2 अक्टूबर 2026
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रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग: कस्टम्स ने चारों आरोपियों पर ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई

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रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग: कस्टम्स ने चारों आरोपियों पर ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई

सारांश

कस्टम्स विभाग ने 30 सितंबर को 399 पन्नों के आदेश में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव पर ₹89 करोड़ समेत चारों आरोपियों पर कुल ₹270 करोड़ की पेनल्टी ठोकी। DRI गिरफ्तारी, ED की PMLA शिकायत और अब कस्टम्स का यह आदेश — तीन एजेंसियाँ, एक नेटवर्क।

मुख्य बातें

कस्टम्स विभाग ने 30 सितंबर 2026 को 399 पन्नों के आदेश में चारों आरोपियों पर कुल करीब ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई।
रान्या राव पर सर्वाधिक ₹89 करोड़ , तरुण कोंडुरु राजू पर ₹49.51 करोड़ और साहिल जैन व भरत कुमार जैन पर ₹53.06 करोड़ की पेनल्टी।
3 मार्च 2025 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रान्या राव से 14.213 किलो सोना बरामद, कीमत करीब ₹12.56 करोड़ ।
जाँच एजेंसियों के अनुसार मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच दुबई से करीब 113 किलो सोना तस्करी का आरोप।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फरवरी 2026 में PMLA के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की; ईडी के अनुसार कुल तस्करी 127.287 किलो (करीब ₹102.55 करोड़ )।
आरोप है कि बिक्री की रकम नकद और हवाला के ज़रिए विदेश भेजी जाती थी।

कन्नड़ अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या राव की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर गहरी हो गई हैं। कथित सोना तस्करी मामले में कस्टम्स विभाग ने 30 सितंबर 2026 को जारी 399 पन्नों के आदेश में रान्या राव समेत चारों आरोपियों पर कुल करीब ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इस आदेश में रान्या राव, तरुण कोंडुरु राजू, साहिल जैन और भरत कुमार जैन की संदिग्ध भूमिका का विस्तृत उल्लेख किया गया है।

किस पर कितनी पेनल्टी

कस्टम्स के आदेश के अनुसार, रान्या राव पर सबसे अधिक करीब ₹89 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है। तरुण कोंडुरु राजू पर ₹49.51 करोड़ का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर क्रमशः ₹53.06 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है। इन आँकड़ों के अनुसार चारों पर संयुक्त पेनल्टी तकरीबन ₹270 करोड़ बनती है।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे चला नेटवर्क

जाँच एजेंसियों के अनुसार, मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच दुबई से भारत में कथित तौर पर करीब 113 किलो सोना लाया गया। इस कथित नेटवर्क में रान्या राव के अलावा तीनों अन्य आरोपियों की सक्रिय भूमिका होने का आरोप है।

इस मामले में सबसे बड़ी प्रत्यक्ष कार्रवाई 3 मार्च 2025 को हुई, जब दुबई से बेंगलुरु पहुँचीं रान्या राव को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने रोका। उनके पास से 14.213 किलो विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत उस समय करीब ₹12.56 करोड़ बताई गई।

आरोप है कि सोने को शरीर के अलग-अलग हिस्सों, कपड़ों और जूतों में छिपाकर लाया गया था। बाद में उनके आवास की तलाशी में करीब ₹2.67 करोड़ की नकदी और करीब ₹2.06 करोड़ की सोने की ज्वेलरी भी बरामद की गई।

आरोपियों की कथित भूमिका

जाँच में कथित तौर पर सामने आया कि तरुण कोंडुरु राजू दुबई से सोने से जुड़े दस्तावेज़ और डिलीवरी संभालता था। वहीं साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर भारत में सोना बेचने और धन के लेन-देन में सहयोग करने का आरोप है।

कस्टम्स के अनुसार, भारत में सोने की बिक्री से प्राप्त राशि का एक हिस्सा नकद में और दूसरा हिस्सा हवाला के माध्यम से विदेश भेजे जाने का आरोप है। यह ऐसे समय में आया है जब सोने की तस्करी से जुड़े मामलों में हवाला नेटवर्क की संलिप्तता पर एजेंसियाँ लगातार नज़र रख रही हैं।

ईडी की जाँच और पीएमएलए कार्रवाई

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी समानांतर जाँच कर चुका है। ईडी ने अपनी जाँच में मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.287 किलो सोना कथित तस्करी के ज़रिए भारत लाने का दावा किया था, जिसकी कीमत करीब ₹102.55 करोड़ आँकी गई।

गौरतलब है कि ईडी ने फरवरी 2026 में रान्या राव, तरुण कोंडुरु और साहिल सकरिया जैन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। यह तीसरी बड़ी एजेंसी कार्रवाई है जो इस नेटवर्क पर कसता शिकंजा दर्शाती है।

आगे क्या होगा

कस्टम्स के इस नए आदेश के बाद सभी चारों आरोपियों पर एक साथ कई मोर्चों — DRI, कस्टम्स और ED — की कार्रवाई का दबाव बना हुआ है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पेनल्टी के इस आदेश को आरोपी ट्रिब्यूनल में चुनौती दे सकते हैं, लेकिन PMLA अभियोजन शिकायत के साथ-साथ यह मामला और जटिल होता जाएगा। रान्या राव के अगले कदम पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कस्टम्स और ED, तीन एजेंसियों की एक साथ कार्रवाई यह दर्शाती है कि दुबई-भारत सोना तस्करी नेटवर्क संगठित और बहुस्तरीय था। ₹270 करोड़ की पेनल्टी प्रभावशाली आँकड़ा लगती है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस नेटवर्क के और कितने सिरे अभी उजागर नहीं हुए हैं — खासकर हवाला चैनल जो कथित रूप से रकम विदेश भेजता था। PMLA शिकायत के साथ-साथ कस्टम्स पेनल्टी का यह संयोजन आरोपियों की संपत्ति पर दीर्घकालिक दबाव बनाएगा, लेकिन ट्रिब्यूनल स्तर पर लंबी कानूनी लड़ाई इस दबाव को नरम भी कर सकती है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में कस्टम्स ने क्या कार्रवाई की है?
कस्टम्स विभाग ने 30 सितंबर 2026 को 399 पन्नों का आदेश जारी कर रान्या राव पर ₹89 करोड़ समेत चारों आरोपियों पर कुल करीब ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इस आदेश में रान्या राव, तरुण कोंडुरु राजू, साहिल जैन और भरत कुमार जैन की कथित भूमिका का विस्तृत उल्लेख है।
रान्या राव को पहली बार कब और कहाँ पकड़ा गया था?
3 मार्च 2025 को दुबई से बेंगलुरु पहुँचने पर केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर DRI ने रान्या राव को रोका था। उनके पास से 14.213 किलो विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब ₹12.56 करोड़ बताई गई थी।
इस सोना तस्करी नेटवर्क में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका बताई गई है?
जाँच एजेंसियों के अनुसार तरुण कोंडुरु राजू दुबई की तरफ से सोने के दस्तावेज़ और डिलीवरी संभालता था, जबकि साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर भारत में सोना बेचने और धन लेन-देन में सहयोग का आरोप है। बिक्री की रकम नकद और हवाला के ज़रिए विदेश भेजे जाने का आरोप भी है।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
ED ने अपनी जाँच में मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.287 किलो सोना तस्करी (करीब ₹102.55 करोड़) का दावा किया था। फरवरी 2026 में रान्या राव, तरुण कोंडुरु और साहिल सकरिया जैन के खिलाफ PMLA के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की गई।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
कस्टम्स पेनल्टी को आरोपी ट्रिब्यूनल में चुनौती दे सकते हैं, जिससे यह मामला कानूनी रूप से लंबा खिंच सकता है। साथ ही PMLA शिकायत के चलते संपत्ति कुर्की और आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया भी समानांतर चलती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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