13 सितंबर 2026
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ब्रिक्स दिल्ली समिट: PM मोदी ने युगांडा उपराष्ट्रपति अलुपो से की द्विपक्षीय वार्ता, प्रौद्योगिकी व निवेश सहयोग पर बनी सहमति

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ब्रिक्स दिल्ली समिट: PM मोदी ने युगांडा उपराष्ट्रपति अलुपो से की द्विपक्षीय वार्ता, प्रौद्योगिकी व निवेश सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

ब्रिक्स दिल्ली समिट के मंच पर PM मोदी की कूटनीति दो मोर्चों पर सक्रिय रही — युगांडा से प्रौद्योगिकी और निवेश साझेदारी पर सहमति, और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो से आत्मीय मुलाकात। ग्लोबल साउथ को केंद्र में रखते हुए भारत अपनी दक्षिण-दक्षिण कूटनीति को नई ऊँचाई दे रहा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स दिल्ली समिट के दौरान युगांडा उपराष्ट्रपति जेसिका रोज एपेल अलुपो से द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों देशों ने प्रौद्योगिकी साझेदारी, क्षमता निर्माण, निवेश सुविधा और निजी क्षेत्र सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
PM मोदी ने युगांडा के 'विजन 2040' को भारत के समर्थन की पुष्टि की।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से भी मुलाकात हुई; मोदी ने एक्स पर उनके अपनेपन और सकारात्मकता की तारीफ की।
2026 में दोनों नेताओं की यह दूसरी भेंट है; पहली मुलाकात 6-8 जुलाई 2026 को जकार्ता में हुई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर युगांडा गणराज्य की उपराष्ट्रपति जेसिका रोज एपेल अलुपो के साथ द्विपक्षीय बैठक की। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी साझेदारी, क्षमता निर्माण, ज्ञान साझाकरण, निवेश सुविधा और निजी क्षेत्र के सहयोग को प्राथमिकता देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर सहमति जताई।

बैठक के प्रमुख बिंदु

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और युगांडा के बीच विकास साझेदारी दोनों देशों की एक साझी ताकत है। प्रधानमंत्री मोदी ने युगांडा के दीर्घकालिक विकास खाके 'विजन 2040' को भारत के समर्थन की औपचारिक पुष्टि की, जो एक समृद्ध और विकसित युगांडा बनाने का लक्ष्य रखता है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों के बीच घनिष्ठ जन-संपर्क को साझेदारी की मज़बूत बुनियाद बताया।

दोनों नेताओं ने ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़ को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से द्विपक्षीय जुड़ाव को और घनिष्ठ करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स समिट में सहभागिता के लिए उपराष्ट्रपति अलुपो का विशेष आभार व्यक्त किया।

मोदी-सुबियांतो की आत्मीय मुलाकात

ब्रिक्स समिट के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से भी भेंट की। सुबियांतो ने भारतीय परंपरा के अनुरूप नमस्ते की मुद्रा में हाथ जोड़कर उनका स्वागत किया, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से सराहा।

मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'ब्रिक्स दिल्ली समिट के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मिलकर बहुत अच्छा लगा। उनका अपनापन, सकारात्मक और आशावादी रवैया हमेशा दिल जीत लेता है।' प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों देश कई क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करते रहेंगे।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि 2026 में यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात है। पहली भेंट 6 से 8 जुलाई 2026 के बीच हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर जकार्ता गए थे। यह बैठकों की निरंतरता दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की ओर संकेत करती है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत ब्रिक्स मंच के ज़रिये ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक बना रहा है और विकासशील देशों के साथ प्रौद्योगिकी एवं निवेश आधारित साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।

आगे की राह

भारत-युगांडा और भारत-इंडोनेशिया, दोनों मोर्चों पर इन बैठकों से ठोस नीतिगत पहलों की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भारत की सक्रियता अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया दोनों में उसके रणनीतिक प्रभाव को मजबूत कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों से सक्रिय द्विपक्षीय कूटनीति यह दर्शाती है कि भारत बहुपक्षीय शिखर सम्मेलनों को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक नेटवर्किंग के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। युगांडा के 'विजन 2040' को समर्थन देना अफ्रीका में भारत की बढ़ती दीर्घकालिक रुचि को रेखांकित करता है, जहाँ चीन पहले से गहरी पैठ बना चुका है। हालाँकि, 'प्रौद्योगिकी साझाकरण' और 'निवेश सुविधा' जैसे व्यापक वाक्यांश तब तक कूटनीतिक दस्तावेज़ों की शोभा बनकर रह जाते हैं, जब तक उन्हें मापनीय परियोजनाओं और समयसीमाओं से नहीं जोड़ा जाता।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स समिट में PM मोदी और युगांडा उपराष्ट्रपति के बीच क्या बात हुई?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी साझेदारी, क्षमता निर्माण, निवेश सुविधा और निजी क्षेत्र सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। PM मोदी ने युगांडा के 'विजन 2040' को भारत के समर्थन की भी पुष्टि की।
युगांडा का 'विजन 2040' क्या है और भारत इसे क्यों समर्थन दे रहा है?
'विजन 2040' युगांडा की दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास योजना है, जिसका लक्ष्य देश को एक समृद्ध और आधुनिक अर्थव्यवस्था बनाना है। भारत इस खाके को समर्थन देकर अफ्रीका में अपनी विकास साझेदारी और रणनीतिक उपस्थिति को मज़बूत करना चाहता है।
PM मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो की 2026 में कितनी बार मुलाकात हुई है?
2026 में दोनों नेताओं के बीच दो बार मुलाकात हुई है। पहली भेंट 6 से 8 जुलाई 2026 को जकार्ता में PM मोदी की इंडोनेशिया राजकीय यात्रा के दौरान हुई थी, और दूसरी 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के मौके पर।
ब्रिक्स दिल्ली समिट 2026 में भारत का मुख्य कूटनीतिक फोकस क्या रहा?
भारत ने इस समिट को ग्लोबल साउथ के देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया। PM मोदी ने युगांडा समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें प्रौद्योगिकी, निवेश और जन-जन के बीच संपर्क को केंद्र में रखा गया।
क्या PM मोदी ने सुबियांतो से मुलाकात पर कोई बयान दिया?
हाँ, PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि 'ब्रिक्स दिल्ली समिट के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मिलकर बहुत अच्छा लगा। उनका अपनापन, सकारात्मक और आशावादी रवैया हमेशा दिल जीत लेता है।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश कई क्षेत्रों में साझेदारी को मज़बूत करते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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