ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट: सुरेश पुजारी ने 8 जिलों के साथ की उच्च स्तरीय समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार, 27 जुलाई को भुवनेश्वर में एक उच्च स्तरीय तैयारी-सह-समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जो उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के कारण ओडिशा में जारी मूसलाधार बारिश की पृष्ठभूमि में बुलाई गई। सरकारी बयान के अनुसार, बैठक में सभी जिला प्रशासनों को 24 घंटे सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान जारी किया है कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर बना गहरा दबाव उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली 27 जुलाई की दोपहर और शाम के बीच बालेश्वर (ओडिशा) और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) के मध्य तट को पार कर सकती है।
विभाग ने सुंदरगढ़, केन्दुझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री पुजारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि मानव जीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहाँ भी आवश्यक हो, कमज़ोर और संवेदनशील लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए। साथ ही पका हुआ भोजन, सूखा राशन, पीने का पानी, आश्रय और अन्य आवश्यक राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मयूरभंज, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, केन्दुझर, बालेश्वर, भद्रक, कालाहांडी और सुंदरगढ़ जिलों के कलेक्टर, बीडीओ और वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए और मंत्री को अपने-अपने जिलों की तैयारियों से अवगत कराया।
ज़मीनी स्थिति और वर्षा के आँकड़े
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई से अब तक ओडिशा में कुल 517.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो मौसमी औसत से 75.7 प्रतिशत अधिक है। राज्य की सभी प्रमुख नदियाँ फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं और अभी तक किसी भी जिले से कोई प्रतिकूल घटना की सूचना नहीं मिली है।
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा पहले से ही मानसून की असामान्य तीव्रता झेल रहा है — सामान्य से 75% से अधिक वर्षा यह संकेत देती है कि इस मौसम में राज्य पर मौसम का दबाव असाधारण रूप से अधिक है।
समन्वय और निगरानी तंत्र
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (DEOC) और संबंधित विभागों के साथ मिलकर 24×7 स्थिति पर नज़र रख रहा है। जिला प्रशासन ने निकासी की तैयारी, स्थानीय बाढ़ राहत कार्य, आवश्यक सेवाएँ और राहत वितरण सहित एहतियाती उपाय सक्रिय कर दिए हैं।
पुजारी ने सभी जिला प्रशासकों को जमीनी स्तर के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहने और संवेदनशील स्थानों की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि यह बैठक उस समय हुई जब IMD का रेड अलर्ट पहले से जारी था, जो प्रशासन की पूर्व-सक्रिय (proactive) कार्यशैली को दर्शाता है।
आगे क्या
मंत्री पुजारी ने आश्वस्त किया कि सभी विभाग समन्वित रूप से काम कर रहे हैं और प्रत्येक जिले को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर 24×7 निगरानी जारी है और सरकार मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्पर है। IMD के अनुमान के अनुसार अगले 24-48 घंटे राज्य के तटीय और उत्तरी जिलों के लिए सबसे संवेदनशील रहेंगे।