मोदी के 12 वर्ष: फडणवीस बोले — 25 करोड़ गरीबी से बाहर, GDP ₹103 लाख करोड़ से ₹357 लाख करोड़ हुई
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 25 मई 2026 को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी' करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक निर्भरता की छवि को पीछे छोड़ते हुए 'आत्मनिर्भर राष्ट्र' के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। यह बयान 26 मई 2014 को मोदी के पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की 12वीं वर्षगाँठ की पूर्व संध्या पर आया।
स्मृति पुस्तक विमोचन का अवसर
फडणवीस 'राष्ट्र निर्माणची तपपूर्ति' नामक एक विशेष स्मृति पुस्तक के विमोचन के बाद बोल रहे थे, जो मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का संकलन है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में संरचनात्मक, आर्थिक और सामाजिक सुधारों ने दशकों से चले आ रहे नीतिगत गतिरोध को तोड़ा।
आर्थिक उपलब्धियाँ: GDP और गरीबी उन्मूलन
फडणवीस के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की GDP 2013-14 में ₹103 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग ₹357 लाख करोड़ हो गई है। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय बताया। इसी अवधि में महाराष्ट्र की GDP भी ₹13 लाख करोड़ से बढ़कर ₹54 लाख करोड़ हो गई।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की गरीब-समर्थक और नागरिक-केंद्रित नीतियों ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला — जिसे उन्होंने वैश्विक स्तर पर अद्वितीय उपलब्धि बताया। गौरतलब है कि यह आँकड़ा नीति आयोग और विश्व बैंक की रिपोर्टों में भी उद्धृत किया जाता रहा है।
GST, UPI और डिजिटल क्रांति
मुख्यमंत्री ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) को भारत को एकल बाज़ार में बदलने का श्रेय दिया। उनके अनुसार, इससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में अभूतपूर्व वृद्धि हुई और अकेले महाराष्ट्र देश के कुल FDI का 40 प्रतिशत आकर्षित करता है। जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) प्रणाली और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) को उन्होंने जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार उन्मूलन का प्रमुख साधन बताया, जिसके ज़रिये लाभार्थियों के खातों में सीधे लाभ हस्तांतरण संभव हुआ।
रक्षा निर्यात और भू-राजनीतिक मज़बूती
विदेश नीति और रक्षा पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े रक्षा आयातकों में से एक की स्थिति से आगे बढ़कर अब एक मज़बूत निर्यातक की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि रक्षा निर्यात ₹50,000 करोड़ तक पहुँच गया है। हाल के सैन्य अभियानों और सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे के विकास को उन्होंने भारत की सुदृढ़ रणनीतिक तैयारियों के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
फडणवीस ने कहा कि इन 12 वर्षों में जो नींव रखी गई है, वह 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में निर्णायक है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका को और विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। आने वाले वर्षों में इन नीतियों का ज़मीनी असर ही इस दावे की असली कसौटी होगी।