BRICS 2026: PM मोदी ने नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति शेत्तिमा से की मुलाकात, व्यापार-रक्षा-स्वच्छ ऊर्जा पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, बिजली, स्वच्छ ऊर्जा, उर्वरक, रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी देशों के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
बैठक की मुख्य बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा से मिलकर प्रसन्नता हुई। हमने व्यापार, बिजली, स्वच्छ ऊर्जा, उर्वरक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की भी समीक्षा की।'
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-नाइजीरिया के बहुआयामी संबंधों की व्यापक समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में चल रही सहयोग प्रक्रिया पर संतोष जताया। बातचीत में व्यापार एवं निवेश, रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा साझेदारी, कृषि तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान दिया गया।
रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
दोनों नेताओं ने भारत-नाइजीरिया रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उपराष्ट्रपति शेत्तिमा ने भारत के विकास के अनुभव और नाइजीरिया में क्षमता निर्माण तथा आर्थिक विकास में भारत के योगदान की सराहना की।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को व्यवस्थित ढंग से विस्तार दे रहा है। गौरतलब है कि नाइजीरिया अफ्रीका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और ब्रिक्स का एक साझेदार देश भी है, जो इस संबंध को रणनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
ग्लोबल साउथ और बहुपक्षीय सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति शेत्तिमा ने ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और चिंताओं पर भी विस्तार से चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने बहुपक्षीय मंचों पर अधिक प्रतिनिधित्व वाली, समावेशी और बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने नाइजीरिया के साथ साझेदारी को मजबूत करने और अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव को और गहरा करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का संदर्भ
भारत ने 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों — जिनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं — के नेताओं के साथ-साथ साझेदार देशों और आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
नाइजीरिया ब्रिक्स के साझेदार देशों में शामिल है, जिनमें बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाखस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम भी हैं। इस शिखर सम्मेलन के इतर हुई यह द्विपक्षीय बैठक दर्शाती है कि भारत बहुपक्षीय मंचों को अपनी द्विपक्षीय कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से उपयोग कर रहा है।
आगे क्या होगा
दोनों देशों ने एक मजबूत और भविष्य उन्मुख साझेदारी के प्रति साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जो दोनों देशों के साथ-साथ व्यापक ग्लोबल साउथ में शांति, समृद्धि और विकास में योगदान दे। चर्चा में उभरे क्षेत्रों — विशेषकर स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी — में अनुवर्ती कार्रवाई की उम्मीद है।