रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग: कस्टम्स ने चारों आरोपियों पर ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई
सारांश
मुख्य बातें
कन्नड़ अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या राव की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर गहरी हो गई हैं। कथित सोना तस्करी मामले में कस्टम्स विभाग ने 30 सितंबर 2026 को जारी 399 पन्नों के आदेश में रान्या राव समेत चारों आरोपियों पर कुल करीब ₹270 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इस आदेश में रान्या राव, तरुण कोंडुरु राजू, साहिल जैन और भरत कुमार जैन की संदिग्ध भूमिका का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
किस पर कितनी पेनल्टी
कस्टम्स के आदेश के अनुसार, रान्या राव पर सबसे अधिक करीब ₹89 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है। तरुण कोंडुरु राजू पर ₹49.51 करोड़ का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर क्रमशः ₹53.06 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है। इन आँकड़ों के अनुसार चारों पर संयुक्त पेनल्टी तकरीबन ₹270 करोड़ बनती है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे चला नेटवर्क
जाँच एजेंसियों के अनुसार, मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच दुबई से भारत में कथित तौर पर करीब 113 किलो सोना लाया गया। इस कथित नेटवर्क में रान्या राव के अलावा तीनों अन्य आरोपियों की सक्रिय भूमिका होने का आरोप है।
इस मामले में सबसे बड़ी प्रत्यक्ष कार्रवाई 3 मार्च 2025 को हुई, जब दुबई से बेंगलुरु पहुँचीं रान्या राव को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने रोका। उनके पास से 14.213 किलो विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत उस समय करीब ₹12.56 करोड़ बताई गई।
आरोप है कि सोने को शरीर के अलग-अलग हिस्सों, कपड़ों और जूतों में छिपाकर लाया गया था। बाद में उनके आवास की तलाशी में करीब ₹2.67 करोड़ की नकदी और करीब ₹2.06 करोड़ की सोने की ज्वेलरी भी बरामद की गई।
आरोपियों की कथित भूमिका
जाँच में कथित तौर पर सामने आया कि तरुण कोंडुरु राजू दुबई से सोने से जुड़े दस्तावेज़ और डिलीवरी संभालता था। वहीं साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर भारत में सोना बेचने और धन के लेन-देन में सहयोग करने का आरोप है।
कस्टम्स के अनुसार, भारत में सोने की बिक्री से प्राप्त राशि का एक हिस्सा नकद में और दूसरा हिस्सा हवाला के माध्यम से विदेश भेजे जाने का आरोप है। यह ऐसे समय में आया है जब सोने की तस्करी से जुड़े मामलों में हवाला नेटवर्क की संलिप्तता पर एजेंसियाँ लगातार नज़र रख रही हैं।
ईडी की जाँच और पीएमएलए कार्रवाई
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी समानांतर जाँच कर चुका है। ईडी ने अपनी जाँच में मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.287 किलो सोना कथित तस्करी के ज़रिए भारत लाने का दावा किया था, जिसकी कीमत करीब ₹102.55 करोड़ आँकी गई।
गौरतलब है कि ईडी ने फरवरी 2026 में रान्या राव, तरुण कोंडुरु और साहिल सकरिया जैन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। यह तीसरी बड़ी एजेंसी कार्रवाई है जो इस नेटवर्क पर कसता शिकंजा दर्शाती है।
आगे क्या होगा
कस्टम्स के इस नए आदेश के बाद सभी चारों आरोपियों पर एक साथ कई मोर्चों — DRI, कस्टम्स और ED — की कार्रवाई का दबाव बना हुआ है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पेनल्टी के इस आदेश को आरोपी ट्रिब्यूनल में चुनौती दे सकते हैं, लेकिन PMLA अभियोजन शिकायत के साथ-साथ यह मामला और जटिल होता जाएगा। रान्या राव के अगले कदम पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं।