13 सितंबर 2026
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प्रमोद भगत ने जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में जीते गोल्ड-सिल्वर, सुकांत कदम ने पूरा किया 100 मेडल का करियर मील का पत्थर

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प्रमोद भगत ने जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में जीते गोल्ड-सिल्वर, सुकांत कदम ने पूरा किया 100 मेडल का करियर मील का पत्थर

सारांश

प्रमोद भगत ने टोक्यो में गोल्ड-सिल्वर जीतकर अपनी विश्वस्तरीय निरंतरता साबित की, और सुकांत कदम ने 12 साल के करियर में 100 मेडल पूरे कर भारतीय पैरा खेलों में एक नया इतिहास रच दिया।

मुख्य बातें

प्रमोद भगत ने जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में मेंस सिंगल्स एसएल3 फाइनल में यू कुमार को 21-16, 21-08 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
प्रमोद और सुकांत की डबल्स जोड़ी को इंडोनेशिया के हिकमत रामदानी और फ्रेडी सेतियावान से हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
सुकांत कदम ने इस टूर्नामेंट में अपने करियर के 100 मेडल का ऐतिहासिक माइलस्टोन पूरा किया।
सुकांत को मेंस सिंगल्स एसएल4 फाइनल में फ्रांस के लुकास माजुर से 21-08, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा।
सुकांत ने करीब 12 वर्ष पहले पैरा-बैडमिंटन करियर की शुरुआत की थी।

भारत के दिग्गज पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और सुकांत कदम ने टोक्यो में संपन्न जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। 13 सितंबर 2026 को समाप्त इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में प्रमोद ने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि सुकांत ने अपने करियर का 100वाँ मेडल हासिल कर भारतीय पैरा खेलों में एक नया अध्याय लिख दिया।

मुख्य घटनाक्रम: प्रमोद का शानदार सिंगल्स प्रदर्शन

प्रमोद भगत ने मेंस सिंगल्स एसएल3 फाइनल में अपने ही देश के खिलाड़ी यू कुमार को 21-16, 21-08 के स्कोर से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। यू कुमार ने मैच की शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन प्रमोद ने धैर्य और तकनीकी श्रेष्ठता के दम पर खेल का रुख पलट दिया।

प्रमोद ने कहा, 'सिंगल्स फाइनल चुनौतीपूर्ण था, खासकर तब जब यू कुमार ने शुरुआती बढ़त बना ली थी, लेकिन मैंने धैर्य बनाए रखा और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया। एक बार जब मुझे अपनी लय मिल गई, तो मैं खेल पर नियंत्रण पाने में सफल रहा।'

डबल्स में सिल्वर: इंडोनेशिया की जोड़ी से मिली हार

मेंस डबल्स एसएल3-एसयू5 में प्रमोद भगत और सुकांत कदम की जोड़ी को इंडोनेशिया के हिकमत रामदानी और फ्रेडी सेतियावान के हाथों हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। प्रमोद ने इस नतीजे पर कहा, 'डबल्स का नतीजा वैसा नहीं रहा जैसा हम चाहते थे, लेकिन मुझे उस संघर्ष पर गर्व है जो हमने दिखाया।' उन्होंने यह भी कहा कि हर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट सीखने का एक मौका होता है।

सुकांत का ऐतिहासिक 100वाँ मेडल

सुकांत कदम ने इस टूर्नामेंट में मेंस सिंगल्स एसएल4 और मेंस डबल्स दोनों में सिल्वर मेडल जीते, और इसी के साथ उन्होंने अपने करियर के 100 मेडल का असाधारण माइलस्टोन पूरा कर लिया। सिंगल्स फाइनल में उन्हें फ्रांस के लुकास माजुर से 21-08, 21-16 के स्कोर से हार का सामना करना पड़ा। माजुर ने पहले गेम में दबदबा बनाया, जबकि सुकांत ने दूसरे गेम में बेहतर खेल दिखाया, पर जीत हासिल न हो सकी।

गौरतलब है कि सुकांत ने करीब 12 वर्ष पहले पैरा-बैडमिंटन की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, 'करियर में 100 मेडल तक पहुंचना मेरे लिए बहुत खास पल है। जब मैंने 12 साल पहले पैरा-बैडमिंटन खेलना शुरू किया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम तक पहुंचूंगा।'

आम जनता और भारतीय पैरा खेलों पर असर

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत अंतरराष्ट्रीय पैरा खेलों में अपनी पहचान तेज़ी से मज़बूत कर रहा है। प्रमोद भगत पहले से ही टोक्यो पैरालंपिक 2020 के स्वर्ण पदक विजेता हैं और उनकी यह जीत उनकी निरंतरता और उत्कृष्टता का प्रमाण है। सुकांत का 100 मेडल का सफर युवा पैरा एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत है।

सुकांत ने कहा, '100 के आंकड़े को ही मंजिल नहीं मानता — यह मुझे और कड़ी मेहनत करने और भारत के लिए और भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करता है।'

क्या होगा आगे

इस टूर्नामेंट के प्रदर्शन के बाद दोनों खिलाड़ियों की नज़रें आगामी अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन सर्किट इवेंट्स पर होंगी। भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम के लिए यह नतीजे विश्व रैंकिंग और भविष्य के बड़े टूर्नामेंट — जिनमें पैरालंपिक क्वालिफिकेशन इवेंट्स शामिल हैं — की तैयारी के लिहाज़ से महत्वपूर्ण हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दशक से अधिक की अदम्य जिजीविषा का प्रतिफल है। मुख्यधारा की खेल पत्रकारिता जहाँ क्रिकेट और ओलंपिक खेलों पर केंद्रित रहती है, वहीं इन पैरा एथलीटों का संघर्ष और उपलब्धि अक्सर उचित ध्यान नहीं पा पाती। यह जीत नीति निर्माताओं और खेल संघों के लिए संकेत है कि पैरा बैडमिंटन में निवेश और संसाधन और अधिक बढ़ाए जाने की ज़रूरत है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमोद भगत ने जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में कौन-से मेडल जीते?
प्रमोद भगत ने मेंस सिंगल्स एसएल3 फाइनल में यू कुमार को 21-16, 21-08 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा उन्होंने सुकांत कदम के साथ मिलकर मेंस डबल्स में सिल्वर मेडल भी हासिल किया।
सुकांत कदम ने 100 मेडल का माइलस्टोन कैसे पूरा किया?
सुकांत कदम ने जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में मेंस सिंगल्स एसएल4 और मेंस डबल्स में सिल्वर मेडल जीतकर अपने करियर के 100 मेडल पूरे किए। उन्होंने करीब 12 साल पहले पैरा-बैडमिंटन करियर शुरू किया था।
सुकांत कदम को सिंगल्स फाइनल में किसने हराया?
सुकांत कदम को मेंस सिंगल्स एसएल4 फाइनल में फ्रांस के लुकास माजुर ने 21-08, 21-16 से हराया। माजुर ने पहले गेम में दबदबा बनाया, जबकि सुकांत ने दूसरे गेम में बेहतर संघर्ष किया।
डबल्स फाइनल में भारत को किसने हराया?
मेंस डबल्स एसएल3-एसयू5 फाइनल में प्रमोद भगत और सुकांत कदम की जोड़ी को इंडोनेशिया के हिकमत रामदानी और फ्रेडी सेतियावान ने हराया। भारतीय जोड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
भारतीय पैरा बैडमिंटन के लिए यह टूर्नामेंट क्यों महत्वपूर्ण है?
यह टूर्नामेंट भारतीय पैरा बैडमिंटन की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रमाण है। प्रमोद भगत की गोल्ड जीत और सुकांत का 100 मेडल का माइलस्टोन दोनों भविष्य के पैरालंपिक और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम का मनोबल और रैंकिंग मज़बूत करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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