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ओडिशा बाढ़: सात जिलों में 13.44 लाख लोग प्रभावित, 4.87 लाख को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया

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ओडिशा बाढ़: सात जिलों में 13.44 लाख लोग प्रभावित, 4.87 लाख को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया

सारांश

ओडिशा में बाढ़ का कहर जारी — सात जिलों के 13.44 लाख लोग प्रभावित, 4.87 लाख सुरक्षित स्थानों पर। 126 बचाव दल, 210 नावें और 93 मेडिकल टीमें मैदान में हैं। नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन राहत और पुनर्बहाली का काम अभी लंबा है।

मुख्य बातें

ओडिशा के सात जिलों — बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, केंदुझार, केंद्रपाड़ा और सुंदरगढ़ — में 13,44,698 लोग बाढ़ से प्रभावित।
4,87,350 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; 880 राहत शिविरों में रखा गया।
4,95,833 लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध; 4,765 पॉलीथीन शीट/रोल वितरित।
126 बचाव दल तैनात — जिनमें 32 ओड्राफ, 8 एनडीआरएफ, 46 अग्निशमन और 40 पुलिस/सिविल डिफेंस टीमें शामिल।
93 मेडिकल टीमें और 159 मेडिकल शिविर सक्रिय; 150 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया गया।
प्रमुख नदियों का जलस्तर घट रहा है; अब तक किसी महामारी की सूचना नहीं।

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति 21 अगस्त को भी गंभीर बनी हुई है — राज्य के सात जिलों में 13,44,698 लोग बाढ़ के पानी से घिरे हैं और सैकड़ों गाँव अभी भी जलमग्न हैं। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय में स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

प्रभावित जिले और आँकड़े

बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, केंदुझार, केंद्रपाड़ा और सुंदरगढ़ शामिल हैं। इन सात जिलों के 76 ब्लॉकों, 505 ग्राम पंचायतों, 1,703 गाँवों और 12 शहरी स्थानीय निकायों में रहने वाले लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

राज्य सरकार के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा और केंदुझार में स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रही। हालाँकि अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख नदियों का जलस्तर घट रहा है और वे खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं।

राहत एवं बचाव कार्य

अब तक 4,87,350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और उन्हें 880 राहत शिविरों में रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में मुफ्त रसोई संचालित हैं, जहाँ अब तक 4,95,833 लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 4,765 पॉलीथीन शीट/रोल प्रभावित परिवारों को वितरित किए गए हैं।

बचाव अभियान को मज़बूत करने के लिए 126 राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं — जिनमें 32 ओड्राफ टीम, 8 एनडीआरएफ टीम, 46 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा टीम और 40 पुलिस/सिविल डिफेंस/स्थानीय टीम शामिल हैं। राहत कार्यों के लिए 210 नावों और विशेष उपकरणों की तैनाती की गई है। बचाव दल अब तक 492 कटे हुए गाँवों तक पहुँच चुके हैं और 124 आपातकालीन चिकित्सा निकासी की गई हैं।

स्वास्थ्य सेवाएँ और विशेष देखभाल

प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 93 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं और 159 मेडिकल शिविर लगाए गए हैं, जहाँ 11,549 लोगों को चिकित्सा सहायता मिली है।

गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है — 150 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया गया है और 44 सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। राज्य सरकार ने बताया कि आवश्यक दवाइयों, एंटी-स्नेक वेनम, ओआरएस और आईवी फ्लूड का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अब तक किसी भी प्रकार की महामारी फैलने की सूचना नहीं है।

निगरानी और आगे की स्थिति

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर और जिला स्तरीय डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के ज़रिये 24 घंटे स्थिति की निगरानी की जा रही है। नदियों का जलस्तर घटने के संकेत राहत की बात हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बाढ़ के बाद पानी उतरने पर संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि राहत और पुनर्बहाली का कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रभावित परिवार सामान्य जीवन में नहीं लौट जाते।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन ढाँचा अधूरा बना हुआ है। नदियों के जलस्तर का खतरे के निशान से नीचे आना राहत की बात है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है — पानी उतरने के बाद फैलने वाली बीमारियाँ, फसल नुकसान का आकलन और विस्थापित परिवारों की घर वापसी। 880 राहत शिविर और 126 बचाव दल तात्कालिक प्रतिक्रिया की तस्वीर देते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य के पास बाढ़ के बाद की पुनर्बहाली के लिए उतनी ही मज़बूत योजना है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा बाढ़ 2026 में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, राज्य के सात जिलों के 76 ब्लॉकों, 505 ग्राम पंचायतों और 1,703 गाँवों में रहने वाले 13,44,698 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 4,87,350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
ओडिशा के कौन-से जिले बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, केंदुझार, केंद्रपाड़ा और सुंदरगढ़ — ये सात जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं। इनमें भी मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा और केंदुझार में स्थिति पिछले कुछ दिनों में सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रही।
ओडिशा बाढ़ में राहत एवं बचाव के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
126 बचाव दल तैनात किए गए हैं — जिनमें 32 ओड्राफ, 8 एनडीआरएफ, 46 अग्निशमन और 40 पुलिस/सिविल डिफेंस टीमें शामिल हैं। 210 नावें और विशेष उपकरण भी लगाए गए हैं। 880 राहत शिविरों में विस्थापितों को रखा गया है और मुफ्त रसोई के ज़रिये 4,95,833 लोगों को भोजन दिया गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है?
93 मेडिकल टीमें और 159 मेडिकल शिविर सक्रिय हैं, जहाँ अब तक 11,549 लोगों को चिकित्सा सहायता मिली है। 150 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया गया है और 44 सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। अब तक किसी महामारी के फैलने की कोई सूचना नहीं है।
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति कब सामान्य होगी?
अधिकारियों के अनुसार प्रमुख नदियों का जलस्तर घट रहा है और वे खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं, जो राहत का संकेत है। हालाँकि स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर 24 घंटे निगरानी जारी रखे हुए है और राहत-पुनर्बहाली कार्य तब तक चलेगा जब तक सभी प्रभावित परिवार सामान्य जीवन में नहीं लौट जाते।
राष्ट्र प्रेस
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