18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में PM मोदी की तीन अफ्रीकी नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता, भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान तीन प्रमुख अफ्रीकी नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में अफ्रीकी संघ (AU) के अध्यक्ष एवं बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्त नदायिशिमिये, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा मुस्तफा शामिल रहे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारत-अफ्रीकी संघ: ग्लोबल साउथ की धुरी
प्रधानमंत्री मोदी और AU अध्यक्ष नदायिशिमिये ने भारत-अफ्रीका साझेदारी को ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। दोनों नेताओं ने 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल कराने में भारत की भूमिका को रेखांकित किया। इसके साथ ही, चौथे भारत-अफ्रीका फोरम समिट (IAFS-IV) के शीघ्र आयोजन पर भी सहमति व्यक्त की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इबोला प्रकोप से सफलतापूर्वक निपटने के लिए अफ्रीकी संघ के नेतृत्व की सराहना की। एयू अध्यक्ष ने इस प्रकोप को नियंत्रित करने में अफ्रीका सीडीसी को मिले भारतीय चिकित्सा सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। भारत-बुरुंडी संबंधों की समीक्षा करते हुए दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग, कृषि आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।
भारत-दक्षिण अफ्रीका: ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने भारत-दक्षिण अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने माना कि दोनों देशों के संबंध साझा ऐतिहासिक संघर्षों, सांस्कृतिक जुड़ाव और व्यापक आर्थिक संपर्क पर टिके हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में दक्षिण अफ्रीका से चीतों के सफल स्थानांतरण का उल्लेख करते हुए दक्षिण अफ्रीका को इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति रामाफोसा ने प्रधानमंत्री मोदी को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया।
भारत-नाइजीरिया: रणनीतिक साझेदारी को गहराई
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा मुस्तफा एक व्यापक मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुँचे। इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मामलों, उद्योग, व्यापार एवं निवेश, संचार, नवाचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी, मानवीय मामलों एवं गरीबी उन्मूलन, महिला मामलों तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्री शामिल थे।
प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति शेट्टिमा ने व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, ऊर्जा साझेदारी, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष रूप से चर्चा की। दोनों पक्षों ने भारत-नाइजीरिया रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा एक समावेशी और बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
ग्लोबल साउथ की साझा आवाज़
तीनों बैठकों में एक साझा सूत्र यह रहा कि भारत और अफ्रीकी देश मिलकर बहुपक्षीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को मुखरता से उठाने पर सहमत हुए। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के बीच विकासशील देश अपनी सामूहिक आवाज़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच एक मजबूत, भविष्योन्मुखी साझेदारी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई जो शांति, समृद्धि और विकास में योगदान देगी।
गौरतलब है कि यह उस व्यापक भारतीय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत भारत अफ्रीकी महाद्वीप के साथ अपने संबंधों को केवल सहायता-आधारित मॉडल से आगे बढ़ाकर वास्तविक रणनीतिक साझेदारी में बदलना चाहता है। आने वाले समय में IAFS-IV के आयोजन से इस संबंध को एक नई संस्थागत संरचना मिलने की उम्मीद है।