राजेश एक्सपोर्ट्स पर ईडी की बड़ी कार्रवाई: बेंगलुरु-मुंबई में 9 ठिकानों पर छापे, $2 करोड़ विदेश भेजने का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार, 23 जून को बेंगलुरु और मुंबई में राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी में बेनामी शेयर लेनदेन, सोने के स्टॉक में गड़बड़ी और 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की विदेशी धन-प्रेषण सहित कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएँ सामने आई हैं।
बेनामी शेयर लेनदेन और विदेशी धन-प्रेषण
जाँच में खुलासा हुआ है कि बेनामीदारों ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों में कई बार लेनदेन किया। ईडी के अनुसार, इस प्रक्रिया में देश से 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि अवैध रूप से बाहर भेजी गई। यह ऐसे समय में सामने आया है जब विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत पूँजी खाते के लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सोने के स्टॉक में 40% की कमी
जाँच के दौरान सोने की भौतिक इन्वेंट्री और खाते की किताबों में दर्ज स्टॉक के बीच 40 प्रतिशत का अंतर पाया गया। अर्थात् कंपनी के रिकॉर्ड में जितना सोना दिखाया गया, वास्तविक भंडार उससे काफी कम था। इसके अलावा, लगभग ₹3,000 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स का निपटान सोने के आयात के बदले किया गया है, जिसकी डिलीवरी को जाँचकर्ता संदिग्ध मान रहे हैं।
अफ्रीकी खदानों में अदृश्य निवेश
ईडी को जाँच में यह भी पता चला कि आरईएल ने अफ्रीकी सोने की खदानों में ₹1,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (ओडीआई) किया है। हालाँकि, यह निवेश कंपनी की किसी भी सहायक इकाई के खातों में दर्ज नहीं है — जो वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यूएई की संदिग्ध कंपनियों से लेनदेन
छापेमारी में यूएई की 4-5 संदिग्ध विदेशी कंपनियों के साथ लगभग ₹3,000 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स और ट्रेड पेबल्स की नेटिंग-ऑफ का भी खुलासा हुआ है। ईडी के अनुसार, इन कंपनियों की साख संदिग्ध है और इनके साथ किए गए लेनदेन की प्रकृति जाँच के दायरे में है। आरईएल मामले में ईडी की जाँच लगातार जारी है।
तमिलनाडु में भी ईडी की समानांतर कार्रवाई
उसी दिन तमिलनाडु में ईडी ने टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीआरबी) पॉलीटेक्निक लेक्चरर भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 18 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और मदुरै में की गई। यह मामला वर्ष 2017 में चेन्नई सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर और 2021 में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है। जाँच 1,058 लेक्चररों की भर्ती के लिए आयोजित टीआरबी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है, जिसमें सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में नियुक्ति के बदले बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन के आरोप हैं। आने वाले दिनों में दोनों मामलों में ईडी की जाँच और गहरी होने की संभावना है।