ओडिशा बाढ़: 2,70,212 लोग प्रभावित, 95,206 को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया; 118 राहत दल तैनात
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति 15 अगस्त 2026 को भी गंभीर बनी हुई है, जहाँ 6 जिलों, 52 ब्लॉकों, 227 ग्राम पंचायतों और 503 गाँवों में लगभग 2,70,212 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 95,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और 226 शेल्टर होम में रखा गया है।
बाढ़ का दायरा और प्रभावित क्षेत्र
राज्य की कुछ प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने के संकेत मिले हैं, लेकिन कम दबाव के चलते हो रही लगातार बारिश ने राहत कार्यों को जटिल बना दिया है। शनिवार को कई इलाकों में नए सिरे से जलभराव की सूचना मिली।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के कार्यालय के अधीन एसईओसी के अनुसार, सर्वाधिक प्रभावित जिलों में मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और केंदुझार शामिल हैं, जहाँ जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (डीईओसी) के साथ समन्वय कर स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।
राहत एवं बचाव अभियान
प्रभावित इलाकों में कुल 118 राहत दल तैनात किए गए हैं। इनमें 36 ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) टीमें, 7 राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) टीमें, 35 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा टीमें और 40 पुलिस/सिविल डिफेंस/स्थानीय टीमें शामिल हैं। एसईओसी के अनुसार, अतिरिक्त दल स्टैंडबाय पर हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल तैनात किए जाएँगे।
शेल्टर होम में विस्थापित लोगों को पका हुआ भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई की सुविधाएँ, प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य एवं पशुधन सेवाएँ
एसईओसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में 62 चिकित्सा दल तैनात हैं। दवाइयों, ओआरएस, आईवी फ्लूइड और एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है। पशुओं की देखभाल के लिए 31 पशु चिकित्सा/रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं और 22 पशु चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। अब तक 51 पशुओं का उपचार व टीकाकरण हो चुका है और 357.2 मीट्रिक टन पशु आहार वितरित किया गया है।
प्रशासन की प्राथमिकताएँ और आगे की राह
एसआरसी ने कहा कि सभी संबंधित प्रशासनों और विभागों को किसी भी नई आवश्यकता के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है। राज्य का समन्वित आपदा प्रतिक्रिया तंत्र जनहानि रोकने, प्रभावित परिवारों की सहायता और सामान्य जनजीवन की शीघ्र बहाली पर केंद्रित है। गौरतलब है कि ओडिशा प्रतिवर्ष मानसून में भीषण बाढ़ का सामना करता है, और इस वर्ष कम दबाव की प्रणाली ने स्थिति को और विकट बना दिया है।
नदियों के जलस्तर में क्रमिक गिरावट के बावजूद, अगले कुछ दिनों में बारिश जारी रहने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की अपील की है।