकर की विरासत महाराष्ट्र की राजनीति में एक संवेदनशील और केंद्रीय विषय रही है।
राजनीतिक संदर्भ
फडणवीस की यह दिल्ली यात्रा भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली महायुति सरकार के लिए केंद्र के साथ समन्वय बनाए रखने की नियमित कड़ी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य-केंद्र बैठकें महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों के लिए बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की मंजूरी और वित्तपोषण में अहम भूमिका निभाती हैं। आगामी महीनों में महाराष्ट्र की कई प्रमुख परियोजनाओं पर केंद्रीय अनुमोदन की प्रतीक्षा है।