ओडिशा में गहरे दबाव का कहर: कालाहांडी, कोरापुट समेत 4 जिलों में रेड अलर्ट, सिमिलिगुडा में 230 मिमी बारिश
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से ओडिशा के व्यापक क्षेत्र में 23 सितंबर 2026 को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए रेड वार्निंग जारी की है और अगले कई दिनों तक राहत की संभावना नहीं है।
मौसम प्रणाली की मौजूदा स्थिति
यह डीप डिप्रेशन 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और गोपालपुर से लगभग 160 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है।
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, यह प्रणाली अगले तीन से चार घंटों में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के दक्षिण पश्चिम में उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों को पार कर सकती है। तट पार करने के दौरान 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं।
बारिश का रिकॉर्ड और प्रभावित क्षेत्र
पिछले 24 घंटों में ओडिशा के 35 स्थानों पर 7 से 12 सेंटीमीटर भारी बारिश और 10 स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सिमिलिगुडा में सर्वाधिक 230 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस मौसम में एक उल्लेखनीय आँकड़ा है।
रेड वार्निंग वाले कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के अलावा, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, बौध, सुबरनपुर, बरगढ़, बलांगीर और नुआपाड़ा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
24 सितंबर को नबरंगपुर में अत्यधिक भारी बारिश और बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट तथा मलकानगिरी में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 25 सितंबर को मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, कालाहांडी और नुआपाड़ा में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
26 सितंबर तक दक्षिण ओडिशा के पश्चिमी हिस्सों — विशेषकर कालाहांडी, बलांगीर, नुआपाड़ा और नबरंगपुर — में बारिश का यह सिलसिला बने रहने का अनुमान है।
सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारियाँ
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को स्थिति की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को राज्य की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
राज्यभर में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 33 टीमें और फायर सर्विस की 381 टीमें तैनात की गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा पहले ही इस मानसून सीजन में कई बाढ़ और भारी वर्षा की घटनाओं का सामना कर चुका है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि कोरापुट, मलकानगिरी और कालाहांडी जैसे जिले पहाड़ी और आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ अत्यधिक बारिश से नदियाँ उफान पर आ जाती हैं और संपर्क मार्ग बाधित हो जाते हैं। तटीय इलाकों में तेज हवाओं से मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।