प्रमोद भगत की अविश्वसनीय जीत: स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में भारत ने जीते पदक

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प्रमोद भगत की अविश्वसनीय जीत: स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में भारत ने जीते पदक

सारांश

टोलेडो में स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 में प्रमोद भगत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। उनके प्रदर्शन ने भारत का नाम रोशन किया है, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

मुख्य बातें

प्रमोद भगत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते।
मिश्रित डबल्स में उन्होंने मनीषा रामदास के साथ जोड़ी बनाई।
टोलेडो में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा।
नितेश कुमार ने भी स्वर्ण पदक जीते।
यह टूर्नामेंट भारत के पैरालंपिक खिलाड़ियों की मेहनत को दर्शाता है।

टोलेडो, २९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टोलेडो में आयोजित स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल २०२६ – लेवल १ में भारत ने अद्भुत प्रदर्शन किया। प्रमोद भगत ने सबसे उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई। इस पैरालंपिक चैंपियन ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए।

प्रमोद भगत के खेल का सबसे महत्वपूर्ण क्षण मिश्रित डबल्स एसएल3-एसयू5 श्रेणी में जीता गया स्वर्ण पदक रहा, जिसमें उन्होंने मनीषा रामदास के साथ भागीदारी की। इस भारतीय जोड़ी ने शानदार तालमेल और संघर्ष दिखाते हुए अपने देश के खिलाड़ियों नितेश कुमार और थुलसीमती मुरुगेसन को सीधे सेटों में पराजित किया। पहले सेट में उन्होंने २१-१५ से जीत हासिल की और दूसरे सेट में कड़े मुकाबले के बाद २४-२२ से जीत दर्ज की, इस प्रकार ३० मिनट चले मैच में खिताब अपने नाम किया।

पुरुष एकल एसएल ३ के फाइनल में, प्रमोद भगत ने पूरी ताकत से मुकाबला किया, लेकिन अपने ही साथी खिलाड़ी नितेश कुमार से १०-२१, १७-२१ के स्कोर से पराजित होकर रजत पदक पर संतोष करना पड़ा।

उन्होंने सुकांत कदम के साथ मिलकर पुरुष एकल एसएल3-एसयू5 इवेंट में दूसरा रजत पदक जीता। इस जोड़ी ने नवीन शिवकुमार और सूर्यकांत यादव की भारतीय जोड़ी के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा की। पहले सेट में १६-२१ से हारने के बाद, भगत और कदम ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे सेट को २१-१२ से जीत लिया, लेकिन निर्णायक सेट में वे १५-२१ से पीछे रह गए और रजत पदक प्राप्त किया।

प्रमोद भगत ने कहा, "मैं टोलेडो से एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अत्यंत खुश हूं। हर मैच एक कठिन चुनौती थी, विशेष रूप से जब मैं अपने ही देश के साथियों के खिलाफ खेल रहा था। मिश्रित डबल्स का मुकाबला विशेष रूप से यादगार रहा — मनीषा और मैंने महत्वपूर्ण क्षणों में बेहतरीन तालमेल और धैर्य दिखाया। इस प्रदर्शन से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है, और मैं आगे भी निरंतर सुधार करने और आगामी टूर्नामेंटों में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित महसूस कर रहा हूं।"

टोलेडो में भारत का समग्र प्रदर्शन बहुत शानदार रहा। नितेश कुमार ने पुरुषों के एकल एसएल3 में स्वर्ण पदक जीता, जबकि मानसी जोशी और थुलासिमती मुरुगेसन ने महिलाओं के डबल्स एसएल3-एसयू5 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। थुलासिमती मुरुगेसन ने महिलाओं के एकल एसयू5 में भी स्वर्ण पदक जीता। इसी श्रेणी में मनीषा रामदास ने रजत पदक जीता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत के पैरालंपिक खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। उनके द्वारा जीते गए स्वर्ण और रजत पदक न केवल उनकी मेहनत का परिणाम हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमोद भगत ने कितने पदक जीते?
प्रमोद भगत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते।
स्पेनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल कब हुआ?
यह टूर्नामेंट 29 मार्च 2026 को टोलेडो में आयोजित किया गया।
प्रमोद भगत ने किस श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता?
उन्होंने मिश्रित डबल्स एसएल3-एसयू5 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता।
प्रमोद भगत के साथ किसने जोड़ी बनाई?
प्रमोद भगत ने मनीषा रामदास के साथ जोड़ी बनाई।
भारत के अन्य खिलाड़ियों ने क्या उपलब्धियां हासिल कीं?
नितेश कुमार ने पुरुषों के एकल एसएल3 में स्वर्ण पदक जीता और मानसी जोशी व थुलासिमती मुरुगेसन ने भी पदक जीते।
राष्ट्र प्रेस
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