13 सितंबर 2026
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मेरठ: केसरगंज मस्जिद निर्माण विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, इमाम हिरासत में; पुलिस ने दर्ज कीं दोनों तहरीरें

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मेरठ: केसरगंज मस्जिद निर्माण विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, इमाम हिरासत में; पुलिस ने दर्ज कीं दोनों तहरीरें

सारांश

मेरठ के केसरगंज में मस्जिद के कथित अनधिकृत निर्माण पर शुरू हुआ विवाद रविवार को तब उग्र हो गया जब व्यापारी और हिंदू संगठन एक तरफ, तो AIMIM-SP नेता दूसरी तरफ आ गए। इमाम हिरासत में हैं, दोनों पक्षों की तहरीरें दर्ज हैं और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

मुख्य बातें

मेरठ के केसरगंज दाल मंडी में मस्जिद के कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर 13 सितंबर 2026 को विवाद भड़क उठा।
व्यापारी ईश्वरचंद की शिकायत पर पुलिस ने मस्जिद के इमाम और उनके बेटे को हिरासत में लिया।
हिंदू संगठनों , AIMIM और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता थाने पहुँचे; दोनों पक्षों ने तहरीरें दर्ज कराईं।
मेरठ एसपी सिटी विनायक भोसले ने पुष्टि की कि पुलिस ने तीन दिन पहले आपसी सहमति से निर्माण रुकवाया था।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात; निरोधात्मक कार्रवाई जारी बताई गई है।

मेरठ के रेलवे रोड थाना क्षेत्र की केसरगंज दाल मंडी में एक मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर उपजा विवाद 13 सितंबर 2026 को उस समय गहरा गया जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए और दोनों ने रेलवे रोड थाने में शिकायती तहरीरें दर्ज कराईं। पुलिस ने मस्जिद के इमाम और उनके बेटे को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, केसरगंज दाल मंडी स्थित मस्जिद में करीब तीन दिन पहले निर्माण कार्य चल रहा था। स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया कि यह निर्माण बिना अनुमति के किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आपसी सहमति से निर्माण कार्य रुकवा दिया था। हालाँकि, रविवार, 13 सितंबर को मामले ने नया और तीखा मोड़ लिया।

मुख्य घटनाक्रम

व्यापारी ईश्वरचंद ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि मस्जिद के इमाम, मोहतमिम और अन्य लोगों ने उनके साथ बदसलूकी, मारपीट और धमकी दी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने इमाम और उनके बेटे को हिरासत में लेकर रेलवे रोड थाने पहुँचाया।

इमाम की हिरासत की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुँच गए और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग करते हुए तहरीर दी। हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही भी इस दौरान थाने पहुँचे।

दूसरे पक्ष के आरोप

इसी दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और समाजवादी पार्टी (SP) के नेता व कार्यकर्ता भी थाने पहुँच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिन सिरोही और एक मीडियाकर्मी ने जबरन मस्जिद में घुसने की कोशिश की, जिसका मौलाना ने विरोध किया। इस पक्ष का यह भी कहना है कि सचिन सिरोही हिंदू संगठन की आड़ में शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और इस मामले को साम्प्रदायिक रंग देने का प्रयास हो रहा है। इस पक्ष ने भी सचिन सिरोही और संबंधित मीडियाकर्मी के विरुद्ध थाने में तहरीर दी।

पुलिस की प्रतिक्रिया

मेरठ एसपी सिटी विनायक भोसले ने कहा, 'हमें सूचना प्राप्त हुई कि केसरगंज मंडी में एक मस्जिद स्थित है। तीन दिन पूर्व वहाँ कंस्ट्रक्शन हो रहा था, जो बिना अनुमति के होने की बात प्रकाश में आई थी। आपसी सहमति से कंस्ट्रक्शन रोक दिया गया था। किसी मीडिया चैनल द्वारा इंटरव्यू लिया जा रहा था। उस समय किसी बात को लेकर असहमति बनी और हल्की नोकझोंक हुई है। पुलिस ने तुरंत वहाँ दखल दिया और फिलहाल शांत व्यवस्था कायम है। जिनके भी नाम सामने आए, उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।'

पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीरें ले ली हैं और जाँच शुरू कर दी है। तनाव को देखते हुए केसरगंज इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माण विवाद पहले भी तनाव का कारण बन चुके हैं। गौरतलब है कि अनधिकृत निर्माण की शिकायत और उसके बाद का घटनाक्रम तेज़ी से व्यापक राजनीतिक आयाम ले चुका है। मामले की जाँच पूरी होने और दोनों पक्षों की तहरीरों पर पुलिस की अगली कार्रवाई से ही स्थिति का अगला रुख स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन देखते-ही-देखते इसमें हिंदू संगठन, AIMIM और सपा सब कूद पड़े — जो दर्शाता है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किस तेज़ी से राजनीतिक रंग ले लेते हैं। मुख्यधारा की कवरेज 'दोनों पक्षों के आरोप' तक सीमित रहती है, जबकि असली सवाल यह है कि अनधिकृत निर्माण रोकने की प्रक्रिया में पुलिस ने तीन दिन पहले जो 'आपसी सहमति' बनाई, वह आखिर टिकी क्यों नहीं। जब तक नगर निगम या प्राधिकरण का स्पष्ट रुख सामने नहीं आता, निर्माण की वैधता का प्रश्न अनुत्तरित रहेगा और तनाव की ज़मीन बनी रहेगी।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद क्या है?
मेरठ के केसरगंज दाल मंडी में एक मस्जिद में कथित तौर पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा था। इसे लेकर स्थानीय व्यापारियों और मस्जिद पक्ष के बीच विवाद हुआ, जो 13 सितंबर 2026 को तब और बढ़ गया जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पुलिस ने इमाम को हिरासत में ले लिया।
मेरठ में इमाम को हिरासत में क्यों लिया गया?
व्यापारी ईश्वरचंद की शिकायत पर पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद के इमाम, मोहतमिम और अन्य लोगों ने उनके साथ बदसलूकी, मारपीट और धमकी दी। पुलिस ने इमाम और उनके बेटे को रेलवे रोड थाने लाकर पूछताछ शुरू की।
AIMIM और सपा ने थाने में पहुँचकर क्या आरोप लगाए?
AIMIM और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही और एक मीडियाकर्मी ने जबरन मस्जिद में घुसने की कोशिश की। उनका यह भी कहना है कि इस मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है और शहर का माहौल बिगाड़ा जा रहा है।
मेरठ एसपी सिटी ने इस मामले में क्या कहा?
मेरठ एसपी सिटी विनायक भोसले ने कहा कि तीन दिन पहले बिना अनुमति के निर्माण की सूचना पर पुलिस ने आपसी सहमति से काम रुकवाया था। उन्होंने बताया कि मीडिया इंटरव्यू के दौरान असहमति से हल्की नोकझोंक हुई, पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और अब जिनके नाम सामने आए हैं उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
क्या इस मामले में FIR दर्ज हुई है?
अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों ने थाने में तहरीरें दे दी हैं और पुलिस ने उन्हें स्वीकार कर लिया है। पुलिस जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई का निर्णय जाँच के आधार पर किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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