ओडिशा बाढ़: CM माझी ने मोटरसाइकिल-नाव से किया दौरा, 78 लाख प्रभावित, 27 लाख सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार, 17 अगस्त को बाढ़ प्रभावित जाजपुर और भद्रक जिलों का जमीनी दौरा किया — हेलीकॉप्टर की बजाय मोटरसाइकिल और नाव से — और स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं तत्काल राहत राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, बाढ़ से 78 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 27 लाख से अधिक को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
मुख्यमंत्री का जमीनी दौरा
मुख्यमंत्री माझी ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बाढ़ग्रस्त गाँवों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रय स्थलों का जायजा लिया, पीड़ितों को परोसे जा रहे पके हुए भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा की और किसानों से सीधे बातचीत कर फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया। यह दौरा प्रशासनिक बैठकों तक सीमित न रहकर जमीनी हकीकत से रूबरू होने की कोशिश था।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: 'आज मैंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, सूखा और पका हुआ भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं, साथ ही बचाव और सहायता प्रयासों को तेज किया जा रहा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें तत्काल आवश्यक सहायता प्रदान करना जन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन चौबीसों घंटे काम कर रहा है और किसी भी ज़रूरतमंद तक सहायता पहुँचाने में कोई देरी नहीं होगी।
प्रभावित क्षेत्रों का विस्तार
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, छह जिले — बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केन्दुझर, मयूरभंज और केंद्रपाड़ा — बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों के 66 ब्लॉक, 448 ग्राम पंचायतें, 1,304 गाँव और 10 शहरी स्थानीय निकाय प्रभावित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा पहले से ही मानसून की असाधारण तीव्रता का सामना कर रहा है।
राहत एवं बचाव अभियान
मुख्यमंत्री के अनुसार, बचाव और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
आगे की राह
गौरतलब है कि 78 लाख से अधिक प्रभावितों में से अब तक 27 लाख को ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सका है, जो दर्शाता है कि राहत कार्य अभी भी बड़े पैमाने पर जारी रहने की आवश्यकता है। प्रशासन का ध्यान अब शेष प्रभावितों तक पहुँच बनाने और फसल नुकसान के आकलन के बाद मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू करने पर केंद्रित है।