ओडिशा बाढ़: 18 जिलों में 5.93 लाख लोग प्रभावित, महानदी में मध्यम बाढ़ की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा में 30 जुलाई 2026 को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही, जहाँ 18 जिलों के 5,93,083 लोग जलभराव, संपर्क मार्गों के टूटने, फसल क्षति और बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। राज्य सरकार के आँकड़ों के अनुसार, अब तक 1,76,518 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
बाढ़ का दायरा और प्रभावित क्षेत्र
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इस आपदा ने 95 ब्लॉक, 472 ग्राम पंचायतें, 1,301 गाँव और 14 शहरी निकायों को अपनी चपेट में ले लिया है। जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर और केंदुझार जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को हेलिकॉप्टर से इन्हीं चार जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
महानदी में बाढ़ की चेतावनी
जल संसाधन विभाग ने महानदी में मध्यम स्तर की बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए संबंधित जिला प्रशासनों को अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुख्य अभियंता के अनुसार, गुरुवार शाम तक मुंडली बैराज पर लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी का बहाव होने की आशंका है।
कटक जिले के बदांबा और अथागढ़ के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की पुष्टि हुई है। पुजारी ने बताया कि कटक के जिला कलेक्टर को समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश दे दिए गए हैं। खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अधिकारियों और इंजीनियरों को पहले ही तैनात किया जा चुका है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य भर में वर्षा लगभग थम गई है और 1 अगस्त तक बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, इसलिए स्थिति में शीघ्र सुधार की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश घटने से महानदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरबिंद कुमार पाधी और विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल भी मंत्री के साथ मौजूद थे।
नदियों की स्थिति
देवी, कुशाभद्रा, इब, ब्राह्मणी, बैतरणी, बुढ़ाबलंगा, सुवर्णरेखा, वंशधारा, ऋषिकुल्या और जलका नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, जो राहत की खबर है। हालाँकि, महानदी की स्थिति अभी भी निगरानी में है।
आम जनता से अपील
मंत्री पुजारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के निवासियों से आग्रह किया है कि जलस्तर घटने की संभावना के बावजूद वे राहत शिविरों में ही रहें। उन्होंने विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून का मौसम अभी जारी है और भविष्य में और बारिश की संभावना बनी रहती है।