24 सितंबर 2026
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ओडिशा में गहरे दबाव का कहर: कालाहांडी, कोरापुट समेत 4 जिलों में रेड अलर्ट, सिमिलिगुडा में 230 मिमी बारिश

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ओडिशा में गहरे दबाव का कहर: कालाहांडी, कोरापुट समेत 4 जिलों में रेड अलर्ट, सिमिलिगुडा में 230 मिमी बारिश

सारांश

बंगाल की खाड़ी का गहरा दबाव ओडिशा पर भारी पड़ रहा है — सिमिलिगुडा में 230 मिमी बारिश और चार जिलों में रेड अलर्ट के साथ। 33 ODRAF और 381 फायर सर्विस टीमें तैनात, मुख्यमंत्री माझी ने 'जीरो कैजुअल्टी' का आदेश दिया। अगले चार दिन और भारी बारिश की चेतावनी।

मुख्य बातें

बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन 7 किमी/घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है; अगले 3-4 घंटों में तट पार करने का अनुमान।
कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए IMD की रेड वार्निंग जारी।
कोरापुट के सिमिलिगुडा में पिछले 24 घंटों में 230 मिलीमीटर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज।
तट पार करते समय हवा की रफ्तार 55-65 किमी/घंटे , अधिकतम 75 किमी/घंटे तक संभव।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 'जीरो कैजुअल्टी' नीति पर जोर दिया; ODRAF की 33 और फायर सर्विस की 381 टीमें तैनात।
बारिश का असर 26 सितंबर तक बने रहने का अनुमान, दक्षिण ओडिशा के पश्चिमी जिले सर्वाधिक प्रभावित।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से ओडिशा के व्यापक क्षेत्र में 23 सितंबर 2026 को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए रेड वार्निंग जारी की है और अगले कई दिनों तक राहत की संभावना नहीं है।

मौसम प्रणाली की मौजूदा स्थिति

यह डीप डिप्रेशन 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और गोपालपुर से लगभग 160 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है।

IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, यह प्रणाली अगले तीन से चार घंटों में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के दक्षिण पश्चिम में उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों को पार कर सकती है। तट पार करने के दौरान 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं।

बारिश का रिकॉर्ड और प्रभावित क्षेत्र

पिछले 24 घंटों में ओडिशा के 35 स्थानों पर 7 से 12 सेंटीमीटर भारी बारिश और 10 स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सिमिलिगुडा में सर्वाधिक 230 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस मौसम में एक उल्लेखनीय आँकड़ा है।

रेड वार्निंग वाले कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के अलावा, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, बौध, सुबरनपुर, बरगढ़, बलांगीर और नुआपाड़ा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

24 सितंबर को नबरंगपुर में अत्यधिक भारी बारिश और बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट तथा मलकानगिरी में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 25 सितंबर को मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, कालाहांडी और नुआपाड़ा में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

26 सितंबर तक दक्षिण ओडिशा के पश्चिमी हिस्सों — विशेषकर कालाहांडी, बलांगीर, नुआपाड़ा और नबरंगपुर — में बारिश का यह सिलसिला बने रहने का अनुमान है।

सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारियाँ

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को स्थिति की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को राज्य की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

राज्यभर में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 33 टीमें और फायर सर्विस की 381 टीमें तैनात की गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा पहले ही इस मानसून सीजन में कई बाढ़ और भारी वर्षा की घटनाओं का सामना कर चुका है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि कोरापुट, मलकानगिरी और कालाहांडी जैसे जिले पहाड़ी और आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ अत्यधिक बारिश से नदियाँ उफान पर आ जाती हैं और संपर्क मार्ग बाधित हो जाते हैं। तटीय इलाकों में तेज हवाओं से मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस बार भी वही पैटर्न दिख रहा है। मुख्यमंत्री माझी की 'जीरो कैजुअल्टी' घोषणा एक सराहनीय इरादा है, लेकिन असली कसौटी कोरापुट और मलकानगिरी जैसे दुर्गम आदिवासी जिलों में संपर्क टूटने के बाद की प्रतिक्रिया होगी। 33 ODRAF टीमें एक बड़े भूभाग के लिए पर्याप्त हैं या नहीं, यह अगले 48 घंटे बताएंगे। सिमिलिगुडा में 230 मिमी की एकल-दिवसीय बारिश यह संकेत देती है कि इस प्रणाली की तीव्रता अनुमान से अधिक रही है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में गहरे दबाव से कौन-कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
IMD ने कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए रेड वार्निंग जारी की है। इसके अलावा रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, बौध, सुबरनपुर, बरगढ़, बलांगीर और नुआपाड़ा में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
ओडिशा में यह गहरा दबाव कब तक सक्रिय रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली 23 सितंबर को तट पार करने के बाद अगले तीन-चार दिनों तक प्रभावी रहेगी। 26 सितंबर तक दक्षिण ओडिशा के पश्चिमी जिलों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
सिमिलिगुडा में कितनी बारिश दर्ज की गई?
कोरापुट जिले के सिमिलिगुडा में पिछले 24 घंटों में 230 मिलीमीटर की अत्यधिक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो राज्य में दर्ज सर्वाधिक बारिश है। राज्य के 35 स्थानों पर 7 से 12 सेंटीमीटर और 10 स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।
ओडिशा सरकार ने राहत के लिए क्या तैयारियाँ की हैं?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की समीक्षा बैठक के बाद ODRAF की 33 टीमें और फायर सर्विस की 381 टीमें राज्यभर में तैनात की गई हैं। सरकार ने 'जीरो कैजुअल्टी' नीति के तहत जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान है?
मौसम विभाग के अनुसार, प्रणाली के तट पार करने के दौरान तटीय और आसपास के क्षेत्रों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जो अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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