ज्ञानेश कुमार को सजा मिलेगी — उदित राज ने ममता की गिरफ्तारी मांग का समर्थन किया
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जो अपराध किए हैं, वे अक्षम्य हैं और उन्हें समय आने पर सजा मिलेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष चरम पर है।
ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला
उदित राज ने ममता बनर्जी की CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग का 'पूरी तरह समर्थन' करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने 'अक्षम्य अपराध' किए हैं। उन्होंने दिल्ली में करीब आधे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का उल्लेख किया और इसे विपक्षी मतदाताओं को निशाना बनाने की सुनियोजित प्रक्रिया बताया। गौरतलब है कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच कथित असहमति की खबरें भी चर्चा में हैं, जिस पर उन्होंने कहा कि यह 'लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है।'
चिंतन शिविर को बताया 'नौटंकी'
प्रधानमंत्री की ओर से केंद्रीय मंत्रियों के साथ आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने इसे 'नौटंकी' करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि मंत्रियों को गाड़ी, स्टाफ और आवास तो दिए गए हैं, लेकिन महत्वपूर्ण निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर ही होते हैं। उनका कहना था कि जब फैसले लेने की शक्ति ही नहीं है, तो ऐसा शिविर महज एक औपचारिकता है।
सड़क की राजनीति और संजय राउत की टिप्पणी
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत की संसद के साथ-साथ सड़क पर भी आवाज उठाने की बात पर उदित राज ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि अगर सड़क खाली रहेगी, तो संसद भी कमज़ोर हो जाएगी। उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसान सड़क पर उतरे, तब सरकार ने उनकी मांगें सुनीं।
अन्य प्रमुख मुद्दों पर राय
मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत बिना वसीयत संपत्ति के बंटवारे के नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर उन्होंने सतर्क रुख अपनाया और कहा कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही अंतिम फैसला आएगा, अभी राय देना उचित नहीं। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका का विरोध किए जाने को उन्होंने सही ठहराया और उम्मीद जताई कि अदालत निष्पक्ष फैसला करेगी।
दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन में सुरक्षा चिंताओं के चलते ऑफलाइन कक्षाएं ऑनलाइन किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह समस्या का स्थायी हल नहीं है। डर के कारण लड़कियों को घर में बंद नहीं किया जा सकता — यह जिम्मेदारी सरकार और गृह मंत्रालय की है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर संदेश
रायबरेली से समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा की शुरुआत पर उदित राज ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय की सबसे अधिक ज़रूरत आज के दौर में है। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि जब दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा, तो 42 सीटें मिलीं। उन्होंने दोनों दलों से अनावश्यक बयानबाजी से बचने की अपील की और कहा कि 'राजनीति में एक और एक मिलकर कई बार 11 हो जाता है।'