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ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट: 11 जिलों में हाई अलर्ट, 23-24 सितंबर को सबसे ज़्यादा असर

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ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट: 11 जिलों में हाई अलर्ट, 23-24 सितंबर को सबसे ज़्यादा असर

सारांश

बंगाल की खाड़ी में गहरा निम्न दबाव ओडिशा के 11 जिलों के लिए खतरा बन रहा है। IMD के मुताबिक 23-24 सितंबर को सबसे भारी बारिश की आशंका है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने चक्रवात की संभावना से इनकार किया, ODRAF अलर्ट पर है।

मुख्य बातें

IMD ने बंगाल की खाड़ी में गहरे निम्न दबाव के कारण ओडिशा के 11 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्पष्ट किया कि चक्रवात का कोई खतरा नहीं है, केवल गहरे दबाव की प्रणाली सक्रिय है।
मौसम तंत्र के 23 सितंबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुँचने का अनुमान; सर्वाधिक प्रभाव 23-24 सितंबर को।
गंजाम, गजपति और कंधमाल सहित दक्षिणी ओडिशा के जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी।
ODRAF टीमें अलर्ट पर; कलेक्टरों को बाढ़ राहत केंद्र तैयार रखने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश।
मछुआरों को 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के चलते ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि यह प्रणाली चक्रवात नहीं, बल्कि गहरे दबाव की श्रेणी में है। राज्य के 11 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी करते हुए प्रशासनिक तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं।

मौसम प्रणाली की स्थिति

IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना यह मौसम तंत्र मंगलवार, 22 सितंबर को गहरे दबाव में परिवर्तित होकर उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट की ओर बढ़ने की संभावना है। यह सिस्टम 23 सितंबर की सुबह के आसपास तट के निकट पहुँचने का अनुमान है।

मोहंती के अनुसार, इस प्रणाली का सर्वाधिक प्रभाव 23 और 24 सितंबर को रहेगा, जिसके बाद वर्षा में उल्लेखनीय कमी आएगी। गंजाम, गजपति और कंधमाल सहित दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

प्रशासनिक तैयारियाँ

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने प्रभावित 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्हें उच्च सतर्कता बरतने और अपने मुख्यालयों में बने रहने का निर्देश दिया। कलेक्टरों को बाढ़ और राहत केंद्र तैयार रखने, आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने, नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने और नोडल अधिकारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं।

ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। उन्हें जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों और डूबने के खतरे वाले पुलों सहित संवेदनशील स्थानों की पहचान करने का काम सौंपा गया है।

स्वास्थ्य और कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा

स्वास्थ्य विभाग को मुख्य जिला चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अधिकारियों (CDMO) के साथ समन्वय कर आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कलेक्टरों को विशेष रूप से उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करने को कहा गया है जिनकी प्रसव तिथि इस अवधि में आती है, और उन्हें पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

मछुआरों को चेतावनी

जलमार्ग प्रबंधन विभाग ने समुद्री क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए सभी मछुआरों को 21 सितंबर की शाम तक तट पर लौटने की सलाह दी है। 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। गौरतलब है कि ओडिशा का तटीय क्षेत्र हर वर्ष मानसून के अंतिम चरण में इस प्रकार की मौसमी प्रणालियों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रहता है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून का मौसम अंतिम चरण में है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर के बाद बारिश में कमी आने की उम्मीद है। राज्य प्रशासन की तत्परता और ODRAF की तैनाती यह संकेत देती है कि अधिकारी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्य सचिव का चक्रवात की संभावना से इनकार करना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जनता में अनावश्यक भय नहीं फैलेगा, लेकिन साथ ही यह भी ज़रूरी है कि गहरे दबाव की प्रणाली को कमतर न आँका जाए। दक्षिणी ओडिशा के जिलों — खासकर गंजाम और गजपति — में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी उन क्षेत्रों के लिए चिंताजनक है जहाँ नदियाँ पहले से ही उफान पर हो सकती हैं। गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनके सुरक्षित स्थानांतरण का निर्देश एक सराहनीय कदम है जो आपदा प्रबंधन में मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट क्यों जारी किया गया है?
IMD ने बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के कारण ओडिशा के 11 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यह मौसम तंत्र 23 सितंबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुँचने का अनुमान है।
क्या ओडिशा में चक्रवात आने की आशंका है?
नहीं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्पष्ट किया है कि IMD ने चक्रवात की नहीं, बल्कि गहरे दबाव की प्रणाली की संभावना जताई है। इससे भारी बारिश ज़रूर होगी, लेकिन चक्रवाती तूफान का खतरा नहीं है।
ओडिशा में सबसे ज़्यादा बारिश कब होगी?
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, इस मौसम प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव 23 और 24 सितंबर 2026 को रहने की संभावना है। इसके बाद वर्षा में उल्लेखनीय कमी आने का अनुमान है।
कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित होंगे?
दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल सहित कई जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। कुल 11 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मछुआरों के लिए क्या निर्देश हैं?
मछुआरों को 21 सितंबर की शाम तक तट पर लौटने और 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जलमार्ग प्रबंधन विभाग ने समुद्री क्षेत्र के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्र प्रेस
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