मानसून सत्र से पहले फडणवीस का ऐलान: ₹36,585 करोड़ फसल लोन माफी, 56 लाख किसानों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 21 जून 2026 को मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विधानसभा में हर रचनात्मक बहस के लिए तैयार है, लेकिन यदि विपक्ष राजनीति करेगा तो उसे वैसा ही राजनीतिक जवाब मिलेगा। उन्होंने ₹36,585 करोड़ की फसल ऋण माफी योजना का बचाव करते हुए कहा कि यह किसानों की वास्तविक जरूरत से प्रेरित निर्णय है, न कि किसी चुनावी सोच का नतीजा।
फसल ऋण माफी योजना की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच के डिफॉल्टेड फसल ऋण और पुनर्गठित नॉन-परफॉर्मिंग एसेट खातों को बिना किसी भूमि स्वामित्व की शर्त के प्रति किसान ₹2 लाख तक पूरी तरह माफ किया जाएगा। इस योजना से राज्यभर में लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने पिछले तीन वर्षों में नियमित रूप से समय पर फसल ऋण चुकाए हैं, उन्हें ₹50,000 का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह प्रावधान उन किसानों को पुरस्कृत करने के लिए है जो वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हैं।
मानसून सत्र में 10 विधेयक, महिला किसानों को मिलेगा स्वतंत्र कानूनी दर्जा
फडणवीस ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान कुल 10 महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें एक प्रमुख प्रावधान महिला किसानों को स्वतंत्र कानूनी दर्जा देने का है, जिसके तहत महिलाएं कृषि भूमि के शीर्षक की सह-स्वामी होंगी और सीधे संस्थागत ऋण, स्वतंत्र सब्सिडी तथा सरकारी लाभ प्राप्त कर सकेंगी। इसके अलावा, विधान परिषद में लंबित एक पेंडिंग विधेयक भी विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
विपक्ष के बहिष्कार पर सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने विपक्ष द्वारा सामान्य चाय बैठक का बहिष्कार करने के निर्णय की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने कोई नया मुद्दा उठाए बिना सरकार को एक पुराना और घिसा-पिटा पत्र भेजा। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने हैं।
दूसरी ओर, विपक्ष ने चाय बैठक के बहिष्कार के अपने फैसले को उचित ठहराते हुए सरकार पर जरूरी मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया।
नीट परीक्षा और एल नीनो पर सरकार का रुख
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर उठ रही चिंताओं पर फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में परीक्षा बिना किसी तकनीकी या प्रणालीगत खामी के सुचारू रूप से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि राज्य तंत्र ने अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक निवारक कदम उठाए, ताकि वास्तविक मेडिकल उम्मीदवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
एल नीनो के प्रभाव पर उन्होंने माना कि इससे चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं, लेकिन सरकार ने इसे कम करने के कई उपाय किए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बुआई में जल्दबाजी न करें, क्योंकि जून के अंत या जुलाई की शुरुआत तक पर्याप्त वर्षा होने की संभावना है।
केंद्र सरकार का सहयोग और आगे की राह
फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र को ढाँचागत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त समर्थन और वित्तीय सहायता मिली है। गौरतलब है कि यह मानसून सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में किसान संकट, महिला सशक्तीकरण और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में इन विधेयकों पर विधानसभा में होने वाली बहस यह तय करेगी कि सरकार और विपक्ष के बीच संवाद किस दिशा में जाता है।