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ओडिशा बाढ़ 2025: मंत्री सुरेश पुजारी ने की उच्च-स्तरीय समीक्षा, बैतरणी-जलका नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

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ओडिशा बाढ़ 2025: मंत्री सुरेश पुजारी ने की उच्च-स्तरीय समीक्षा, बैतरणी-जलका नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

सारांश

ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है — बैतरणी और जलका नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर हैं। राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक कर NDRF-ODRAF तैनाती, रात्रि गश्त और तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों की विशेष नियुक्ति के निर्देश दिए। अगले 12 घंटे निर्णायक बताए गए हैं।

मुख्य बातें

राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने 28 जुलाई को भुवनेश्वर में उच्च-स्तरीय बाढ़ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैतरणी और जलका नदियाँ — आनंदपुर और अखुआपाडा में — खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पिछले 24 घंटों में बालासोर में सर्वाधिक वर्षा; भद्रक और जाजपुर भी प्रभावित।
NDRF और ODRAF की टीमें तीनों प्रभावित जिलों में तैनात; सभी कलेक्टर हाई अलर्ट पर।
अगले 12 घंटे महत्वपूर्ण; SRC कार्यालय रात भर सक्रिय रहेगा।
तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सर्वाधिक प्रभावित जिलों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।

ओडिशा में लगातार भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 28 जुलाई को भुवनेश्वर में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी संबंधित विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया और जिला प्रशासनों को तत्काल निर्देश जारी किए गए।

नदियों का जलस्तर और प्रभावित क्षेत्र

आनंदपुर और अखुआपाडा में बैतरणी और जलका नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है। इसके साथ ही ब्राह्मणी और स्वर्णरेखा नदियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि कुछ स्थानों पर इनका जलस्तर भी बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में बालासोर जिले में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि भद्रक और जाजपुर जिलों के कई इलाके भी भारी बारिश की चपेट में हैं।

राहत और बचाव की तैयारी

बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में एनडीआरएफ (NDRF) और ओडीआरएएफ (ODRAF) की टीमें पहले से तैनात कर दी गई हैं। सभी कलेक्टरों और ब्लॉक विकास अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस विभाग ने रात की गश्त तेज कर दी है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी विशेष रूप से तैनात किया गया है।

मंत्री पुजारी ने निर्देश दिया कि विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) का कार्यालय रात भर काम करता रहे, क्योंकि अगले 12 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए गए हैं। जोखिम वाले और निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

राहत शिविरों में सुविधाएँ

सरकार ने सभी राहत शिविरों में पका हुआ भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की हैं। विस्थापित परिवारों के घरों और सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग, मत्स्य पालन विभाग और पशु संसाधन विकास विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ के दौरान सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाएँ और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कराए गए हैं। पशुधन की सुरक्षा के लिए मवेशियों के चारे का पर्याप्त भंडार भी सुनिश्चित किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष तैनाती

सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ निरंतर समन्वय बना हुआ है।

मुआवजा और आगे की कार्रवाई

मंत्री पुजारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए और निर्धारित नियमों के अनुसार घरों व कृषि भूमि को हुए नुकसान के लिए प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए। उन्होंने जनता से अपील की कि वे शांत रहें, घबराहट से बचें और प्रशासन द्वारा दी जा रही सहायता का पूरा लाभ उठाएँ। स्थिति पर कड़ी नज़र जारी है और आने वाले घंटों में हालात के अनुसार और कदम उठाए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मैदान पर होगी — विशेषकर तब जब बालासोर, भद्रक और जाजपुर जैसे जिले हर मानसून में बार-बार बाढ़ की चपेट में आते हैं। तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों की विशेष तैनाती और SRC कार्यालय का रात भर सक्रिय रहना दर्शाता है कि सरकार स्थिति की गंभीरता को समझ रही है। फिर भी, दीर्घकालिक प्रश्न यह है कि बाढ़-प्रवण नदी घाटियों में स्थायी अवसंरचना और पूर्व-चेतावनी तंत्र कब तक मजबूत होंगे — ताकि हर साल आपातकालीन बैठकों की जरूरत न पड़े।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में बाढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है?
लगातार भारी बारिश के कारण बैतरणी और जलका नदियाँ आनंदपुर और अखुआपाडा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं और पिछले 24 घंटों में बालासोर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है।
ओडिशा सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई जिसमें NDRF और ODRAF टीमों की तैनाती, SRC कार्यालय को रात भर सक्रिय रखने और तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और दवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा कब मिलेगा?
मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नुकसान का तत्काल आकलन कर निर्धारित नियमों के अनुसार घरों और कृषि भूमि को हुए नुकसान के लिए प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए। मुआवजे की सटीक समयसीमा अभी सरकार की ओर से घोषित नहीं की गई है।
ओडिशा में बाढ़ के दौरान सर्पदंश से बचाव के क्या इंतजाम हैं?
बाढ़ के दौरान सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाएँ और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र कैसे काम कर रहा है?
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र चौबीसों घंटे बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। विशेष राहत आयुक्त (SRC) का कार्यालय अगले 12 महत्वपूर्ण घंटों के दौरान रात भर सक्रिय रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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